मेरठ में कृषि विश्वविद्यालय के कैंपस से होकर गुजरेगी रैपिड रेल, हटाया जाएगा पॉली गार्डन
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केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना रैपिड रेल को अमली जामा पहनाने के लिए तेजी से काम शुरू हो गया है। रैपिड रेल और उसी ट्रैक पर चलने वाली मेट्रो के लिए सरदार वल्लभ भाई पटेल कृषि विवि के ओल्ड कैंपस में बनी बायो कंट्रोल लैब और पॉली गार्डन को भी हटाना पड़ेगा।
शुक्रवार को विवि कैंपस में विवि प्रशासन और एनसीआरटीसी अधिकारियों के बीच बैठक का आयोजन किया गया। इसमें विवि प्रशासन ने तय किया है कि प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा जाएगा। वहां से अनुमति के बाद ही इस पर काम होगा।
कृषि विवि का ओल्ड कैंपस मोदीपुरम हाईवे पर स्थित है। यहां पर विवि की बायो कंट्रोल लैब और पॉली गार्डन है। विवि की भूमि में रैपिड के लिए करीब 29 पिलर बनाए जाएंगे। एक पिलर ढाई से तीन मीटर जगह में बनाया जाएगा। ऐसे में विवि की करीब 6 हजार वर्ग मीटर भूमि जा रही है।
विवि में बनने वाले इन पिलर को लेकर ही बैठक हुई। इसमें एनसीआरटीसी के प्रोजेक्ट हैड भी शामिल हुए। बैठक में कृषि विवि के रजिस्ट्रार डॉ. अशोक कुमार अहुलवालिया, वित्त नियंत्रक अवध नारायण यादव, डीन वेटिनरी प्रोफेसर शमशेर, डीन पीजी डॉ. एनएस राणा, डीन बायोटेक डॉ. रविंद्र कुमार, निर्माण प्रभारी जयवीर सिंह यादव, नीलेश चौहान आदि रहे।
पहले तैयार करके देंगे, फिर तोडे़ंगे
बैठक में यह भी तय हुआ कि विवि की बायो कंट्रोल लैब और पॉली गार्डन की जो भूमि रैपिड रेल के पिलर में जा रही है। उसे हटाने से पहले एनसीआरटीसी इसे तैयार करके विवि को देगा। क़ुलपति डॉ. आरके मित्तल ने बताया कि विवि को जो भी हानि होगी, उसका खर्च एनसीआरटीसीर द्वारा वहन किया जाएगा। कृषि विवि में 300 मीटर लंबाई और 200 मीटर चौड़ाई में एलिवेटिड ट्रैक बनाया जाएगा।