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पिलर से पहले गड्ढे करने की तैयारी में एनसीआरटीसी
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पिलर से पहले गड्ढे करने की तैयारी में एनसीआरटीसी
मेरठ। रैपिड रेल के लिए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) की तरफ से सभी कार्यों का प्लान तैयार कर लिया गया है। पिछले दो महीने से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्राधिकरण की सख्ती के बाद निर्माण कार्यों पर रोक लगी है। रैपिड रेल के लिए दिल्ली रोड पर पिलर की प्रक्रिया से पहले सड़क के किनारे गड्ढों की खोदाई की जानी है। इन गड्ढों के माध्यम से सड़क के नीचे जा रही किसी भी तरह की पाइप लाइनों, तार आदि को चिह्नित किया जाएगा। जिससे पिलर के समय किसी भी तरह की समस्या न हो सके।
दिल्ली से मेरठ का सफर सुहाना बनाने के लिए पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक रैपिड रेल का निर्माण कार्य चल रहा है। जनवरी-2020 से दुहाई से शताब्दीनगर तक भी कार्य शुरू किया जाना है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया को रफ़्तार दी जा रही है। 15 दिसंबर के बाद प्रदूषण से के कारण रोके गए कार्यों की डेडलाइन खत्म होने के बाद कार्य तेजी से किया जाएगा।
कार्य रुकने से हो रहा नुकसान
रैपिड रेल का कार्य रुक जाने के बाद एनसीआरटीसी को भी काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। दो महीने से सड़क चौड़ीकरण सहित अन्य कार्य ठप हैं। जिससे जिस कंपनी को टेंडर दिया था उसे भी झटका लगा है। कार्य के बंद होने से मजदूरी, मशीनें सहित अन्य कार्यों की कोस्ट बढ़ जाने से प्रोजेक्ट पर लागत और समय बढ़ने का खतरा मंडराता है।
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बैरियर लगाकर ऐसी छोड़ दिए
दिल्ली रोड पर दोनों तरफ गड्ढा खोदाई के लिए बैरियर लगाए गए थे। लेकिन प्रदूषण विभाग की ओर से गड्ढे खोदाई की अनुमति नहीं मिल सकी। जिससे यह कार्य भी पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से अटका है।
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मेरठ। रैपिड रेल के लिए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन (एनसीआरटीसी) की तरफ से सभी कार्यों का प्लान तैयार कर लिया गया है। पिछले दो महीने से प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्राधिकरण की सख्ती के बाद निर्माण कार्यों पर रोक लगी है। रैपिड रेल के लिए दिल्ली रोड पर पिलर की प्रक्रिया से पहले सड़क के किनारे गड्ढों की खोदाई की जानी है। इन गड्ढों के माध्यम से सड़क के नीचे जा रही किसी भी तरह की पाइप लाइनों, तार आदि को चिह्नित किया जाएगा। जिससे पिलर के समय किसी भी तरह की समस्या न हो सके।
दिल्ली से मेरठ का सफर सुहाना बनाने के लिए पहले चरण में साहिबाबाद से दुहाई तक रैपिड रेल का निर्माण कार्य चल रहा है। जनवरी-2020 से दुहाई से शताब्दीनगर तक भी कार्य शुरू किया जाना है। इसके लिए टेंडर प्रक्रिया को रफ़्तार दी जा रही है। 15 दिसंबर के बाद प्रदूषण से के कारण रोके गए कार्यों की डेडलाइन खत्म होने के बाद कार्य तेजी से किया जाएगा।
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कार्य रुकने से हो रहा नुकसान
रैपिड रेल का कार्य रुक जाने के बाद एनसीआरटीसी को भी काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है। दो महीने से सड़क चौड़ीकरण सहित अन्य कार्य ठप हैं। जिससे जिस कंपनी को टेंडर दिया था उसे भी झटका लगा है। कार्य के बंद होने से मजदूरी, मशीनें सहित अन्य कार्यों की कोस्ट बढ़ जाने से प्रोजेक्ट पर लागत और समय बढ़ने का खतरा मंडराता है।
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बैरियर लगाकर ऐसी छोड़ दिए
दिल्ली रोड पर दोनों तरफ गड्ढा खोदाई के लिए बैरियर लगाए गए थे। लेकिन प्रदूषण विभाग की ओर से गड्ढे खोदाई की अनुमति नहीं मिल सकी। जिससे यह कार्य भी पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से अटका है।