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गर्भवती महिला की निजी लैब में रिपोर्ट आई पॉजिटिव
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गर्भवती महिला की निजी लैब में रिपोर्ट पॉजिटिव, मेडिकल में नेगेटिव
मेरठ। एक गर्भवती महिला की निजी लैब में रिपोर्ट पॉजिटिव आई, लेकिन एक दिन बाद ही मेडिकल में जांच कराई तो रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। परिजनों का आरोप है कि निजी लैब में जांच गलत तरीके से की गई।
28 जून को जागृति विहार की रहने वाली एक गर्भवती महिला की कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया था। 30 जून को कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। परिजनों को यकीन नहीं हुआ तो उन्होंने एक जुलाई को मेडिकल में जाकर कोरोना की जांच कराई। रिपोर्ट नेगेटिव आई, लेकिन टेस्ट रिपीट लिखा था। दो जुलाई को फिर जांच कराई तो रिपोर्ट फिर नेगेटिव आई। इसके बाद महिला की अस्पताल से छुट्टी कर दी गई।
महिला के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि एक निजी पैथोलॉजी लैब की जांच रिपोर्ट के भरोसे महिला को स्वास्थ्य विभाग ने बिना जांच किए पॉजिटिव की सूची में शामिल कर लिया था। महिला के ससुर ने बताया कि पॉजिटिव रिपोर्ट बताने पर महिला और परिवारजनों को तगड़ा झटका लगा था। अब राहत मिली है। सीएमओ डॉक्टर राजकुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
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मेरठ। एक गर्भवती महिला की निजी लैब में रिपोर्ट पॉजिटिव आई, लेकिन एक दिन बाद ही मेडिकल में जांच कराई तो रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है। परिजनों का आरोप है कि निजी लैब में जांच गलत तरीके से की गई।
28 जून को जागृति विहार की रहने वाली एक गर्भवती महिला की कोरोना जांच के लिए सैंपल लिया गया था। 30 जून को कोरोना की रिपोर्ट पॉजिटिव आई। परिजनों को यकीन नहीं हुआ तो उन्होंने एक जुलाई को मेडिकल में जाकर कोरोना की जांच कराई। रिपोर्ट नेगेटिव आई, लेकिन टेस्ट रिपीट लिखा था। दो जुलाई को फिर जांच कराई तो रिपोर्ट फिर नेगेटिव आई। इसके बाद महिला की अस्पताल से छुट्टी कर दी गई।
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महिला के परिजनों ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बताया कि एक निजी पैथोलॉजी लैब की जांच रिपोर्ट के भरोसे महिला को स्वास्थ्य विभाग ने बिना जांच किए पॉजिटिव की सूची में शामिल कर लिया था। महिला के ससुर ने बताया कि पॉजिटिव रिपोर्ट बताने पर महिला और परिवारजनों को तगड़ा झटका लगा था। अब राहत मिली है। सीएमओ डॉक्टर राजकुमार का कहना है कि मामले की जांच कराई जाएगी।
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