यूपी: करंट लगने से अधिवक्ता की मौत, वकीलों का जमकर हंगामा, पीड़ित परिवार के लिए 25 लाख की मांग
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बिजनौर जिले में किरतपुर थाना क्षेत्र के गांव शाहबपुरा में कूलर ठीक करते वक्त करंट लगने से बेहोश हुए अधिवक्ता की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। अधिवक्ताओं ने चिकित्सकों पर भर्ती करने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना पर अस्पताल पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया।
किरतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम शाहबपुरा रतन निवासी अधिवक्ता विपिन चौधरी (45) पुत्र धर्मपाल सिंह अपने बच्चों के साथ बिजनौर की आवास विकास कॉलोनी में रहते थे। मंगलवार सुबह घर में रखे कूलर में खराबी आ गई। विपिन कूलर को ठीक करने लगे। इसी दौरान करंट लगने से वह बेहोश हो गए। उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। आरोप है कि अधिवक्ता को अस्पताल में भर्ती करने में आनाकानी की गई। बिना देखे ही अस्पताल से ले जाने को कहा गया। इस बात पर अधिवक्ता भड़क गए। विधायक रुचि चौधरी, पति मौसम चौधरी व ससुर अधिवक्ता राजेंद्र कुमार भी अस्पताल पहुंच गए। हंगामा बढ़ता देख चिकित्सकों ने अधिवक्ता का उपचार शुरू किया। मगर, कुछ ही समय बाद उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इससे अधिवक्ताओं में आक्रोश फैल गया। उन्होंने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। सूचना पर अस्पताल पहुंची पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत किया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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उधर, अधिवक्ता की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिवार में उनकी पत्नी, एक बेटी और बेटा हैं। बेटी इंटरमीडिएट की छात्रा है। पत्नी किडनी की बीमारी से जूझ रही है। अधिवक्ता की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया है। बच्चों की पढ़ाई और पत्नी की दवाई का खर्चे आदि के लिए आमदनी का कोई दूसरा जरिया नहीं है।
अधिवक्ता के परिजनों को 25 लाख का मुआवजा देने की मांग
अधिवक्ता विपिन चौधरी की मौत होने पर अधिवक्ताओं में विद्युत निगम के खिलाफ रोष है। जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके बबली व महासचिव नवदीप सिंह ने विद्युत निगम पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने वकील के परिजनों को 25 लाख रुपये का मुआवजा विद्युत निगम के अधिकारियों से देने की मांग की है। शोकाकुल वकील बुधवार को न्यायिक कार्य से विरत रहेंगे।
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