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रैपिड रेल: सुरंग बनाने के टेस्ट में पास हुई सुदर्शन, कॉरिडोर पर सीधे जोड़ी जा रहीं पटरियां
Sat, 16 Oct 2021 01:03 PM IST
Dimple Sirohi
दीपक भारद्वाज, अमर उजाला नेटवर्क मेरठ, मेरठ
दीपक भारद्वाज, अमर उजाला नेटवर्क मेरठ, मेरठ
Published by: Dimple Sirohi
Updated Sat, 16 Oct 2021 01:03 PM IST
सार
दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल की छह किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने के लिए विदेश से सुदर्शन नाम की खास मशीन मंगाई जाएगी। यह मशीन टेस्ट में पास हो गई है। पटरियों को जोड़कर ट्रैक बनाया जा रहा है।
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rapid rail Meerut
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल की छह किलोमीटर लंबी सुरंग बनाने के लिए विदेश से सुदर्शन नाम की खास मशीन मंगाई जाएगी। यह मशीन टेस्ट में पास हो गई है। शहर में टीपीनगर तिराहे से जीरो माइल तक जनवरी में 6 सुदर्शन मशीनें लगाई जाएंगी। एनसीआरटीसी ने एक चार मिनट का वीडियो जारी कर बताया है कि स्टेशनों के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर और पटरियां टेस्टिंग के चरण में पहुंच गई हैं।
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गांधी बाग से ट्रांसपोर्ट नगर तिराहे तक 5.8 किलोमीटर लंबी सुरंग केसरगंज, जलीकोठी जैसे पुराने इलाकों के हजारों मकानों के नीचे तैयार की जाएगी। शहर में रैपिड रेल करीब 15 से 20 मीटर गहराई में चलेगी। सुरंग बनाने के दौरान ऐसी आधुनिक मशीनें लगाई जाएंगी जो कहीं भी मकानों या सड़क आदि में आने वाली दरारों का संकेत दे देंगी।
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कॉरिडोर पर सीधे जोड़ी जा रहीं पटरियां
एनसीआरटीसी ने मेरठ स्थित शताब्दीनगर कॉस्टिंग यार्ड में ट्रैक स्लैब फैक्ट्ररी बनाई है। यहां पटरियों के स्लैब तैयार हो रहे हैं। साहिबाबाद से दुहाई के बीच 17 किलोमीटर लंबे पहले चरण के लिए इसी फैक्टरी से स्लैब पहुंचाए जा रहे हैं। वहां पटरियों को जोड़कर ट्रैक बनाया जा रहा है। इस ट्रैक पर काफी तेज गति से कार्य चल रहा है। सब ठीक रहा तो समय पर रैपिड दौड़ती नजर आएगी।
रैपिड के सफर में दिखेंगे खूबसूरत नजारे
2023 में रैपिड रेल का सफर करते वक्त आपके खूबसूरत नजारे भी दिखेंगे। रैपिड रेल यमुना और हिंडन को पार करेगी। इन दोनों नदियों को पार करने के लिए पुल बनाया जा रहा है। हिंडन एलिवेटेड रोड, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को भी रैपिड रेल कॉरिडोर पार करेगा।