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Meerut News: मिलों पर 383 करोड़ रुपया बकाया, परेशानी में किसान
Tue, 10 Sep 2024 02:55 AM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Tue, 10 Sep 2024 02:55 AM IST
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शामली। जिले की तीनों चीनी मिलो का नया पेराई सत्र वर्ष 2024-25 आगामी 30-31 अक्तूबर में शुरू हो रहा है। जिले की थानाभवन, ऊन चीनी मिलों पर वर्ष 2023-24 का 170 करोड़ और वर्ष 2022-23 का शामली मिल पर 213 करोड़ रुपये बकाया है। बकाया भुगतान नहीं होने के कारण किसान परेशान है। किसानों ने साफ कह दिया कि यदि जल्द भुगतान नहीं किया तो आंदोलन किया जाएगा।
किसान यामीन खान, राजीव कुमार, ललित कुमार का कहना है कि समय पर चीनी मिलों की ओर से किसानों का गन्ना भुगतान न होने से किसानों के स्कूली बच्चों की फीस जमा नहीं हो पा रही है। किसानों पर बाजार की उधारी बढ़ रही है।
एक स्कूल की 2 लाख रुपये तक फीस बकाया
शामली। महाराजा सूरजमल के स्कूल के प्रबंधक श्यामपाल सिंह ने बताया कि किसानों के बच्चों पर 32 लाख रुपये की स्कूली फीस रुकी हुई है। बीएसएम स्कूल के चेयरमैन सूर्यवीर सिंह का कहना है कि किसानों पर दस प्रतिशत बच्चों की फीस जमा नहीं हुई है। जिसके कारण परेशानी हो रही है।
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किसानों के हाथों में पैसा आते ही बाजार होता है गुलजार
व्यापारी अंकित कुमार, पंकज कुमार, नरेंद्र अग्रवाल का कहना कि जब किसानों के हाथों में पैसा होता है तो बाजार भी गुलजार होता है। त्योहार आ रहे हैं, किसान को भुगतान नहीं हुआ तो बाजार भी अच्छा नहीं रहेगा।
यह बोले अधिकारी
डीसीओ रणजीत कुशवाहा का कहना है कि थानाभवन चीनी मिल बिजली सप्लाई की धनराशि शासन से मिलने के बाद संपूर्ण भुगतान की बात कर रहा है। ऊन और शामली चीनी मिल के अधिकारी 30 सितंबर तक संपूर्ण गन्ना भुगतान की बात कह रहे हैं। जल्द भुगतान कराने का प्रयास किया जाएगा।
त्रिवेणी ग्रुप से जगी थी उम्मीद
किसानों का कहना है कि शामली मिल त्रिवेणी ग्रुप के पास जा चुका है मगर इसके बाद भी उन्हें बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा है। त्रिवेणी ग्रुप के पास मिल जाने पर उन्हें उम्मीद जगी थी कि जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा। मगर अभी तक भुगतान नहीं किया गया।
किसानों को 20 सितंबर से भुगतान शुरू कर दिया जाएगा। नए सत्र चलने से पहले पूरा बकाया भुगतान किया जाएगा। किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
अनिल त्यागी, यूनिट हेड शुगर मिल शामली
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किसान यामीन खान, राजीव कुमार, ललित कुमार का कहना है कि समय पर चीनी मिलों की ओर से किसानों का गन्ना भुगतान न होने से किसानों के स्कूली बच्चों की फीस जमा नहीं हो पा रही है। किसानों पर बाजार की उधारी बढ़ रही है।
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एक स्कूल की 2 लाख रुपये तक फीस बकाया
शामली। महाराजा सूरजमल के स्कूल के प्रबंधक श्यामपाल सिंह ने बताया कि किसानों के बच्चों पर 32 लाख रुपये की स्कूली फीस रुकी हुई है। बीएसएम स्कूल के चेयरमैन सूर्यवीर सिंह का कहना है कि किसानों पर दस प्रतिशत बच्चों की फीस जमा नहीं हुई है। जिसके कारण परेशानी हो रही है।
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किसानों के हाथों में पैसा आते ही बाजार होता है गुलजार
व्यापारी अंकित कुमार, पंकज कुमार, नरेंद्र अग्रवाल का कहना कि जब किसानों के हाथों में पैसा होता है तो बाजार भी गुलजार होता है। त्योहार आ रहे हैं, किसान को भुगतान नहीं हुआ तो बाजार भी अच्छा नहीं रहेगा।
यह बोले अधिकारी
डीसीओ रणजीत कुशवाहा का कहना है कि थानाभवन चीनी मिल बिजली सप्लाई की धनराशि शासन से मिलने के बाद संपूर्ण भुगतान की बात कर रहा है। ऊन और शामली चीनी मिल के अधिकारी 30 सितंबर तक संपूर्ण गन्ना भुगतान की बात कह रहे हैं। जल्द भुगतान कराने का प्रयास किया जाएगा।
त्रिवेणी ग्रुप से जगी थी उम्मीद
किसानों का कहना है कि शामली मिल त्रिवेणी ग्रुप के पास जा चुका है मगर इसके बाद भी उन्हें बकाया भुगतान नहीं किया जा रहा है। त्रिवेणी ग्रुप के पास मिल जाने पर उन्हें उम्मीद जगी थी कि जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा। मगर अभी तक भुगतान नहीं किया गया।
किसानों को 20 सितंबर से भुगतान शुरू कर दिया जाएगा। नए सत्र चलने से पहले पूरा बकाया भुगतान किया जाएगा। किसानों को परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
अनिल त्यागी, यूनिट हेड शुगर मिल शामली