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मेरठ: मकानों के नीचे से गुजरेगी रैपिड रेल, अत्याधुनिक तकनीक से होगी लैस, ब्रेक दबने से बनेगी बिजली

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Thu, 04 Mar 2021 01:13 PM IST

सार

  • रैपिड रेल के ब्रेक दबने से बनेगी बिजली
  • रिजेनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम तकनीक का किया जाएगा उपयोग
  • 30 प्रतिशत बिजली  की खपत होगी कम
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रैपिड रेल ट्रैक निर्माण
रैपिड रेल ट्रैक निर्माण - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

मेरठ में रैपिड रेल के संचालन के लिए खोदाई  कैसे होगी और टनल कैसे बनेगी, अब इसकी जानकारी देने के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम ने शहरवासियों को जानकारी देने की तैयारी कर ली है। इसी क्रम में जनसंपर्क कार्यक्रम की शुरुआत की गई है। पहला कार्यक्रम ब्रह्मपुरी इलाके में किया गया। इसमें व्यापारियों और स्थानीय निवासियों के साथ सवाल-जवाब किए गए। इस कार्यक्रम में लगभग 60 लोग मौजूद रहे। अब बेगमपुल क्षेत्र से जुड़े लोगों के साथ संवाद होगा।
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शहर में रैपिड रेल कॉरिडोर का कार्य तेजी से चल रहा है। तहसील और बेगमपुल पर बैरिकेडिंग कर पूरा कवर किया जा रहा है। इन बैरिकेडिंग को देखते हुए निवासियों में काफी उत्सुकता है। इसी को देखते हुए नागरिकों से सीधा संवाद बनाने और प्रोजेक्ट से जुड़ी किसी भी प्रकार की शंका या उत्सुकता को दूर करने के लिए जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित कराए जा रहे हैं। पहले कार्यक्रम में जनता को ब्रह्मपुरी में बनाए जाने वाले एलीवेटेड स्टेशन से जुड़ी सभी जानकारियां दी गईं और उनके सुझाव भी लिए गए।


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स्थानीय निवासियों ने सुझाव में कहा कि आप भले ही दिन-रात कार्य करते रहिए, लेकिन व्यापारियों को किसी भी तरह की कोई दिक्क्त न आए। इस पर एनसीआरटीसी प्रतिनिधियों ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से जानकारी दी। किस तरह से रात के समय टनल की खोदाई के लिए मिट्टी निकाली जाएगी और कहां भेजी जाएगी।

खोदाई करते समय मकान, दुकान में क्या असर पड़ेगा, इसकी भी जानकारी दी गई। इसमें बताया गया कि जिस-जिस के मकान इस दायरे में आएंगे उनकी तकनीक के साथ जांच होगी। इसके बाद ही जमीन के नीचे टनल की खोदाई की जाएगी। इस बात को सुनकर स्थानीय निवासी भी हतप्रभ रह गए। स्थानीय निवासियों का कहना था कि समय-समय पर आप हमें अपडेट करते रहिएगा। एनसीआरटीसी इससे पहले गाजियाबाद और मोदीनगर में भी जनसंपर्क कर चुका है।
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