रैपिड रेल प्रोजेक्ट: 10 अरब में 5 स्टेशन, सात करोड़ में बनेगी रोडवेज वर्कशॉप, जल्द शुरू होगा निर्माण
- - एनसीआरटीसी ने लॉकडाउन में टेंडर प्रक्रिया को किया फाइनल
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रैपिड रेल को दिल्ली से मेरठ तक दौड़ाने का लक्ष्य हासिल करने के लिए टेंडर प्रक्रिया में तेजी लाने के साथ धरातल पर भी कार्य शुरू कर दिए गए हैं। नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) वर्ष 2023 तक शताब्दीनगर तक और वर्ष 2025 तक मोदीपुरम तक रैपिड रेल चलाने का दावा कर रहा है। इसमें मोदीनगर नॉर्थ से शताब्दीनगर तक स्ट्रक्चर सहित स्टेशन निर्माण दस अरब और रोडवेज की रीजनल कार्यशाला का निर्माण सात करोड़ में किया जाएगा।
एनसीआरटीसी ने दुहाई से शताब्दीनगर तक एलएंडटी को एलीवेटेड स्ट्रक्चर और स्टेशन निर्माण का जिम्मा दिया है। जिससे निर्माण कार्य में तेजी आ सके। इसी को देखते हुए एलएंडटी ने दिन-रात कार्य को शुरू कर दिया है। दस स्टेशनों के निर्माण के साथ भैसाली बस अड्डे की शिफ्ट होने वाली वर्कशॉप का टेंडर भी फाइनल कर दिया गया है। इसके शिफ्ट होने के बाद तुरंत एनसीआरटीसी कार्य शुरू करा देगा।
शताब्दीनगर में शिफ्ट पर लगा है अड़ंगा
भैसाली बस अड्डे पर रैपिड रेल का स्टेशन बनाया जाना है। इसके लिए रीजनल कार्यशाला को शताब्दीनगर में शिफ्ट किया जाना है। लगभग चार हजार वर्ग मीटर जमीन पर इसे शिफ्ट करना है। लेकिन एमडीए इस जमीन के पैसे के लिए अड़ा है। शासन ने भी कई बार सख्ती दिखाते हुए जल्द शिफ्ट करने के निर्देश दिए हैं।
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रोडवेज रीजनल कार्यशाला -
कुल लागत - सात करोड़ 57 लाख 73 हजार 556
कंपनी - एसआरएम ब्यूल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड
टेंडर अवार्ड - 18 मई 2020
पांच स्टेशन निर्माण और एलीवेटेड स्ट्रक्चर
कुल लागत - 10 अरब 38 करोड़ 13 लाख तीन हजार 615
कंपनी - एलएंडटी
टेंडर अवार्ड - 19 मार्च 2020
इन स्टेशनों का होगा निर्माण
मोदीनगर नॉर्थ, मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दीनगर
जहां शिफ्ट होगी कार्यशाला, हम वहां बना देंगे
हमें रोडवेज पर स्टेशन बनाना है। इसके लिए भैसाली बस अड्डे की रीजनल वर्कशॉप को शताब्दीनगर में शिफ्ट करने का प्लान है। इसके लिए हमनें टेंडर फाइनल कर दिया है। हम ही रीजनल वर्कशॉप को बनाकर तैयार करेंगे। -सुधीर शर्मा, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, एनसीआरटीसी