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रैपिड रेल : नौ स्टेशनों के लिए निजी भूमि की दरें तय नहीं
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रैपिड रेल : नौ स्टेशनों के लिए निजी भूमि की दरें तय नहीं
मेरठ। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर का कार्य तेजी से किया जा रहा है। मेरठ में भी निर्माण जारी है, लेकिन अभी भी कुछ ऐसे पेंच फंसे हैं, जिन्हें अधिकारियों की सुस्ती के कारण निपटाया नहीं जा सका है। शहर के नौ स्टेशन निजी भूमि पर बनाए जाने हैं। इनके लिए निजी भू-स्वामियों से बातचीत अभी फाइनल नहीं हो सकी है। हाल ही में कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने इस कार्य के लिए एडीएम वित्त और सब-रजिस्ट्रार को निर्देश दिए। ये मामला वर्ष-2019 से चल रहा है लेकिन अभी तक निजी भूमि की दर तय करने में अधिकारी नाकाम रहे।
निजी भूमि स्वामियों के साथ पहली बैठक नौ जुलाई 2019 और दूसरी बैठक 28 जनवरी 2020 को हुई थी। दो वर्ष गुजर जाने के बाद भी फाइल इधर से उधर गुजर रही है। 28 मई कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने प्रोजेक्ट की समीक्षा की थी। अब एनसीआरटीसी को मेरठ में ही कार्य की रफ्तार बढ़ानी है। इसके बाद ही कार्य रफ्तार पकड़ेगा।
एक भूमिगत, बाकी सब एलीवेटेड
निजी भूमि पर नौ में आठ स्टेशन एलीवेटेड हैं। एक स्टेशन मेरठ सेंट्रल भूमिगत स्टेशन है। एलीवेटेड स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार के लिए निजी भूमि की जरूरत होगी। इसके अलावा मोदीपुरम डिपो केे लिए जमीन की आवश्यकता होगी।
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निजी जमीन पर यहां बनेंगे स्टेशन
- मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दीनगर, ब्रह्पुरी, मेरठ सेंट्रल, डौरली, मेरठ नॉर्थ, मोदीपुरम
मोदीपुरम डिपो - 71.58 हेक्टेयर निजी भूमि।
दो दिन से निजी भूमि स्वामियों से संपर्क किया गया है। परतापुर में डीएफसी वालों को पत्र लिखकर उनका जो एलाइनमेंट जा रहा है, उसके लिए भी सूचना मांगी गई है। अगले दो-तीन दिन में सब फाइनल कर दिया जाएगा। - सुभाष चंद प्रजापति, एडीएम वित्त
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मेरठ। दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल कॉरिडोर का कार्य तेजी से किया जा रहा है। मेरठ में भी निर्माण जारी है, लेकिन अभी भी कुछ ऐसे पेंच फंसे हैं, जिन्हें अधिकारियों की सुस्ती के कारण निपटाया नहीं जा सका है। शहर के नौ स्टेशन निजी भूमि पर बनाए जाने हैं। इनके लिए निजी भू-स्वामियों से बातचीत अभी फाइनल नहीं हो सकी है। हाल ही में कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने इस कार्य के लिए एडीएम वित्त और सब-रजिस्ट्रार को निर्देश दिए। ये मामला वर्ष-2019 से चल रहा है लेकिन अभी तक निजी भूमि की दर तय करने में अधिकारी नाकाम रहे।
निजी भूमि स्वामियों के साथ पहली बैठक नौ जुलाई 2019 और दूसरी बैठक 28 जनवरी 2020 को हुई थी। दो वर्ष गुजर जाने के बाद भी फाइल इधर से उधर गुजर रही है। 28 मई कमिश्नर सुरेंद्र सिंह ने प्रोजेक्ट की समीक्षा की थी। अब एनसीआरटीसी को मेरठ में ही कार्य की रफ्तार बढ़ानी है। इसके बाद ही कार्य रफ्तार पकड़ेगा।
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एक भूमिगत, बाकी सब एलीवेटेड
निजी भूमि पर नौ में आठ स्टेशन एलीवेटेड हैं। एक स्टेशन मेरठ सेंट्रल भूमिगत स्टेशन है। एलीवेटेड स्टेशनों के प्रवेश और निकास द्वार के लिए निजी भूमि की जरूरत होगी। इसके अलावा मोदीपुरम डिपो केे लिए जमीन की आवश्यकता होगी।
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निजी जमीन पर यहां बनेंगे स्टेशन
- मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दीनगर, ब्रह्पुरी, मेरठ सेंट्रल, डौरली, मेरठ नॉर्थ, मोदीपुरम
मोदीपुरम डिपो - 71.58 हेक्टेयर निजी भूमि।
दो दिन से निजी भूमि स्वामियों से संपर्क किया गया है। परतापुर में डीएफसी वालों को पत्र लिखकर उनका जो एलाइनमेंट जा रहा है, उसके लिए भी सूचना मांगी गई है। अगले दो-तीन दिन में सब फाइनल कर दिया जाएगा। - सुभाष चंद प्रजापति, एडीएम वित्त