{"_id":"5d4c886f8ebc3e6d22783f5f","slug":"rto-trouble-to-send-dl-at-home-meerut-news-mrt437410814","type":"story","status":"publish","title_hn":"आरटीओ के लिए मुसीबत बना डीएल घर भेजना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आरटीओ के लिए मुसीबत बना डीएल घर भेजना
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मेरठ। आरटीओ की ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) घर भेजो योजना राहत की बजाय आफत बनती जा रही है। प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद किसी भी आवेदक का डीएल सात दिन के अंदर घर नहीं पहुंच पा रहा है। जबकि इस कार्य के लिए परिवहन विभाग ने आउटसोर्स एजेंसी को ठेका दिया है। ट्रैफिक पुलिस भी डीएल बनने की रसीद को नहीं मान रही है, ऐसे में बिना डीएल के लोगों का चालान कट रहा है।
परिवहन विभाग ने डीएल सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया के बाद परमानेंट डीएल को आवेदकों के घर भेजने की शुरुआत की है। इससे आवेदक का पता भी सत्यापित हो जाता है। पहले इस प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए आवेदक से स्पीड पोस्ट लिफाफा लिया जाता था ताकि उसका डीएल उसके घर भेजा जा सके, लेकिन डाक विभाग की लेटलतीफी के चलते डीएल पहुंचने में देर हो रही थी। तमाम शिकायतों और परेशानियों को देखते हुए परिवहन विभाग ने इसकी जिम्मेदारी आउटसोर्स एजेंसी मेसर्स स्मार्ट चिप प्राइवेट लिमिटेड को दे दी थी।
आरटीओ से डीएल प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद लखनऊ मुख्यालय पर डीएल की प्रिंटिंग और डिस्पैच होने के बाद एजेंसी डीएल को स्पीड पोस्ट द्वारा आवेदक के घर भेजती है। एजेंसी को डीएल पहुंचाने के लिए सात दिन का समय दिया गया है, लेकिन किसी भी अभ्यर्थी को उनका डीएल सात दिन के अंदर नहीं मिल रहा है। थापर नगर निवासी सचिन ने बताया कि उनका डीएल 25 दिन पहले बना था लेेकिन अभी तक घर नहीं पहुंचा है। एजेंसी द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-152 (टोल फ्री) पर भी शिकायत करने के बाद समाधान नहीं हुआ है।
विज्ञापन
मुख्यालय अवगत कराया गया है
अब डीएल घर भिजवाने का कार्य केंद्रीकृत हो गया है। आउटसोर्स कंपनी लखनऊ से सभी अभ्यर्थियों के डीएल कोरियर से घर भिजवाती है। डीएल पहुंचने में देरी की शिकायतों से मुख्यालय को अवगत कराया गया है। - डॉ. विजय कुमार, आरटीओ
विज्ञापन
परिवहन विभाग ने डीएल सिस्टम को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया के बाद परमानेंट डीएल को आवेदकों के घर भेजने की शुरुआत की है। इससे आवेदक का पता भी सत्यापित हो जाता है। पहले इस प्रक्रिया को पूर्ण करने के लिए आवेदक से स्पीड पोस्ट लिफाफा लिया जाता था ताकि उसका डीएल उसके घर भेजा जा सके, लेकिन डाक विभाग की लेटलतीफी के चलते डीएल पहुंचने में देर हो रही थी। तमाम शिकायतों और परेशानियों को देखते हुए परिवहन विभाग ने इसकी जिम्मेदारी आउटसोर्स एजेंसी मेसर्स स्मार्ट चिप प्राइवेट लिमिटेड को दे दी थी।
विज्ञापन
आरटीओ से डीएल प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद लखनऊ मुख्यालय पर डीएल की प्रिंटिंग और डिस्पैच होने के बाद एजेंसी डीएल को स्पीड पोस्ट द्वारा आवेदक के घर भेजती है। एजेंसी को डीएल पहुंचाने के लिए सात दिन का समय दिया गया है, लेकिन किसी भी अभ्यर्थी को उनका डीएल सात दिन के अंदर नहीं मिल रहा है। थापर नगर निवासी सचिन ने बताया कि उनका डीएल 25 दिन पहले बना था लेेकिन अभी तक घर नहीं पहुंचा है। एजेंसी द्वारा जारी हेल्पलाइन नंबर 1800-1800-152 (टोल फ्री) पर भी शिकायत करने के बाद समाधान नहीं हुआ है।
विज्ञापन
मुख्यालय अवगत कराया गया है
अब डीएल घर भिजवाने का कार्य केंद्रीकृत हो गया है। आउटसोर्स कंपनी लखनऊ से सभी अभ्यर्थियों के डीएल कोरियर से घर भिजवाती है। डीएल पहुंचने में देरी की शिकायतों से मुख्यालय को अवगत कराया गया है। - डॉ. विजय कुमार, आरटीओ