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न्यूनतम वेतन कानून में संशोधन की मांग उठाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। राष्ट्रीय जन संगठन मंच के बैनर तले विभिन्न श्रमिक संगठनों ने बृहस्पतिवार को एक दिवसीय हड़ताल कर धरना दिया। उन्होंने न्यूनतम वेतन कानून में संशोधन की मांग की।
जिलाधिकारी कार्यालय पर धरने को संबोधित करते हुए संयोजक संजीव शर्मा ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की सोच की वजह से आई थी। यह विकास चंद पूंजीपतियों तक सिमट कर रह गया है। सरकार की नीतियों का परिणाम है कि एक फ़ीसदी पूंजीपतियों ने 73 फ़ीसदी परिसंपत्तियों पर कब्जा जमाया हुआ है। हर साल दो करोड़ रोजगार देने का दावा करने वाली सरकार दो लाख रोजगार भी नहीं दे पा रही है। इससे युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। किसान, सरकार की नीतियों से बुरी तरह प्रभावित हैं। महंगाई चरम पर है। वहीं, सरकार निजीकरण को बढ़ावा देकर देश को बर्बादी की ओर ले जा रही है। इस दौरान न्यूनतम वेतन कानून में संशोधन कर 21 हजार करके मूल्य सूचकांक से जोड़ने, कोरोना काल में बेरोजगार हुए मजदूरों को रोजगार दिलाने समेत 19 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। यहां आयकर विभाग से विनय कुमार, बैंक इम्प्लॉइज यूनियन से प्रशांत शर्मा, बीमा कर्मचारी संघ से अनुराग शर्मा, सतपाल सिंह, धनंजय सिंह, बनी सिंह चौहान, मदन यादव, वीरेंद्र गुप्ता, रविपाल सिंह सिरोही आदि का विशेष सहयोग रहा।
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मेरठ। राष्ट्रीय जन संगठन मंच के बैनर तले विभिन्न श्रमिक संगठनों ने बृहस्पतिवार को एक दिवसीय हड़ताल कर धरना दिया। उन्होंने न्यूनतम वेतन कानून में संशोधन की मांग की।
जिलाधिकारी कार्यालय पर धरने को संबोधित करते हुए संयोजक संजीव शर्मा ने कहा कि केंद्र में भाजपा की सरकार सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास की सोच की वजह से आई थी। यह विकास चंद पूंजीपतियों तक सिमट कर रह गया है। सरकार की नीतियों का परिणाम है कि एक फ़ीसदी पूंजीपतियों ने 73 फ़ीसदी परिसंपत्तियों पर कब्जा जमाया हुआ है। हर साल दो करोड़ रोजगार देने का दावा करने वाली सरकार दो लाख रोजगार भी नहीं दे पा रही है। इससे युवाओं का भविष्य बर्बाद हो रहा है। किसान, सरकार की नीतियों से बुरी तरह प्रभावित हैं। महंगाई चरम पर है। वहीं, सरकार निजीकरण को बढ़ावा देकर देश को बर्बादी की ओर ले जा रही है। इस दौरान न्यूनतम वेतन कानून में संशोधन कर 21 हजार करके मूल्य सूचकांक से जोड़ने, कोरोना काल में बेरोजगार हुए मजदूरों को रोजगार दिलाने समेत 19 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा। यहां आयकर विभाग से विनय कुमार, बैंक इम्प्लॉइज यूनियन से प्रशांत शर्मा, बीमा कर्मचारी संघ से अनुराग शर्मा, सतपाल सिंह, धनंजय सिंह, बनी सिंह चौहान, मदन यादव, वीरेंद्र गुप्ता, रविपाल सिंह सिरोही आदि का विशेष सहयोग रहा।
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