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Meerut News: स्टांप घोटाले का आरोपी विशाल पर 25 हजार का इनाम घोषित
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स्टांप घोटाले के आरोपी विशाल वर्मा पर ₹25000 का इनाम घोषित
मेरठ। स्टांप घोटाले का आरोपी अधिवक्ता विशाल वर्मा पर एसएसपी ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें लगी हुई हैं। लेकिन अभी तक आरोपी को पुलिस गिरफ्तार नहीं कर पाई है। आरोपी की आखिरी लोकेशन उत्तराखंड में मिली थी। इसके चलते टीम उत्तराखंड में दबिश दे रही है।
विशाल वर्मा के खिलाफ मेरठ व्यापार मंडल के पदाधिकारी जीतू सिंह नागपाल, शैंकी वर्मा और कुशान गोयल रेवड़ी समेत अन्य व्यापारी भी लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। डीएम और एसएसपी से भी इस मामले की शिकायत की जा चुकी है। इस मामले में एसएसपी डाॅ. विपिन ताडा के आदेश पर सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। व्यापारियों की मांग पर इसके लिए एसआईटी टीम का गठन भी एसएसपी ने किया था।
अपराध शाखा में तैनात इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह भी इस प्रकरण की जांच कर रहे हैं। विशाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही हैं। एसएसपी ने इसकी गिरफ्तारी के लिए तीन टीमों का गठन किया है। उत्तराखंड के रुड़की, देहरादून समेत कई जगह दबिश दी जा चुकी है। एसएसपी डाॅ. विपिन ताडा ने बताया कि आरोपी पर इनाम घोषित कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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आज कोषाधिकारी का घेराव करेंगे व्यापारी
मेरठ व्यापार मंडल के पदाधिकारी और पीड़ित व्यापारी स्टांप घोटाले को लेकर जिला अध्यक्ष जीतू नागपाल और महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा के नेतृत्व में चीफ ट्रेजरी ऑफिसर का घेराव करेंगे। जीतू नागपाल ने बताया कि दो वर्ष पूर्व तैनात रहे सब रजिस्ट्रार और अधिवक्ता विशाल वर्मा बड़े-बड़े लोगों से सांठ गांठ कर कर घोटाला कर रहे थे।
जानकारी मिली है कि मसूरी देहरादून के बड़े-बड़े होटलों में इनकी शराब की पार्टी चलती थी। जहां शराब के साथ मॉडल्स भी इन अधिकारियों को लुभाने के लिए बुलाई जाती थी। अधिवक्ता विशाल वर्मा अधिकारियों को आईफोन और कीमती घड़ियां तोहफे के रूप में देता था। आज आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर घेराव किया जाएगा।
फर्जी स्टांप से खरीदी करोड़ों रुपये की संपत्ति
स्टांप घोटाले में अधिवक्ता विशाल वर्मा का कचहरी में बड़ा गिरोह है। कोषागार और रजिस्ट्री कार्यालय तक उसका नेटवर्क फैला है। करोड़ों रुपये के फर्जी स्टांप बेचकर आरोपी ने मेरठ, उत्तराखंड में संपत्ति खरीदी है। जिसको जब्त करके रिकवरी करने की तैयारी जिला प्रशासन ने शुरू कर दी है। शासन द्वारा गठित एसआईटी की जांच में भी कई बड़े लोगों के नाम स्टांप घोटाले में खुल सकते हैं।
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विशाल वर्मा के खिलाफ मेरठ व्यापार मंडल के पदाधिकारी जीतू सिंह नागपाल, शैंकी वर्मा और कुशान गोयल रेवड़ी समेत अन्य व्यापारी भी लगातार कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। डीएम और एसएसपी से भी इस मामले की शिकायत की जा चुकी है। इस मामले में एसएसपी डाॅ. विपिन ताडा के आदेश पर सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। व्यापारियों की मांग पर इसके लिए एसआईटी टीम का गठन भी एसएसपी ने किया था।
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अपराध शाखा में तैनात इंस्पेक्टर कुलदीप सिंह भी इस प्रकरण की जांच कर रहे हैं। विशाल की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही हैं। एसएसपी ने इसकी गिरफ्तारी के लिए तीन टीमों का गठन किया है। उत्तराखंड के रुड़की, देहरादून समेत कई जगह दबिश दी जा चुकी है। एसएसपी डाॅ. विपिन ताडा ने बताया कि आरोपी पर इनाम घोषित कर गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
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आज कोषाधिकारी का घेराव करेंगे व्यापारी
मेरठ व्यापार मंडल के पदाधिकारी और पीड़ित व्यापारी स्टांप घोटाले को लेकर जिला अध्यक्ष जीतू नागपाल और महानगर अध्यक्ष शैंकी वर्मा के नेतृत्व में चीफ ट्रेजरी ऑफिसर का घेराव करेंगे। जीतू नागपाल ने बताया कि दो वर्ष पूर्व तैनात रहे सब रजिस्ट्रार और अधिवक्ता विशाल वर्मा बड़े-बड़े लोगों से सांठ गांठ कर कर घोटाला कर रहे थे।
जानकारी मिली है कि मसूरी देहरादून के बड़े-बड़े होटलों में इनकी शराब की पार्टी चलती थी। जहां शराब के साथ मॉडल्स भी इन अधिकारियों को लुभाने के लिए बुलाई जाती थी। अधिवक्ता विशाल वर्मा अधिकारियों को आईफोन और कीमती घड़ियां तोहफे के रूप में देता था। आज आरोपी की गिरफ्तारी को लेकर घेराव किया जाएगा।
फर्जी स्टांप से खरीदी करोड़ों रुपये की संपत्ति
स्टांप घोटाले में अधिवक्ता विशाल वर्मा का कचहरी में बड़ा गिरोह है। कोषागार और रजिस्ट्री कार्यालय तक उसका नेटवर्क फैला है। करोड़ों रुपये के फर्जी स्टांप बेचकर आरोपी ने मेरठ, उत्तराखंड में संपत्ति खरीदी है। जिसको जब्त करके रिकवरी करने की तैयारी जिला प्रशासन ने शुरू कर दी है। शासन द्वारा गठित एसआईटी की जांच में भी कई बड़े लोगों के नाम स्टांप घोटाले में खुल सकते हैं।