{"_id":"60fc80118ebc3e580f63c82b","slug":"rs-8-lacs-fraud-in-online-game-meerut-news-mrt548888249","type":"story","status":"publish","title_hn":"रिटायर्ड आर्मी कैप्टन के पोते को ब्लैकमेल करके आठ लाख लूटे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रिटायर्ड आर्मी कैप्टन के पोते को ब्लैकमेल करके आठ लाख लूटे
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रिटायर्ड कैप्टन के पोते को ब्लैकमेल कर आठ लाख ठगे
मेरठ। रिटायर्ड आर्मी कैप्टन के पोते को ब्लैकमेल कर साइबर अपराधियों ने आठ लाख रुपये ठग लिए। करीब एक महीने तक बालक दहशत में रहा और उसने परिवार को कुछ नहीं बताया। अब एक महीने बाद कैप्टन ने बैंक से पैसे निकाले, तब जाकर इसकी जानकारी लगी। पूछने के बाद बच्चे ने सारी बात बताई। कैप्टन ने साइबर सेल में इसकी शिकायत की। पीड़ित परिवार ने साइबर अपराधियों का ब्योरा जुटाया और इसकी जानकारी पुलिस को दी।
सरधना के नाहली पिठलोकर गांव के मूल निवासी रामशरण सिंह कंकरखेड़ा के कासमपुर में परिवार के साथ रहते हैं। रामशरण आर्मी में कैप्टन पद से रिटायर्ड हैं। शनिवार को कैप्टन परिवार के साथ कमिश्नरी चौराहे पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि छह जून को उनका 11 साल का पोता भूवेश सोम मोबाइल पर गेम खेल रहा था। तभी फ्री फायर गेम का ऑफर आया, जिस पर भूवेश ने क्लिक कर दिया। गेम ऑनलाइन चलने लगा। इसमें करीब 10 लोग जुड़े थे। आरोप है कि इसी दौरान बच्चे से पहले 1200 और फिर 30 हजार रुपये डलवाए गए। उसे दादा रामशरण के अकाउंट की पूरी जानकारी थी। बस फिर क्या था, बच्चे को फोन और मेसेज करके जान से मारने की धमकी दी गई।
बच्चा दहशत में आ गया और उसने अपने दादा के अकाउंट की जानकारी उनको दे दी। इसके बाद आरोपियों ने एक महीने में आठ लाख रुपये अकाउंट से ट्रांसफर कर लिए। अब 21 जुलाई को कैप्टन ने बैंक से पैसे निकाले, तब जाकर पता चला कि उसके अकाउंट से आठ लाख रुपये गायब हो गए।
विज्ञापन
उन्होंने इस मामले की शिकायत साइबर सेल से की। कैप्टन ने बताया कि बैंक से सारा ब्योरा जुटाया। इसमें अंकित यादव ने 2.16 लाख, अभिषेक ओझा ने 95 हजार और सिमरन राजपूत ने पांच हजार रुपये निकलवाए। अन्य लोगों के अकाउंट में भी पैसे डलवाए गए। इन तीन लोगों की फोटो और डिटेल्स कैप्टन ने साइबर सेल को भी सौंपी है। उन्होंने कहा कि अकाउंट में पेंशन भी थी। एसपी क्राइम रामअर्ज का कहना है कि मामले की जांच के बाद कार्रवाई करें।
-----
सावधान... आपके साथ न हो जाए ठगी
एसपी क्राइम ने कहा कि सावधान रहने की जरूरत है। कोविड के चलते बच्चे ज्यादातर समय मोबाइल पर बिता रहे हैं। गेम्स खेलने के चक्कर में बच्चे साइबर अपराधियों परिवार के बैंक खातों की जानकारी दे देते हैं। इसके बाद ठगी कर ली जाती है। ऐसी कई शिकायतें साइबर सेल में आ रही हैं। ऐसे मामले में सावधान रहने की जरूरत है। इसलिए बच्चों को फोन देने से पहले नंबर से लिंक खातों के बारे में खुद अपडेट रहेें और उनकी अधिक जानकारी शेयर न करें।ताकि पैसे को सुरक्षित रखा जाए। बच्चे को भी समझाए कि ऑनलाइन क्लास करें, इसके अलावा आपका बच्चा मोबाइल में क्या कर रहा है। इसकी जानकारी अभिभावक को होनी चाहिए।
विज्ञापन
मेरठ। रिटायर्ड आर्मी कैप्टन के पोते को ब्लैकमेल कर साइबर अपराधियों ने आठ लाख रुपये ठग लिए। करीब एक महीने तक बालक दहशत में रहा और उसने परिवार को कुछ नहीं बताया। अब एक महीने बाद कैप्टन ने बैंक से पैसे निकाले, तब जाकर इसकी जानकारी लगी। पूछने के बाद बच्चे ने सारी बात बताई। कैप्टन ने साइबर सेल में इसकी शिकायत की। पीड़ित परिवार ने साइबर अपराधियों का ब्योरा जुटाया और इसकी जानकारी पुलिस को दी।
सरधना के नाहली पिठलोकर गांव के मूल निवासी रामशरण सिंह कंकरखेड़ा के कासमपुर में परिवार के साथ रहते हैं। रामशरण आर्मी में कैप्टन पद से रिटायर्ड हैं। शनिवार को कैप्टन परिवार के साथ कमिश्नरी चौराहे पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि छह जून को उनका 11 साल का पोता भूवेश सोम मोबाइल पर गेम खेल रहा था। तभी फ्री फायर गेम का ऑफर आया, जिस पर भूवेश ने क्लिक कर दिया। गेम ऑनलाइन चलने लगा। इसमें करीब 10 लोग जुड़े थे। आरोप है कि इसी दौरान बच्चे से पहले 1200 और फिर 30 हजार रुपये डलवाए गए। उसे दादा रामशरण के अकाउंट की पूरी जानकारी थी। बस फिर क्या था, बच्चे को फोन और मेसेज करके जान से मारने की धमकी दी गई।
विज्ञापन
बच्चा दहशत में आ गया और उसने अपने दादा के अकाउंट की जानकारी उनको दे दी। इसके बाद आरोपियों ने एक महीने में आठ लाख रुपये अकाउंट से ट्रांसफर कर लिए। अब 21 जुलाई को कैप्टन ने बैंक से पैसे निकाले, तब जाकर पता चला कि उसके अकाउंट से आठ लाख रुपये गायब हो गए।
विज्ञापन
उन्होंने इस मामले की शिकायत साइबर सेल से की। कैप्टन ने बताया कि बैंक से सारा ब्योरा जुटाया। इसमें अंकित यादव ने 2.16 लाख, अभिषेक ओझा ने 95 हजार और सिमरन राजपूत ने पांच हजार रुपये निकलवाए। अन्य लोगों के अकाउंट में भी पैसे डलवाए गए। इन तीन लोगों की फोटो और डिटेल्स कैप्टन ने साइबर सेल को भी सौंपी है। उन्होंने कहा कि अकाउंट में पेंशन भी थी। एसपी क्राइम रामअर्ज का कहना है कि मामले की जांच के बाद कार्रवाई करें।
-----
सावधान... आपके साथ न हो जाए ठगी
एसपी क्राइम ने कहा कि सावधान रहने की जरूरत है। कोविड के चलते बच्चे ज्यादातर समय मोबाइल पर बिता रहे हैं। गेम्स खेलने के चक्कर में बच्चे साइबर अपराधियों परिवार के बैंक खातों की जानकारी दे देते हैं। इसके बाद ठगी कर ली जाती है। ऐसी कई शिकायतें साइबर सेल में आ रही हैं। ऐसे मामले में सावधान रहने की जरूरत है। इसलिए बच्चों को फोन देने से पहले नंबर से लिंक खातों के बारे में खुद अपडेट रहेें और उनकी अधिक जानकारी शेयर न करें।ताकि पैसे को सुरक्षित रखा जाए। बच्चे को भी समझाए कि ऑनलाइन क्लास करें, इसके अलावा आपका बच्चा मोबाइल में क्या कर रहा है। इसकी जानकारी अभिभावक को होनी चाहिए।