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Meerut News: रोबिन सिरोही बने असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर
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संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। सकौती टांडा गांव निवासी रोबिन सिरोही ने एसएससी सीजीएल परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्हें केंद्रीय सचिवालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (एएसओ) पद पर चयनित किया गया है। उनके चयन से गांव में खुशी का माहौल है।
उनके पिता संजीव सिरोही किसान हैं और माता गृहिणी हैं। उनके छोटे भाई विशाल सीआईएसएफ में उप निरीक्षक हैं। रोबिन ने प्रारंभिक शिक्षा गांव के हितकारी किसान इंटर कॉलेज से पूरी की। वह शुरू से ही मेधावी छात्र रहे। स्नातक के दौरान उन्हें कमर के निचले हिस्से में चोट लग गई, जिससे करीब चार साल तक शारीरिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने धीरे-धीरे इस समस्या से उबरते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखी।
वर्ष 2020 से रोबिन ने एसएससी सीजीएल की तैयारी शुरू की। 2021 में पहले प्रयास में प्रीलिम्स परीक्षा पास की। हालांकि, वे फाइनल मेरिट से कुछ अंकों से बाहर रह गए। इसके बाद 2022, 2023 और 2024 में भी उन्होंने लगातार प्रीलिम्स पास किए लेकिन हर बार अंतिम सूची में पिछड़ते रहे।
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उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस उप निरीक्षक सहित कई परीक्षाओं के लिखित चरण पास किए। करीब 33 परीक्षाओं में फाइनल मेरिट से बाहर होने के बाद वह मानसिक रूप से टूट चुके थे। वर्ष 2025 में उनका चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल पद पर हुआ। जून 2025 में नौकरी का कार्यभार संभालने के बाद भी उन्होंने तैयारी जारी रखी। 8 अप्रैल 2026 को घोषित परिणाम में उनका चयन एएसओ पद पर हो गया।
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दौराला। सकौती टांडा गांव निवासी रोबिन सिरोही ने एसएससी सीजीएल परीक्षा में सफलता हासिल की है। उन्हें केंद्रीय सचिवालय में असिस्टेंट सेक्शन ऑफिसर (एएसओ) पद पर चयनित किया गया है। उनके चयन से गांव में खुशी का माहौल है।
उनके पिता संजीव सिरोही किसान हैं और माता गृहिणी हैं। उनके छोटे भाई विशाल सीआईएसएफ में उप निरीक्षक हैं। रोबिन ने प्रारंभिक शिक्षा गांव के हितकारी किसान इंटर कॉलेज से पूरी की। वह शुरू से ही मेधावी छात्र रहे। स्नातक के दौरान उन्हें कमर के निचले हिस्से में चोट लग गई, जिससे करीब चार साल तक शारीरिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी। उन्होंने धीरे-धीरे इस समस्या से उबरते हुए अपनी पढ़ाई जारी रखी।
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वर्ष 2020 से रोबिन ने एसएससी सीजीएल की तैयारी शुरू की। 2021 में पहले प्रयास में प्रीलिम्स परीक्षा पास की। हालांकि, वे फाइनल मेरिट से कुछ अंकों से बाहर रह गए। इसके बाद 2022, 2023 और 2024 में भी उन्होंने लगातार प्रीलिम्स पास किए लेकिन हर बार अंतिम सूची में पिछड़ते रहे।
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उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस उप निरीक्षक सहित कई परीक्षाओं के लिखित चरण पास किए। करीब 33 परीक्षाओं में फाइनल मेरिट से बाहर होने के बाद वह मानसिक रूप से टूट चुके थे। वर्ष 2025 में उनका चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल पद पर हुआ। जून 2025 में नौकरी का कार्यभार संभालने के बाद भी उन्होंने तैयारी जारी रखी। 8 अप्रैल 2026 को घोषित परिणाम में उनका चयन एएसओ पद पर हो गया।