सहारनपुर: जिला पंचायत कार्यालय में जमकर हंगामा, तीखी नोकझोंक, फिर हाथापाई
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सहारनपुर जिला पंचायत कार्यालय में पुनरक्षित बजट और पूर्व की बैठकों की कार्यवाही की पुष्टि के लिए हुई बैठक में हंगामा हो गया। जिला पंचायत सदस्य ने विकास कार्य कराने में सदस्यों के साथ पक्षपात करने का आरोप लगाया, जिसके बाद आरोप प्रत्यारोप का दौर अभद्र भाषा तक पहुंच गया। तीखी नोकझोंक हुई और हाथापाई तक हो गई। जिम्मेदार सदस्यों ने बीच बचाव कराया और दोनों पक्षों को समझाकर शांत किया।
बुधवार को जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में मुख्य विकास अधिकारी प्रणय सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष तसमीम बानो, अपर मुख्याधिकारी डाक्टर सुमनलता की मौजूदगी में बैठक हुई। जिसमें पूर्व की बैठकों की कार्यवाही की पुष्टि के साथ ही पुनरक्षित बजट 2018-19 एवं मूल बजट 2019-20 की स्वीकृति, 2018-19 की कार्य योजना से हटाए गए कार्यों के स्थान पर अवशेष कार्यों की संशोधित सूची की स्वीकृति और ग्राम भारीदीनदारपुर में जिला पंचायत की भूमि पर अस्थायी गोआश्रय स्थल संचालन की स्वीकृति पर विचार होना था। बैठक में गहमागहमी होने पर मुख्य विकास अधिकारी वहां से चले गए, जिसके बाद बैठक में आरोप प्रत्यारोप लगने लगे।
जिला पंचायत सदस्य राजू माजरा और सदस्य प्रतिनिधि घनश्याम ने कहा कि जिला पंचायत की तरफ से कराए जा रहे कार्यों में सदस्यों के साथ पक्षपात किया जा रहा है, जबकि सभी सदस्यों के क्षेत्रों में समान रूप से कार्य होने चाहिए। राजू माजरा और घनश्याम ने आरोप लगाया कि जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि माजिद अली ने सदस्यों के बारे में अभद्र भाषा का प्रयोग किया और धमकियां दीं। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध करने पर माजिद अली ने बाहरी व्यक्तियों को बुलाकर मारपीट की। इसके बाद बैठक में जमकर हंगामा हुआ, जिससे अफरा तफरी मच गई। जिला पंचायत के अन्य जिम्मेदार सदस्यों ने दोनों पक्षों को समझाया और बैठक से बाहर ले आए। वहां भी दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। फिर सदस्यों ने बैठक करने से इंकार कर दिया।
इसी दौरान सूचना मिलने पर पुलिस भी वहां पहुंच गई। हालांकि जिम्मेदार कुछ सदस्यों ने खुद ही विवाद को निपटाने का प्रयास किया और दोनों ही पक्षों से अलग अलग बैठ कर वार्ता की। हालांकि शाम तक मामले में समझौता नहीं हो सका।
दोनों पक्षों ने लगाए आरोप
जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि माजिद अली ने बताया कि उन्होंने किसी के साथ अभद्र व्यवहार नहीं किया, सदस्यों के आरोप बेबुनियाद हैं। जो आरोप अब लगा रहे हैं, पहले तो कभी ऐसे आरोप नहीं लगाए गए। विकास कार्यों में अड़ंगा डालने के लिए विवाद पैदा किया गया।
‘बाहर से गुंडे बुलाकर हमला कराया’
जिला पंचायत सदस्य के प्रतिनिधि घनश्याम ने बताया कि जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि ने सदस्यों से अभद्रता की और बाहर से गुंडे बुलाकर मारपीट कराई। बाहर भी पिटवाने की धमकी तक दी गई। जिला पंचायत सदस्य राजू माजरा ने आरोप लगाया कि तीन साल से जिला पंचायत में मनमानी चल रही है। सदस्यों के मान सम्मान को भी ठेस पहुंचाई जा रही है। कोई विरोध करता है, तो धमकी दी जाती है।
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