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अफसरों ने ई-रिक्शा तो काट दी, अब जुगाड़ कौन काटेगा

Tue, 01 Aug 2017 09:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ
अमर उजाला ब्यूरो/ मेरठ Updated Tue, 01 Aug 2017 09:18 AM IST
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rickshaw is cut, who will buy jugaad
ई रिक्शा - फोटो : self

ट्रैफिक पुलिस ने सीज की गईं अवैध ई-रिक्शाओं को आरटीओ के निर्देश पर कटर से काटकर उनके मालिकों को सौंपना शुरू कर दिया है। लेकिन आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस को शहर में धड़ल्ले दौड़ते जुगाड़ नहीं दिखाई दे रहे। इन ई-रिक्शाओं का तो केवल रजिस्ट्रेशन ही नही है, जबकि जुगाड़ तो पूरी तरह से अवैध हैं।

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आरटीओ ने ट्रैफिक पुलिस को निर्देश दिए हैं कि जिस भी ई-रिक्शा को बिना रजिस्ट्रेशन मिलने पर सीज किया गया है उन्हें कटर से काटकर उसके मालिक को सौंपा जाए। सोमवार दोपहर पुलिस लाइन स्थित ट्रैफिक कार्यालय में पुलिसकर्मियों ने सदर निवासी दीपक की सीज की गई ई-रिक्शा को काट दिया। इस दौरान दीपक और उसकी मां सुमन बिलखते रहे। मां-बेटे कहते रहे कि एक मौका तो दो। हम ई-रिक्शा का रजिस्ट्रेशन करा लेंगे। लेकिन पुलिसकर्मी नहीं माने। 
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तो जुगाड़ भी क्यों नहीं काटते
ट्रैफिक पुलिस का कहना है कि बिना रजिस्ट्रेशन की ई-रिक्शाओं को सीज करने के बाद उन्हें कटर से काटकर एक शपथपत्र भी लिया जा रहा है। लेकिन यहां ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ विभाग पर सवाल उठते हैं कि शहर की सड़कों पर धड़ल्ले से दौड़ते कब बड़ा हादसा कर दें, पता नहीं। किसी में स्कूटर तो बाइक का बीस साल पुराना इंजन लगा है। न कोई मेंटीनेंस है और न फिटनेस। इन पर क्षमता से ज्यादा माल ढोया जा रहा है। आरटीओ तो यह भी नहीं बता पाया कि जुगाड़ को कौन से वाहन की श्रेणी में रखा जाए। लेकिन इन जुगाड़ को कौन पकड़कर काटेगा, इसका जवाब ट्रैफिक और आरटीओ के किसी अधिकारी के पास नहीं है।
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हमारे पास कटर नहीं
सुप्रीम कोर्ट का आदेश है कि जुगाड़ को मौके पर ही काटा जाए। लेकिन अभी तक विभाग के पास वाहन कटर मशीन नहीं है। फिलहाल ऐसे वाहनों को मैनुअल तरीके से ही कटवाया जा रहा है। -डॉ. विजय कुमार, आरटीओ


आरटीओ की जिम्मेदारी
एसपी ट्रैफिक संजीव वाजपेयी का कहना है कि आरटीओ के निर्देश पर अवैध ई-रिक्शा काटी जा रही हैं। शहर में जुगाड़ के खिलाफ भी अभियान चलाया जाएगा। आरटीओ विभाग की भी जुगाड़ रोकने की जिम्मेदारी बनती है।

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