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रैपिड रेल : दिल्ली रोड से मोदीपुरम तक निर्माण के लिए लेनी होगी एनसीआरटीसी से अनुमति
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रैपिड रेल : दिल्ली रोड से मोदीपुरम तक निर्माण के लिए लेनी होगी एनसीआरटीसी से अनुमति
मेरठ। अगर आप दिल्ली रोड से लेकर मोदीपुरम तक आवासीय या व्यावसायिक निर्माण करने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) से भी अनुमति लेनी होगी। इसके लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। एनसीआरटीसी ने एमडीए को पत्र लिखकर सभी मानचित्र पास कराने को लेकर संपर्क करने के निर्देश दिए हैं। जिससे रैपिड रेल के एलाइनमेंट में ये मकान, दुकान बाधा न बन सकें। इसके लिए एनसीआरटीसी ने 50 से 100 मीटर तक की सड़क से दूरी तय की है। अलग-अलग स्थानों पर ये दूरी तय की गई है। मानचित्र पास कराने से पहले एनसीआरटीसी से संपर्क करना होगा।
82 किमी के दिल्ली से मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट में परतापुर फ्लाईओवर से मोदीपुरम तक का अधिकांश क्षेत्र एमडीए के अंतर्गत आता है। इसी को देखते हुए ये नियम तय किए जा रहे हैं। जिससे अगर कोई अभी हाल ही में निर्माण करता है तो इसके लिए वह एमडीए में संपर्क जरूर कर लें। जिससे आगे निर्माणकर्ता को कोई परेशानी न आ सके। मेरठ सीमा में सबसे अधिक अंडरग्राउंड स्टेशन है। इसी को देखते हुए निर्माण के लिए ऐसा आदेश जारी किया गया है। अंडरग्राउंड स्टेशन में जमीन के कई मीटर दूरी तक मशीनों के द्वारा खोदाई की जाती है। जिससे आसपास के मकानों में भी दरारें आती है। इससे पहले कोई नया निर्माण उस दूरी के अंतर्गत न बन सके इसलिए ये नियम लागू किए जा रहे हैं।
तीन अंडरग्राउंड, आठ एलीवेटिड स्टेशन
मेरठ में रैपिड रेल एलाइनमेंट में मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दीनगर, ब्रह्मपुरी, एमईएस कॉलोनी, डौरली मेट्रो, मेरठ नॉर्थ, मोदीपुरम एलीवेटिड स्टेशन है। वहीं, मेरठ सेंट्रल, भैसाली, बेगमपुल अंडरग्राउंड स्टेशन हैं।
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अभी तक ऐसे तीन आवेदन आ गए
एमडीए में इस क्षेत्र के मानचित्र पास कराने के लिए तीन आवेदन आ चुके हैं। जिन्हें एनओसी लेने के लिए एनसीआरटीसी के मेरठ कार्यालय भेजा गया। हालांकि, निर्माणकर्ताओं का कहना है कि कहीं ऐसा तो नहीं अब एनसीआरटीसी की तरफ से एनओसी देने में भी देरी हो। लेकिन एनसीआरटीसी की तरफ से रैपिड रेल का एलाइनमेंट मिलाने के बाद ही निर्माण की अनुमति दी जाएगी।
हमें मिल गए हैं निर्देश
एमडीए के मुख्य नगर नियोजक इश्तियाक अहमद का कहना है कि इसके लिए एनसीआरटीसी के निर्देश हमें प्राप्त हो चुके हैं। हमारे पास कोई भी अगर नक्शा पास कराने आता है तो हम उसे पहले एनसीआरटीसी के मेरठ कार्यालय भेज रहे हैं। वहां से एनओसी मिलने के बाद ही वह निर्माण शुरू करा सकता है।
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मेरठ। अगर आप दिल्ली रोड से लेकर मोदीपुरम तक आवासीय या व्यावसायिक निर्माण करने की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) से भी अनुमति लेनी होगी। इसके लिए आदेश जारी कर दिए गए हैं। एनसीआरटीसी ने एमडीए को पत्र लिखकर सभी मानचित्र पास कराने को लेकर संपर्क करने के निर्देश दिए हैं। जिससे रैपिड रेल के एलाइनमेंट में ये मकान, दुकान बाधा न बन सकें। इसके लिए एनसीआरटीसी ने 50 से 100 मीटर तक की सड़क से दूरी तय की है। अलग-अलग स्थानों पर ये दूरी तय की गई है। मानचित्र पास कराने से पहले एनसीआरटीसी से संपर्क करना होगा।
82 किमी के दिल्ली से मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट में परतापुर फ्लाईओवर से मोदीपुरम तक का अधिकांश क्षेत्र एमडीए के अंतर्गत आता है। इसी को देखते हुए ये नियम तय किए जा रहे हैं। जिससे अगर कोई अभी हाल ही में निर्माण करता है तो इसके लिए वह एमडीए में संपर्क जरूर कर लें। जिससे आगे निर्माणकर्ता को कोई परेशानी न आ सके। मेरठ सीमा में सबसे अधिक अंडरग्राउंड स्टेशन है। इसी को देखते हुए निर्माण के लिए ऐसा आदेश जारी किया गया है। अंडरग्राउंड स्टेशन में जमीन के कई मीटर दूरी तक मशीनों के द्वारा खोदाई की जाती है। जिससे आसपास के मकानों में भी दरारें आती है। इससे पहले कोई नया निर्माण उस दूरी के अंतर्गत न बन सके इसलिए ये नियम लागू किए जा रहे हैं।
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तीन अंडरग्राउंड, आठ एलीवेटिड स्टेशन
मेरठ में रैपिड रेल एलाइनमेंट में मेरठ साउथ, परतापुर, रिठानी, शताब्दीनगर, ब्रह्मपुरी, एमईएस कॉलोनी, डौरली मेट्रो, मेरठ नॉर्थ, मोदीपुरम एलीवेटिड स्टेशन है। वहीं, मेरठ सेंट्रल, भैसाली, बेगमपुल अंडरग्राउंड स्टेशन हैं।
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अभी तक ऐसे तीन आवेदन आ गए
एमडीए में इस क्षेत्र के मानचित्र पास कराने के लिए तीन आवेदन आ चुके हैं। जिन्हें एनओसी लेने के लिए एनसीआरटीसी के मेरठ कार्यालय भेजा गया। हालांकि, निर्माणकर्ताओं का कहना है कि कहीं ऐसा तो नहीं अब एनसीआरटीसी की तरफ से एनओसी देने में भी देरी हो। लेकिन एनसीआरटीसी की तरफ से रैपिड रेल का एलाइनमेंट मिलाने के बाद ही निर्माण की अनुमति दी जाएगी।
हमें मिल गए हैं निर्देश
एमडीए के मुख्य नगर नियोजक इश्तियाक अहमद का कहना है कि इसके लिए एनसीआरटीसी के निर्देश हमें प्राप्त हो चुके हैं। हमारे पास कोई भी अगर नक्शा पास कराने आता है तो हम उसे पहले एनसीआरटीसी के मेरठ कार्यालय भेज रहे हैं। वहां से एनओसी मिलने के बाद ही वह निर्माण शुरू करा सकता है।