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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Rapid Rail Update Meerut: Metro will provide a pleasant journey from Shraddhapuri to Gokalpur, Rapid Rail coach glimpse visible today

मेरठ: श्रद्धापुरी से गोकलपुर तक मेट्रो से सुहाना होगा सफर, रैपिड रेल के कोच की आज दिखेगी झलक  

Wed, 16 Mar 2022 11:28 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 16 Mar 2022 11:28 AM IST
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Rapid Rail Update Meerut: Metro will provide a pleasant journey from Shraddhapuri to Gokalpur, Rapid Rail coach glimpse visible today
रैपिड रेल ट्रैक निर्माण - फोटो : अमर उजाला
शहरवासियों को कंकरखेड़ा में श्रद्धापुरी से लेकर गोकलपुर तक भी जल्द मेट्रो की सौगात मिल सकती है। छह वर्ष बाद एक बार फिर शासन ने मेरठ में लाइट और नियो मेट्रो विकल्प खोजने के निर्देश दिए हैं। 
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श्रद्धापुरी से गोकलपुर तक करीब 15 किमी के कॉरिडोर पर मेट्रो चलने से शहर को जाम से राहत मिलेगी। उधर पहले चरण में मोहिउद़्दीनपुर से मोदीपुरम कॉरिडोर तक तीन कोच की मेट्रो ट्रेन रैपिड रेल के ट्रैक पर ही चलाई जाएगी। इसके लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम द्वारा तेजी से कार्य किया जा रहा है।
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आवास विभाग की ओर से लखनऊ में हुई बैठक में मेरठ में मेट्रो चलाने पर वार्ता हुई। इसमें अधिकारियों ने एमडीए उपाध्यक्ष को पहले बनाई गई डीपीआर को देखने के साथ चर्चा करने के निर्देश दिए गए। 
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इस डीपीआर को मुख्य नगर नियोजक इश्तियाक अहमद ने भी देखा। हालांकि, पुरानी डिटेल प्रोजेक्ट में कुछ ज्यादा बदलाव नजर नहीं आ रहा है। अगर शासन इस मामले में प्रगति करेगा तो जल्द इस कॉरिडोर पर भी मेट्रो की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

2016 में आई थी राइट्स की टीम
वर्ष 2016 में मेरठ में राइट्स की टीम ने मेट्रो ट्रेन की  संभावनाएं तलाशी थीं। तब टीम ने श्रद्धापुरी से लेकर गोकलपुर तक जमीन के साथ डिपो बनाने की संभावनाएं भी तलाशी थीं। इसके बाद अर्बन मॉस ट्राजिंट सिस्टम और राइट्स ने मेरठ मेट्रो की डीपीआर तैयार की थी। वहीं, मेट्रो प्रोजेक्ट को गति देने के लिए एमडीए परिसर में ही तत्कालीन कमिश्नर आलोक सिन्हा ने मेट्रो सेल का उद्धाटन किया था। इन सभी प्रारंभिक कार्यों पर एमडीए का चार करोड़ रुपये खर्च भी हुए थे।  

नियो मेट्रो 
शहरी विकास मंत्रालय में कम खर्च में मेट्रो चलाने के लिए नियो मेट्रो चलाने की तैयारी की हैं। इस मेट्रो की लागत अन्य मेट्रो प्रोजेक्ट से 40 फीसदी तक कम होती है। इसके लिए स्टेशन परिसर बड़े होने की आवश्यता नहीं है। रबड़ टायर चलने वाली तीन कोच की मेट्रो होती है। इसका कोच 12 मीटर  लंबा और चौड़ाई 2.5 मीटर होती है। 
 

लाइट मेट्रो 
यूपी के तीन शहरों में लाइट मेट्रो के प्रस्ताव रखे गए हैं। इसमें प्रयागराज, वाराणसी और मेरठ शामिल है। इसके निर्माण में मात्र 125 करोड़ रुपये लागत आती है। जबकि मेट्रो प्रोजेक्ट पर 200 करोड़ रुपये लागत आती है। इसका कॉरिडोर सड़क के समानांतर जमीन पर होता है और स्टेशन बस स्टैंड की तरह होता है। 

हो रही है प्रगति 
बहुत जल्द एक बैठक वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के माध्यम से आयोजित की जानी है। आवास विभाग ने मेट्रो पर संज्ञान लिया है। इस पर जल्द तिथि लेकर एक बैठक आयोजित करेंगे। - मृदुल चौधरी, एमडीए उपाध्यक्ष

रैपिड रेल के कोच की पहली झलक आज
अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त रैपिड रेल के कोच की आज पहली झलक देखने को मिलेगी। रैपिड के दुहाई डिपो में पहला कोच पहुंचेगा। रैपिड का कोच कई सुविधाओं से युक्त है। इसमें यात्रियों व सामान रखने पर्याप्त जगह और विशेष रैक बनाई गई है। कोच में मोबाइल, लैपटॉप चार्जिंग सॉकेट और वाईफाई की सुविधा दी गई है। एक कोच में प्रवेश-विकास के कुल छह स्वचालित दरवाजे और बाहर का नजारा देखने के लिए बड़ी शीशे की खिड़कियां होंगी। दिव्यांगों के लिए दरवाजों के पास व्हीलचेयर की जगह व स्ट्रेचर ले जाने की सुविधा प्रदान की गई है।  

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