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रैपिड रेल : डिपो और कॉस्टिंग यार्ड के लिए जमीन की उलझन
Mon, 12 Aug 2019 02:16 AM IST
Gaurav sharma
दीपक भारद्वाज
दीपक भारद्वाज
Published by: Gaurav sharma
Updated Mon, 12 Aug 2019 02:16 AM IST
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रैपिड रेल फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
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मेरठ के नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कारपोरेशन (एनसीआरटीसी) की तरफ से रैपिड रेल का कार्य तेज गति से करने पर जोर है। इसके लिए हर जगह जमीन की उपलब्धता के लिए एनसीआरटीसी जिला प्रशासन से संपर्क कर रहा है। मोदीपुरम में डिपो और शताब्दीनगर में कॉस्टिंग यार्ड प्रस्तावित है, लेकिन दोनों स्थानों पर अभी जमीन की उलझन है।
82 किलोमीटर के दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट के पहले चरण में 16.5 किलोमीटर में साहिबाबाद से दुहाई तक कार्य शुरू किया जा चुका है। इसके बाद मेरठ क्षेत्र में कार्य किया जाना है। शताब्दीनगर में रैपिड रेल के कॉस्टिंग यार्ड के लिए 28 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। इसके लिए एनसीआरटीसी को एमडीए से किराए पर अस्थायी जमीन लेनी है। इसके लिए प्रस्ताव एमडीए भेज दिया है। एमडीए की 14 अगस्त को कमिश्नर की अध्यक्षता में होने वाली बोर्ड बैठक में इस मामले पर चर्चा होगी। इसमें तय किया जाएगा कि किस रेट पर एनसीआरटीसी को शताब्दीनगर में कॉस्टिंग यार्ड के लिए जमीन देनी है।
यह होगा 28 हेक्टेयर के कॉस्टिंग यार्ड में
मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक किए जाने वाले निर्माण के लिए कॉस्टिंग यार्ड बनाया जाएगा। इस यार्ड में रेलवे ओवरब्रिज के स्लैब, पिलर, टेक्निकल कार्य, क्रेन, मशीनें आदि सामान रखने की व्यवस्था होगी। वहीं दिन और रात के समय कार्य करने के लिए यहां मजदूरों के रहने के लिए भी व्यवस्था की जाएगी। इस सीमा में मेट्रो-कम-रैपिड के 12 स्टेशन हैं। इन स्टेशनों का ही निर्माण किया जाना है। मेरठ तक रैपिड रेल को वर्ष-2025 तक चलाने का लक्ष्य है।
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71 हेक्टेयर में रैपिड रेल का डिपो
मोदीपुरम से आगे दौराला के पास एनसीआरटीसी को 71 हेक्टेयर मेें डिपो बनाना है। कई बार किसानों से डीएम की अध्यक्षता में वार्ता की गई, लेकिन बात नहीं बन सकी। एनसीआरटीसी का कहना है कि अब कमिश्नर के माध्यम से ही इस मामले पर भी किसानों के साथ बैठकर सहमति बनाई जाएगी। हालांकि, नई जमीन अधिग्रहण नीति में नगर पंचायत में जमीन होने से किसानों को सर्किल रेट का दोगुना मुआवजा दिया जाना है।
ऐसा होगा रैपिड रेल का डिपो
इस डिपो में रैपिड रेल का मेंटीनेंस, कोच की उपलब्धता, रिजर्व कोच आदि की व्यवस्था की जाएगी। इससे किसी भी समय रैपिड रेल में तकनीकी खराबी होने पर रिजर्व कोच को उपलब्ध कराया जा सके। इसके अलावा गाजियाबाद क्षेत्र में मुरादनगर के पास डिपो बनाया जाना है।
जमीन पर होगी चर्चा
बोर्ड बैठक में शताब्दीनगर में एनसीआरटीसी को दी जाने वाली जमीन पर चर्चा होगी। कमिश्नर मैडम के निर्देश पर एनसीआरटीसी को 28 हेक्टेयर जमीन अस्थायी रूप से दे दी जाएगी। -राजकुमार, एमडीए सचिव
82 किलोमीटर के दिल्ली-मेरठ रैपिड रेल प्रोजेक्ट के पहले चरण में 16.5 किलोमीटर में साहिबाबाद से दुहाई तक कार्य शुरू किया जा चुका है। इसके बाद मेरठ क्षेत्र में कार्य किया जाना है। शताब्दीनगर में रैपिड रेल के कॉस्टिंग यार्ड के लिए 28 हेक्टेयर जमीन की आवश्यकता है। इसके लिए एनसीआरटीसी को एमडीए से किराए पर अस्थायी जमीन लेनी है। इसके लिए प्रस्ताव एमडीए भेज दिया है। एमडीए की 14 अगस्त को कमिश्नर की अध्यक्षता में होने वाली बोर्ड बैठक में इस मामले पर चर्चा होगी। इसमें तय किया जाएगा कि किस रेट पर एनसीआरटीसी को शताब्दीनगर में कॉस्टिंग यार्ड के लिए जमीन देनी है।
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यह होगा 28 हेक्टेयर के कॉस्टिंग यार्ड में
मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक किए जाने वाले निर्माण के लिए कॉस्टिंग यार्ड बनाया जाएगा। इस यार्ड में रेलवे ओवरब्रिज के स्लैब, पिलर, टेक्निकल कार्य, क्रेन, मशीनें आदि सामान रखने की व्यवस्था होगी। वहीं दिन और रात के समय कार्य करने के लिए यहां मजदूरों के रहने के लिए भी व्यवस्था की जाएगी। इस सीमा में मेट्रो-कम-रैपिड के 12 स्टेशन हैं। इन स्टेशनों का ही निर्माण किया जाना है। मेरठ तक रैपिड रेल को वर्ष-2025 तक चलाने का लक्ष्य है।
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71 हेक्टेयर में रैपिड रेल का डिपो
मोदीपुरम से आगे दौराला के पास एनसीआरटीसी को 71 हेक्टेयर मेें डिपो बनाना है। कई बार किसानों से डीएम की अध्यक्षता में वार्ता की गई, लेकिन बात नहीं बन सकी। एनसीआरटीसी का कहना है कि अब कमिश्नर के माध्यम से ही इस मामले पर भी किसानों के साथ बैठकर सहमति बनाई जाएगी। हालांकि, नई जमीन अधिग्रहण नीति में नगर पंचायत में जमीन होने से किसानों को सर्किल रेट का दोगुना मुआवजा दिया जाना है।
ऐसा होगा रैपिड रेल का डिपो
इस डिपो में रैपिड रेल का मेंटीनेंस, कोच की उपलब्धता, रिजर्व कोच आदि की व्यवस्था की जाएगी। इससे किसी भी समय रैपिड रेल में तकनीकी खराबी होने पर रिजर्व कोच को उपलब्ध कराया जा सके। इसके अलावा गाजियाबाद क्षेत्र में मुरादनगर के पास डिपो बनाया जाना है।
जमीन पर होगी चर्चा
बोर्ड बैठक में शताब्दीनगर में एनसीआरटीसी को दी जाने वाली जमीन पर चर्चा होगी। कमिश्नर मैडम के निर्देश पर एनसीआरटीसी को 28 हेक्टेयर जमीन अस्थायी रूप से दे दी जाएगी। -राजकुमार, एमडीए सचिव