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रैपिड ट्रेन: मांगे पांच स्थान, एक जगह देने पर एमडीए सहमत
Thu, 18 Apr 2019 03:41 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Thu, 18 Apr 2019 03:41 AM IST
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रैपिड रेल
- फोटो : अमर उजाला
दिल्ली मेरठ के बीच प्रस्तावित रैपिड ट्रेन के पथ निर्माण के दौरान वर्कशाप, यार्ड आदि के लिए एनसीआरटीसी ने पांच स्थानों पर जगह मांगी है। जिसमें एक स्थान पर जगह देने के लिए सहमति बन गई। एमडीए यार्ड के लिए शताब्दीनगर में 18 हजार वर्ग मीटर जगह देगा। आयुक्त अनीता सी मेश्राम ने अन्य विभागों के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट के सभी इश्यू जल्दी निपटाएं, ताकि प्रदेश सरकार के सामने पूरा प्रोजेक्ट सही तरीके से रखा जा सके। दिसंबर माह में मेरठ में रैपिड का काम शुरू हो सकता है।
रैपिड ट्रेन के प्रोजेक्ट का 22 अप्रैल को सूबे के मुख्य सचिव के सामने प्रजेंटेशन होना है। इसकी तैयारियों को लेकर बुधवार को आयुक्त अनीता मेश्राम ने कैंप कार्यालय पर संबधित सभी विभागों की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह आपसी समन्वय के साथ एनसीआरटीसी द्वारा उठाये गए बिन्दुओं को संज्ञान में लें और प्राथमिकता पर उनका निराकरण करें। प्रोजेक्ट में किसी प्रकार की बाधा न होने दें। आयुक्त ने कहा कि इससे जुड़े सभी विभाग एवं एजेंसियां एक साथ मिलकर काम करें। यदि परियोजना में देरी होगी तो इसकी लागत में इजाफा होगा। इसलिए हर छोटी रुकावट का समाधान समय से किया जाये। आयुक्त ने संबंधित विभागों को आरआरटीएस के निर्माण के लिए आवश्यक अनुमोदन अनुमति में भी तेजी लाने के निर्देश दिये।
खंभे करें शिफ्ट
आयुक्त ने कहा कि दिल्ली-मेरठ के बीच आमजन को सुगम, सुरक्षित एवं प्रदूषणमुक्त यातायात उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने एनसीआरटीसी के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह जो भी कार्य करें वह गुणवत्तायुक्त व सुरक्षित हो तथा तय समय सीमा में पूर्ण किया जाये। निर्माण कार्यों के दौरान सड़क किनारे पेड़ कटिंग, हाईटेंशन तार व पोल शिफ्टिंग तथा रोड वेडिंग के साथ नये पोल स्थापित कर प्रकाश व्यवस्था को सुनिश्चित करें।
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जमीन पर हुई लंबी चर्चा
बैठक में एनसीआरटीसी के एमडी विनय कुमार सिंह ने बताया कि मेरठ व गाजियाबाद सीमा के तहत रैपिड रेल के निर्माण में मुख्य स्टेशन, सब स्टेशन, डिपो आदि अन्य कार्यों के लिए जीडीए, एमडीए, नगर निगम, सिंचाई विभाग आदि विभागों की भूमि अस्थायी व स्थायी रूप से चाहिए। उन्होंने इस बाबत आ रही दिक्कतों को भी रखी। दरअसल एमडीए से पांच स्थान मांगे गए थे। इसमें एमडीए ने शताब्दीनगर में 18 हजार वर्ग मीटर जमीन यार्ड के लिए अस्थायी रूप से देने पर सहमति जता दी। इसका किराया एनसीआरटीसी को देना होगा और प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद जगह छोड़नी होगी। आयुक्त ने कहा कि सभी विभाग जमीन को लेकर स्थिति स्पष्ट करें।
दिसंबर में होगा काम शुरू
एमडी एनसीआरटीसी के मुताबिक दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल के तहत कुल 82 किमी मार्ग का निर्माण होना है। जिसका जिओ टैगिंग, रोड सेफ्टी कार्य किया जा रहा है। अंडरग्राउंड रोड भी सराय खाले खां से साहिबाबाद तक बनायी जा रही है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले गाजियाबाद से काम शुरू होगा, जहां पर रोड वेडिंग कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। दुहाई से शताब्दीनगर तक रोड वेडिंग कार्य के लिए प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने बताया कि रैपिड रेल की मॉनीटरिंग मैकेनिज्म एवं हाई कमेटी भी सरकार ने बनायी है, जिसकी हर तीसरे माह रिपोर्ट प्रेषित करनी होगी। पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक काम पूर्ण होगा। दिसम्बर 2019 से दुहाई से मेरठ का कार्य शुरू किया जायेगा। फिलहाल यहां मिट्टी की जांच का काम चल रहा है।
कब्जों पर हुई चर्चा
दुहाई में डिपो के लिए भूमि व गाजियाबाद तिराहे पर हिंडन की भूमि पर कब्जे के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। इस पर आयुक्त ने शीघ्र निराकरण के लिए निर्देश दिये। उन्होंने मुरादनगर में सब स्टेशन के लिए सिंचाई विभाग की जमीन का प्रस्ताव उपलब्ध कराने पर चर्चा की। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जमीन शीघ्र उपलब्ध कराने के लिए आश्वस्त किया। दिल्ली-मेरठ रोड पर वर्धमानपुरम पुलिस चौकी को शिफ्ट करने के निर्देश दिये गये। बैठक में डीएम गाजियाबाद ऋतु माहेश्वरी, नगर आयुक्त गाजियाबाद दिनेश चन्द, उपाध्यक्ष एमडीए राजेश कुमार पांडेय, अपर आयुक्त उदयीराम, एडीएम प्रशासन रामचन्द, एडीएम वित्त गाजियाबाद सुनील कुमार सिंह, गाजियाबाद एससी ट्रांसपोर्ट एचएम प्रसाद, मेरठ एससी ट्रांसपोर्ट सुमन मिश्रा, एआरटीओ मेरठ दिनेश कुमार, एआरएम गाजियाबाद विपिन अग्रवाल, गाजियाबाद एसपी ट्रैफिक एसएम सिंह, सहायक टाउन प्लानर गोर्की कौशिक आदि मौजूद रहे।
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रैपिड ट्रेन के प्रोजेक्ट का 22 अप्रैल को सूबे के मुख्य सचिव के सामने प्रजेंटेशन होना है। इसकी तैयारियों को लेकर बुधवार को आयुक्त अनीता मेश्राम ने कैंप कार्यालय पर संबधित सभी विभागों की बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह आपसी समन्वय के साथ एनसीआरटीसी द्वारा उठाये गए बिन्दुओं को संज्ञान में लें और प्राथमिकता पर उनका निराकरण करें। प्रोजेक्ट में किसी प्रकार की बाधा न होने दें। आयुक्त ने कहा कि इससे जुड़े सभी विभाग एवं एजेंसियां एक साथ मिलकर काम करें। यदि परियोजना में देरी होगी तो इसकी लागत में इजाफा होगा। इसलिए हर छोटी रुकावट का समाधान समय से किया जाये। आयुक्त ने संबंधित विभागों को आरआरटीएस के निर्माण के लिए आवश्यक अनुमोदन अनुमति में भी तेजी लाने के निर्देश दिये।
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खंभे करें शिफ्ट
आयुक्त ने कहा कि दिल्ली-मेरठ के बीच आमजन को सुगम, सुरक्षित एवं प्रदूषणमुक्त यातायात उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने एनसीआरटीसी के अधिकारियों को निर्देश दिये कि वह जो भी कार्य करें वह गुणवत्तायुक्त व सुरक्षित हो तथा तय समय सीमा में पूर्ण किया जाये। निर्माण कार्यों के दौरान सड़क किनारे पेड़ कटिंग, हाईटेंशन तार व पोल शिफ्टिंग तथा रोड वेडिंग के साथ नये पोल स्थापित कर प्रकाश व्यवस्था को सुनिश्चित करें।
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जमीन पर हुई लंबी चर्चा
बैठक में एनसीआरटीसी के एमडी विनय कुमार सिंह ने बताया कि मेरठ व गाजियाबाद सीमा के तहत रैपिड रेल के निर्माण में मुख्य स्टेशन, सब स्टेशन, डिपो आदि अन्य कार्यों के लिए जीडीए, एमडीए, नगर निगम, सिंचाई विभाग आदि विभागों की भूमि अस्थायी व स्थायी रूप से चाहिए। उन्होंने इस बाबत आ रही दिक्कतों को भी रखी। दरअसल एमडीए से पांच स्थान मांगे गए थे। इसमें एमडीए ने शताब्दीनगर में 18 हजार वर्ग मीटर जमीन यार्ड के लिए अस्थायी रूप से देने पर सहमति जता दी। इसका किराया एनसीआरटीसी को देना होगा और प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद जगह छोड़नी होगी। आयुक्त ने कहा कि सभी विभाग जमीन को लेकर स्थिति स्पष्ट करें।
दिसंबर में होगा काम शुरू
एमडी एनसीआरटीसी के मुताबिक दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल के तहत कुल 82 किमी मार्ग का निर्माण होना है। जिसका जिओ टैगिंग, रोड सेफ्टी कार्य किया जा रहा है। अंडरग्राउंड रोड भी सराय खाले खां से साहिबाबाद तक बनायी जा रही है। उन्होंने बताया कि सबसे पहले गाजियाबाद से काम शुरू होगा, जहां पर रोड वेडिंग कार्य के लिए टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। दुहाई से शताब्दीनगर तक रोड वेडिंग कार्य के लिए प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने बताया कि रैपिड रेल की मॉनीटरिंग मैकेनिज्म एवं हाई कमेटी भी सरकार ने बनायी है, जिसकी हर तीसरे माह रिपोर्ट प्रेषित करनी होगी। पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक काम पूर्ण होगा। दिसम्बर 2019 से दुहाई से मेरठ का कार्य शुरू किया जायेगा। फिलहाल यहां मिट्टी की जांच का काम चल रहा है।
कब्जों पर हुई चर्चा
दुहाई में डिपो के लिए भूमि व गाजियाबाद तिराहे पर हिंडन की भूमि पर कब्जे के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। इस पर आयुक्त ने शीघ्र निराकरण के लिए निर्देश दिये। उन्होंने मुरादनगर में सब स्टेशन के लिए सिंचाई विभाग की जमीन का प्रस्ताव उपलब्ध कराने पर चर्चा की। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने जमीन शीघ्र उपलब्ध कराने के लिए आश्वस्त किया। दिल्ली-मेरठ रोड पर वर्धमानपुरम पुलिस चौकी को शिफ्ट करने के निर्देश दिये गये। बैठक में डीएम गाजियाबाद ऋतु माहेश्वरी, नगर आयुक्त गाजियाबाद दिनेश चन्द, उपाध्यक्ष एमडीए राजेश कुमार पांडेय, अपर आयुक्त उदयीराम, एडीएम प्रशासन रामचन्द, एडीएम वित्त गाजियाबाद सुनील कुमार सिंह, गाजियाबाद एससी ट्रांसपोर्ट एचएम प्रसाद, मेरठ एससी ट्रांसपोर्ट सुमन मिश्रा, एआरटीओ मेरठ दिनेश कुमार, एआरएम गाजियाबाद विपिन अग्रवाल, गाजियाबाद एसपी ट्रैफिक एसएम सिंह, सहायक टाउन प्लानर गोर्की कौशिक आदि मौजूद रहे।