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रेडबुल की बिक्री पर रोक, 1215 कैन सीज
अमर उजाला ब्यूरों
Updated Thu, 11 Aug 2016 02:03 AM IST
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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एनर्जी ड्रिंक का दावा करने वाली रेडबुल के खिलाफ खाद्य एवं औषधि सुरक्षा विभाग (एफडीए) ने बुधवार को भी अभियान जारी रखा। नौचंदी स्थित वेस्ट यूपी के डिस्ट्रीब्यूटर के यहां छापामारी में बंपर बंपर स्टॉक मिला। जहां से 1215 कैन सीज की गईं। मौके पर ही दो सैंपल भी भरे गए। एफडीए के अफसरों ने कहा है कि छापामारी जारी रहेगी। सभी रिटेलरों को निर्देश दिए हैं कि वे अभी रेडबुल ड्रिंक न बेचें।
रेडबुल एनर्जी ड्रिंक में कैफीन की मात्रा अधिक पाये जाने के बाद से एफडीए एक्शन में है। अभिहित अधिकारी वीके वर्मा को इंटरनेट के जरिये जानकारी मिली थी कि रेडबुल इंडिया का मेरठ में श्रीबालाजी डिस्ट्रीब्यूटर है, जो मेरठ के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में एनर्जी ड्रिंक की सप्लाई करता है। इसके बाद बुधवार सुबह दो खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की गोपनीय टीम वेरीफिकेशन के लिए भेजी गई। जिसने मौके पर पहुंचकर ओके की रिपोर्ट दी।
रिपोर्ट ओके आने पर अभिहित अधिकारी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी वाईडी आर्य, जितेंद्र कुमार, देवेंद्र वर्मा, दर्पण कुमार, वैभव शर्मा, विशाल और प्रजन सिंह को लेकर दो टीमें बनाई। दोपहर करीब ढाई बजे दोनों टीमों ने छापा मारा तो 11 चैतन्यपुरम नौचंदी स्थित डिस्ट्रीब्यूटर के गोदाम में भारी संख्या मेें रेडबुल पाई गई। करीब दो घंटे तक गिनती करने के बाद 1215 कैन सीज कर दी गईं। इसके बाद कुछ और ठिकानों पर भी छापे मारे गए। लेकिन वहां पर रेडबुल का स्टॉक नहीं मिला।
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बिक्री पर तत्काल रोक
सेंट्रल लैब से रेडबुल का सैंपल फेल होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग छापा मारकर सारी ड्रिंक को सीज कर रहा है। लैब ने रेडबुल में कैफीन की मात्रा अधिक पाई थी। ड्रिंक के अंदर अधिकतम 320 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) होना चाहिए था। लेकिन रेडबुल के अंदर 382 पीपीएम पाया गया। अभिहित अधिकारी वीके वर्मा ने कहा कि सभी रिटेलर को भी अवगत कराया गया है कि वे रेडबुल को अभी ना बेचें, क्योंकि यह असुरक्षित है। इसलिए बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है।
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रेडबुल एनर्जी ड्रिंक में कैफीन की मात्रा अधिक पाये जाने के बाद से एफडीए एक्शन में है। अभिहित अधिकारी वीके वर्मा को इंटरनेट के जरिये जानकारी मिली थी कि रेडबुल इंडिया का मेरठ में श्रीबालाजी डिस्ट्रीब्यूटर है, जो मेरठ के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तमाम जिलों में एनर्जी ड्रिंक की सप्लाई करता है। इसके बाद बुधवार सुबह दो खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की गोपनीय टीम वेरीफिकेशन के लिए भेजी गई। जिसने मौके पर पहुंचकर ओके की रिपोर्ट दी।
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रिपोर्ट ओके आने पर अभिहित अधिकारी ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी वाईडी आर्य, जितेंद्र कुमार, देवेंद्र वर्मा, दर्पण कुमार, वैभव शर्मा, विशाल और प्रजन सिंह को लेकर दो टीमें बनाई। दोपहर करीब ढाई बजे दोनों टीमों ने छापा मारा तो 11 चैतन्यपुरम नौचंदी स्थित डिस्ट्रीब्यूटर के गोदाम में भारी संख्या मेें रेडबुल पाई गई। करीब दो घंटे तक गिनती करने के बाद 1215 कैन सीज कर दी गईं। इसके बाद कुछ और ठिकानों पर भी छापे मारे गए। लेकिन वहां पर रेडबुल का स्टॉक नहीं मिला।
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बिक्री पर तत्काल रोक
सेंट्रल लैब से रेडबुल का सैंपल फेल होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग छापा मारकर सारी ड्रिंक को सीज कर रहा है। लैब ने रेडबुल में कैफीन की मात्रा अधिक पाई थी। ड्रिंक के अंदर अधिकतम 320 पीपीएम (पार्ट्स पर मिलियन) होना चाहिए था। लेकिन रेडबुल के अंदर 382 पीपीएम पाया गया। अभिहित अधिकारी वीके वर्मा ने कहा कि सभी रिटेलर को भी अवगत कराया गया है कि वे रेडबुल को अभी ना बेचें, क्योंकि यह असुरक्षित है। इसलिए बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई गई है।