Rapid Rail: रैपिड रेल निर्माण के बाद 45 फीट जमीन की जरूरत, टूटेंगी 62 दुकानें
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मेरठ में रैपिड रेल निर्माण के बाद दोनों तरफ सड़क बनाने के लिए 45 फीट अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता होगी। दोनों तरफ 17.5 फीट की सड़क, दोनों तरफ 3.5 फीट का फुटपाथ और 1.5 फीट का नाला निर्माण करना होगा। व्यापारियों को आरआरटीएस के द्वारा उपलब्ध कराई जानकारी के अनुसार 25 फीट जगह उपलब्ध है। ऐसे में 20 फीट अतिरिक्त जगह के लिए अतिक्रमण और दुकानों की एक से पांच मीटर तक भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा। इसके लिए आरआरटीएस ने पूरी योजना तैयार कर ली है।
रामलीला ग्राउंड से जगदीश मंडप तक 62 दुकानों की सूची तैयार की गई है। इसमें खसरा नंबर से लेकर स्क्वायर मीटर कुल जगह को दर्शाया है। सूची में अतिक्रमण हटाने के बाद कितनी जगह का अधिग्रहण होगा। कितनी जगह का व्यापारियों के द्वारा अतिक्रमण किया गया है यह भी स्पष्ट है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल उत्तर प्रदेश के प्रांतीय अध्यक्ष ने बताया कि भूमि अधिग्रहण में दर्शाई गई भूमि के बाद व्यापारी के पास कुछ नहीं बचेगा। 40 व्यापारियों की दो से तीन मंजिला इमारत बनी हुई हैं। दोगुना मुआवजा देने की बात कही जा रही है। ऐसे में अब व्यापारियों के पास उच्च न्यायालय का ही रास्ता शेष रह गया है।
संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने कहा कि रैपिड निर्माण के बाद सड़क काफी चौड़ी हो जाएगी। नाले को अंडर ग्राउंड बनाएं, अतिक्रमण हटाएं, लेकिन व्यापारी के निर्माण के साथ कोई छेड़छाड़ न की जाए। इस संबंध में ईद के बाद जिलाधिकारी से मिलकर व्यापारियों की वास्तविक स्थिति के विषय में अवगत कराया जाएगा। वहीं आरआरटीएस के अधिकारी अभी इस मामले में कोई जानकारी देने को तैयार नहीं हैं।
पूरे जीवन की पूंजी लगाकर बनाईं दुकानें
18 साल पहले जीवन भर की जमा पूंजी लगाकर खसरा नंबर 1672 में 28.82 स्क्वायर मीटर और 31.29 मीटर की दो दुकानें बनाईं हैं। 4.92 मीटर भूमि यानी 15 फीट जगह लेने की बात कही जा रही है। रोजी रोटी का कोई साधन नहीं बचेगा। - मुनीश भारद्वाज, कन्फेक्शनरी संचालक
तीन मंजिला होटल कर देंगे ध्वस्त
चार फीट जगह का अधिग्रहण करेंगे लेकिन इसमें तीन मंजिला होटल का पूरा बाहरी हिस्सा रिसेप्शन तक खत्म हो जाएगा। लिंटर को बचाने के लिए पिलर बनाने होंगे। पहले मुआवजा तय करें उसके बाद व्यापारी को अपनी दुकान को सही करने का मौका दिया जाए। - अशोक चड्ढा, संचालक होटल सेंडल वुड।
व्यापारियों की बात सुनी जाए
आरआरटीएस के अधिकारियों ने सूची तैयार कर ली है। हमारे पास भी पूरी जानकारी आ गई है। हमें बताया गया है कि सूची प्रशासन और शासन को भेज दी गई है। जमीन अधिग्रहण में व्यापारियों की बात भी सुनी जानी चाहिए। -नवीन गुप्ता, संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष