यूपी: होने लगा खुलासा, सामने आए छह हजार फर्जी नाम, अमर उजाला ने किया था पर्दाफाश
मेरठ में राशन कार्डों में फर्जी नाम जोड़कर किए जा रहे फर्जीवाड़े का खुलासा होना शुरू हो गया है। जिले भर से अभी तक राशन कार्डों से छह हजार फर्जी नाम काटे गए हैं।
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मेरठ में राशन कार्डों में फर्जी नाम जोड़कर किए जा रहे फर्जीवाड़े का खुलासा होना शुरू हो गया है। जिले भर से अभी तक राशन कार्डों से छह हजार फर्जी नाम काटे गए हैं। फर्जीवाडे़ का आंकड़ा एक लाख से पार बताया जा रहा है। जहां आपूर्ति इंस्पेक्टरों को पसीना छूटा है, वहीं राशन डीलरों पर भी गाज गिरना तय है। प्रशासन पूरा रिकॉर्ड तैयार कर रहा है। उधर, शासन स्तर से भी इस प्रकरण पर निगरानी शुरू हो गयी है।
पूरे प्रदेश में सरकार ने सभी कार्ड धारकों को आसानी से राशन उपलब्ध कराने और कालाबाजारी को बंद करने के लिए बायोमेट्रिक मशीनें लगवायी। सभी सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर मशीनें लगायी गयी हैं। वह अलग बात है कि कुछ दुकानदार राशन की कालाबाजारी के लिए नेटवर्क न होने की बात कहकर बायोमेट्रिक मशीन नहीं चला रहे हों। राशन माफियाओं ने सरकार की व्यवस्था को ध्वस्त करने का तरीका निकाल लिया। फर्जी आधार कार्ड और फर्जी नाम जोड़कर राशन निकाला जाने लगा।
वहीं अमर उजाला ने पड़ताल की तो बड़ा खुलासा सामने आ गया। राशन कार्ड में फर्जी लोगों के नाम भी जोड़ दिए गए। कुछ ऐसे भी फर्जी राशन कार्ड बनवाए गए हैं। जिनमें शामिल सदस्यों में केवल एक व्यक्ति का ही आधार कार्ड लिंक है। उसी के अगूंठे से बाकी फर्जी सदस्यों का राशन निकाला जाता है। यह पूरा खेल आपूर्ति विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से करीब दो साल से चल रहा है। जिसके माध्यम से लाखों रुपये के राशन का गोलमाल कर लिया गया। मेरठ में हुए राशन घोटाले की गूंज लखनऊ तक है। उसके बाद भी आपूर्ति विभाग के अधिकारी राशन डीलरों से मिलकर खेल करने में पीछे नहीं रहे। अब खुलासा होने के बाद जिला पूर्ति अधिकारी नीरज सिंह ने जांच शुरू करायी। जिसमें अभी तक छह हजार फर्जी नाम काटे गए हैं। अभी भी जांच चल रही है।
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फर्जीवाड़े में शामिल लोगों पर कसा जाएगा शिकंजा
राशन कार्डों में फर्जीवाड़े का खुलासा होने के बाद अब तय हो गया है कि राशन डीलर, सप्लाई इंस्पेक्टर और अंगूठा लगाकर राशन निकालने वाले लोगों पर शिकंजा कसा जाएगा।
सूत्रों के अनुसार शासन-प्रशासन ऐसे लोगों की जांच कर रहा है जिस राशन कार्ड में एक ही व्यक्ति का आधार कार्ड लिंक है और अपने साथ दूसरी जाति धर्म के लोगों के फर्जी नाम जोड़े हुए हैं। फर्जीवाड़े में राशन डीलर ही नहीं बल्कि आपूर्ति इंस्पेक्टर भी शामिल हैं।
दोषियों पर होगी कार्रवाई
जिलापूर्ति अधिकारी नीरज सिंह का कहना है कि राशन कार्डों में कुछ फर्जी नाम सामने आ रहे हैं। लगातार जांच चल रही है। महानगर ही नहीं बल्कि देहात के राशन कार्डों की भी जांच करायी जा रही है। विभाग में एआरओ, इंस्पेक्टरों की कमी के कारण जांच पूरी नहीं हो पायी है। एक माह के भीतर पूरी सफाई कराने का प्रयास है। जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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