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सरकार से ज्यादा रियायत की चाह में मिलों का 'रिकवरी' बना बहाना

Mon, 08 Oct 2018 04:20 PM IST
राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ
राजदीप जाखड़, अमर उजाला, मेरठ Updated Mon, 08 Oct 2018 04:20 PM IST
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Recovery excuse to seek more profit from the UP government
फाइल फोटो

गन्ना पेराई सत्र 2018-19 को इसी माह से शुरू कराने के लिए प्रदेश सरकार ने जहां शुगर इंडस्ट्री को अल्टीमेटम दे रखा है, वहीं शुगर इंडस्ट्री ने सरकार से ज्यादा रियायत पाने के चक्कर में गन्ने में चीनी रिकवरी कम होने का बहाना बनाना शुरू कर दिया है। हालांकि अगैती प्रजाति के गन्ने में फिलहाल सात फीसदी से ज्यादा रिकवरी आ रही है जो अगले एक सप्ताह के अंदर 8 फीसदी से ऊपर पहुंच जाएगी। दूसरी तरफ कोल्हुओं ने गन्ना पेराई शुरू कर गुड़ बनाना शुरू कर दिया है। 

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प्रदेश में गन्ने का बंपर रकबा होने के चलते सरकार ने 31 अक्तूबर तक सभी मिलों को पेराई सत्र 2018-19 शुरू करने का अल्टीमेटम देते हुए तैयारी शुरू करने के निर्देश दे रखे हैं। पहले ही सुरक्षण आदेश जारी करने की जद्दोजहद में गन्ना विभाग जुटा है। किसान पेराई सत्र से पहले ही गन्ने का रेट घोषित करने की मांग उठा रहे हैं। इन सबके बीच शुगर इंडस्ट्री ने फिलहाल गन्ने में चीनी की रिकवरी कम होने की बात उठाकर इस महीने मिल चलाने में असमर्थता जता दी है। हालांकि इसके पीछे शुगर इंडस्ट्री का मकसद सरकार से और ज्यादा रियायत हासिल करना बताया जा रहा है। प्रदेश में अगेती प्रजाति का गन्ना करीब 70 फीसदी है। इस प्रजाति के गन्ने में सामान्य प्रजाति के गन्ने से ज्यादा चीनी रिकवरी मिलती है। फिलहाल अगेती प्रजाति के गन्ने में सात फीसदी से अधिक चीनी रिकवरी आ रही है। 
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4000 करोड़ रुपये दिया है सॉफ्ट लोन
इंडस्ट्री की मांग पर सरकार ने पहले ही बकाया भुगतान करने के लिए सॉफ्ट लोन के लिए 4 हजार रुपये जारी किए हैं। इस ऋण पर मिलों को केवल 5 फीसदी साधारण ब्याज ही देना होगा और लोन की पहली किस्त भी जुलाई 2019 से ली जाएगी। यह लोन अधिकतम पांच साल के लिए होगा। इसके अलावा केंद्र सरकार ने चीनी का न्यूनतम रेट 29 रुपये प्रति किलो तय किया है। यानी इससे कम रेट पर चीनी नहीं बिकेगी।

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चीनी और गन्ने के दामों को लेकर है कशमकश
शुगर इंडस्ट्री चीनी के न्यूनतम दामों को 29 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये किलो करने और आगामी पेराई सत्र में गन्ने का रेट नहीं बढ़ाने की मांग कर रही है। सूत्रों के मुताबिक इंडस्ट्री इन मांगों को पूरा कराने के लिए ही पेराई सत्र को इस महीने शुरू करने में चीनी रिकवरी कम होने का बहाना बना रही है। 

मिलों को इसी माह शुरू करना होगा पेराई सत्र
बारिश खत्म हो चुकी है और अब गन्ने के अनुकूल मौसम शुरू हो गया है। रात को ठंड और दिन में गरमी चीनी रिकवरी बढ़ाती है। अगले एक सप्ताह के अंदर चीनी रिकवरी 8 फीसदी तक पहुंच जाएगी। शासन के आदेशानुसार इंडस्ट्री को पेराई सत्र इसी माह शुरू करना होगा। -हरपाल सिंह, उप गन्ना आयुक्त मेरठ परिक्षेत्र

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