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बारिश ने घटा दिया गेहूं का रकबा
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बारिश ने घटा दिया गेहूं का रकबा
मुजफ्फरनगर। दिसंबर और जनवरी माह की बारिश ने गेहूं की खेती को भारी नुकसान पहुंचाया है। आए दिन हो रही बारिश से गेहूं की बुवाई बुरी तरह प्रभावित रही। इस बार गेहूं का रकबा आठ से दस हजार हेक्टेयर कम हो गया है। बड़ी संख्या में किसान गेहूं की बुवाई नहीं कर पाए। खेतों में पानी भर जाने से गेहूं का जमाव भी अच्छा नहीं हुआ है। इसका सीधा असर गेहूं के उत्पादन पर पड़ेगा।
जिले के किसान गन्ने की कटाई कर गेहूं की बुवाई करते हैं। इस बार गन्ना पर्चियां कम मिलने से खेत समय पर खाली नहीं हो पाए। किसानों ने जैसे-तैसे खेत खाली किए तो बारिश कहर बनकर टूट पड़ी। 13, 14 एवं 15 दिसंबर को बारिश हुई थी। इसके बाद मौसम लगातार खराब बना रहा। धूप नहीं निकलने से गन्ने की कटाई भी बाधित रही और गेेेहूं की बुवाई के लिए खेत भी तैयार नहीं हो पाए। जनवरी माह में आए दिन बारिश हो रही है। इसके चलते गेहूं की बुवाई बुरी तरह बाधित हो गई। जिले में गन्ने का रकबा गत वर्ष करीब 80 हजार हेक्टेयर था। इस बार इससे ज्यादा बुवाई होनी थी लेकिन खेत खाली नहीं होने से गेहूं की बुवाई नहीं हो पाई। भोपा निवासी किसान उपेंद्र सिंह एवं राजपाल सिंह का कहना है जैसे ही उन्होंने गेहूं की बुवाई की तो अगले दिन बारिश हो गई। खेत में पानी भरा हुआ है। पीनना निवासी अमरपाल का कहना है कि गन्ना पर्चियां लेट आईं थी, जैसे ही खेत खाली हुए तो बारिश हो गई। गेहूं की बुवाई नहीं कर पाए। उपनिदेशक कृषि जसवीर तेवतिया का कहना है कि बारिश के चलते गेहूं का रकबा प्रभावित हुआ है। समय पर खेत तैयार नहीं होने के चलते काफी किसान गेहूं की बुवाई नहीं कर पाए हैं। रकबा आठ से दस हजार हेक्टेयर कम रहने का अनुमान है।
-- बीते वर्षों में जनवरी माह में हुई औसत बारिश
वर्ष बारिश (मिलीमीटर)
2014 9.95
2015 2.65
2016 1.7
2017 17.26
2018 6.06
2019 30.45
2020 10.20
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मुजफ्फरनगर। दिसंबर और जनवरी माह की बारिश ने गेहूं की खेती को भारी नुकसान पहुंचाया है। आए दिन हो रही बारिश से गेहूं की बुवाई बुरी तरह प्रभावित रही। इस बार गेहूं का रकबा आठ से दस हजार हेक्टेयर कम हो गया है। बड़ी संख्या में किसान गेहूं की बुवाई नहीं कर पाए। खेतों में पानी भर जाने से गेहूं का जमाव भी अच्छा नहीं हुआ है। इसका सीधा असर गेहूं के उत्पादन पर पड़ेगा।
जिले के किसान गन्ने की कटाई कर गेहूं की बुवाई करते हैं। इस बार गन्ना पर्चियां कम मिलने से खेत समय पर खाली नहीं हो पाए। किसानों ने जैसे-तैसे खेत खाली किए तो बारिश कहर बनकर टूट पड़ी। 13, 14 एवं 15 दिसंबर को बारिश हुई थी। इसके बाद मौसम लगातार खराब बना रहा। धूप नहीं निकलने से गन्ने की कटाई भी बाधित रही और गेेेहूं की बुवाई के लिए खेत भी तैयार नहीं हो पाए। जनवरी माह में आए दिन बारिश हो रही है। इसके चलते गेहूं की बुवाई बुरी तरह बाधित हो गई। जिले में गन्ने का रकबा गत वर्ष करीब 80 हजार हेक्टेयर था। इस बार इससे ज्यादा बुवाई होनी थी लेकिन खेत खाली नहीं होने से गेहूं की बुवाई नहीं हो पाई। भोपा निवासी किसान उपेंद्र सिंह एवं राजपाल सिंह का कहना है जैसे ही उन्होंने गेहूं की बुवाई की तो अगले दिन बारिश हो गई। खेत में पानी भरा हुआ है। पीनना निवासी अमरपाल का कहना है कि गन्ना पर्चियां लेट आईं थी, जैसे ही खेत खाली हुए तो बारिश हो गई। गेहूं की बुवाई नहीं कर पाए। उपनिदेशक कृषि जसवीर तेवतिया का कहना है कि बारिश के चलते गेहूं का रकबा प्रभावित हुआ है। समय पर खेत तैयार नहीं होने के चलते काफी किसान गेहूं की बुवाई नहीं कर पाए हैं। रकबा आठ से दस हजार हेक्टेयर कम रहने का अनुमान है।
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-- बीते वर्षों में जनवरी माह में हुई औसत बारिश
वर्ष बारिश (मिलीमीटर)
2014 9.95
2015 2.65
2016 1.7
2017 17.26
2018 6.06
2019 30.45
2020 10.20