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तेल के 'खेल' में छठवे दिन टीपीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज
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मेरठ। तेल के 'खेल' में आखिरकार छठवें दिन टीपीनगर थाने में मुकदमा दर्ज हो गया। पुलिस ने टैंकरों से पेट्रोल-डीजल चोरी करते एक आरोपी पकड़ा था, जिसे जेल भेज दिया गया है। आपूर्ति विभाग के ढुलमुल रवैया को देखते हुए पुलिस ने अन्य आरोपियों को नहीं पकड़ा।
27 जनवरी को टीपीनगर थाना क्षेत्र के पुठा गांव में टैंकरों से पेट्रोल और डीजल चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया था। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ मारे गए छापे के दौरान आरोपी लाखन सिंह को रंगे हाथ दबोचा था। मामले में पुलिस और आपूर्ति विभाग डीएम की अनुमति का इंतजार कर रहे थे। उनका कहना था कि इसके बिना विभाग मुकदमा दर्ज नहीं करा सकता हैं। इस पर पुलिस ने लाखन को छह दिन से थाने में बैठाए रखा। उसके अन्य साथियों की तलाश में भी सक्रियता नहीं दिखाई।
डीएम की अनुमति मिलते ही आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस गिरोह के अन्य साथियों की भी तलाश में जुट गई है। सीओ ब्रह्मपुरी अमित कुमार राय का कहना है कि यह गैंग टैंकरों के ड्राइवर से सेटिंग कर पेट्रोल-डीजल चोरी करता है।
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कानूनी कार्रवाई नहीं करतीं तेल कंपनियां
टैंकर में तेल भरकर डिपो से पेट्रोल पंपों तक जाता है। इसकी जिम्मेदारी तेल कंपनी की होती है। बीच में ही टैंकर से तेल चोरी होने का मतलब है कि पेट्रोल पंप तक या तो कम तेल जा रहा है या फिर उसे पूरा करने के लिए उसमें मिलावट की जा रही है। ऐसे मामलों में कानूनी झंझट से बचने के लिए अभी तक तेल कंपनियों द्वारा कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है। नतीजा, पूरा मामला सरकारी तंत्र के बीच घिर जाता है और ढीली पैरवी के कारण आरोपी छूट जाते हैं।
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27 जनवरी को टीपीनगर थाना क्षेत्र के पुठा गांव में टैंकरों से पेट्रोल और डीजल चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया था। आपूर्ति विभाग के अधिकारियों के साथ मारे गए छापे के दौरान आरोपी लाखन सिंह को रंगे हाथ दबोचा था। मामले में पुलिस और आपूर्ति विभाग डीएम की अनुमति का इंतजार कर रहे थे। उनका कहना था कि इसके बिना विभाग मुकदमा दर्ज नहीं करा सकता हैं। इस पर पुलिस ने लाखन को छह दिन से थाने में बैठाए रखा। उसके अन्य साथियों की तलाश में भी सक्रियता नहीं दिखाई।
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डीएम की अनुमति मिलते ही आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस गिरोह के अन्य साथियों की भी तलाश में जुट गई है। सीओ ब्रह्मपुरी अमित कुमार राय का कहना है कि यह गैंग टैंकरों के ड्राइवर से सेटिंग कर पेट्रोल-डीजल चोरी करता है।
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कानूनी कार्रवाई नहीं करतीं तेल कंपनियां
टैंकर में तेल भरकर डिपो से पेट्रोल पंपों तक जाता है। इसकी जिम्मेदारी तेल कंपनी की होती है। बीच में ही टैंकर से तेल चोरी होने का मतलब है कि पेट्रोल पंप तक या तो कम तेल जा रहा है या फिर उसे पूरा करने के लिए उसमें मिलावट की जा रही है। ऐसे मामलों में कानूनी झंझट से बचने के लिए अभी तक तेल कंपनियों द्वारा कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती है। नतीजा, पूरा मामला सरकारी तंत्र के बीच घिर जाता है और ढीली पैरवी के कारण आरोपी छूट जाते हैं।