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रैपिड रेल- एनसीआरटीसी ने किया सर्वे,शताब्दीनगर में बनेगा डिपो-फोटो
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मेरठ। रैपिड रेल के लिए दिल्ली रोड स्थित शताब्दीनगर में 28 हेक्टेयर जमीन में कॉस्टिंग यार्ड बनाया जाना है। इसके लिए नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की टीम ने बृहस्पतिवार को शताब्दीनगर में निरीक्षण किया। वीसी बंगले के पास ही कॉस्टिंग यार्ड के लिए जमीन का चिन्हांकन किया गया है। एनसीआरटीसी को यह जमीन किराए पर लेनी है। इसके लिए एमडीए की तरफ से प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।
मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक किए जाने वाले निर्माण के लिए कॉस्टिंग यार्ड बनाया जाएगा। इस यार्ड में रेलवे ओवरब्रिज के स्लैब, पिलर, टेक्निकल कार्य, क्रेन, मशीनें आदि सामान रखने की व्यवस्था होगी। वहीं दिन और रात के समय काम करने के लिए यहां मजदूरों के रहने की भी व्यवस्था की जाएगी। इस सीमा में मेट्रो-कम-रैपिड के 12 स्टेशन हैं। इन स्टेशनों का ही निर्माण किया जाना है। मेरठ तक रैपिड रेल को वर्ष-2025 तक चलाने का लक्ष्य है। रैपिड के लिए एनसीआरटीसी की टीम ने हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य देखा। टीम ने परतापुर में हो रहे पाइल लोड टेस्ट और दोनों ओर हो रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य को देखकर तेजी लाने के निर्देश निर्माण कंपनी को दिए। जिससे तय समय पर परतापुर तक भी पिलर का निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।
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मेरठ साउथ से मोदीपुरम तक किए जाने वाले निर्माण के लिए कॉस्टिंग यार्ड बनाया जाएगा। इस यार्ड में रेलवे ओवरब्रिज के स्लैब, पिलर, टेक्निकल कार्य, क्रेन, मशीनें आदि सामान रखने की व्यवस्था होगी। वहीं दिन और रात के समय काम करने के लिए यहां मजदूरों के रहने की भी व्यवस्था की जाएगी। इस सीमा में मेट्रो-कम-रैपिड के 12 स्टेशन हैं। इन स्टेशनों का ही निर्माण किया जाना है। मेरठ तक रैपिड रेल को वर्ष-2025 तक चलाने का लक्ष्य है। रैपिड के लिए एनसीआरटीसी की टीम ने हाईवे के चौड़ीकरण का कार्य देखा। टीम ने परतापुर में हो रहे पाइल लोड टेस्ट और दोनों ओर हो रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य को देखकर तेजी लाने के निर्देश निर्माण कंपनी को दिए। जिससे तय समय पर परतापुर तक भी पिलर का निर्माण कार्य शुरू किया जा सके।
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