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Meerut News: खिवाई पौधरोपण पर सवाल, आरटीआई के बाद मुख्यमंत्री से शिकायत
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संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। वन विभाग के खिवाई कस्बे में कराए गए पौधरोपण पर सवाल उठे हैं। एक युवक ने सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) से मिली जानकारी के आधार पर मुख्यमंत्री से शिकायत की है। उसने पौधरोपण में अनियमितता की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
वन विभाग ने अपने अभिलेखों में 16,500 पौधे लगाने की बात कही थी। विभाग के अनुसार, इनमें से 12,250 पौधे जीवित हैं। सरधना क्षेत्र के टेहरकी गांव निवासी पृथ्वीराज चौहान ने यह जानकारी आरटीआई के तहत मांगी थी। उन्होंने 2021-22 से 2025-26 तक सरधना रेंज की संरक्षित वन भूमि पर हुए पौधरोपण का विवरण मांगा था। पृथ्वीराज का दावा है कि मौके पर निरीक्षण करने पर बहुत कम पौधे नजर आए। उन्होंने सरकारी धन के दुरुपयोग और अभिलेखों में गड़बड़ी की आशंका जताई है।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से पौधरोपण की वास्तविक स्थिति और दर्ज आंकड़ों के मिलान की मांग की है। उनका कहना है कि अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो। एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि एक टीम मौके पर जाकर स्थलों और उपलब्ध अभिलेखों का सत्यापन करेगी।
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सरधना। वन विभाग के खिवाई कस्बे में कराए गए पौधरोपण पर सवाल उठे हैं। एक युवक ने सूचना का अधिकार अधिनियम (आरटीआई) से मिली जानकारी के आधार पर मुख्यमंत्री से शिकायत की है। उसने पौधरोपण में अनियमितता की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
वन विभाग ने अपने अभिलेखों में 16,500 पौधे लगाने की बात कही थी। विभाग के अनुसार, इनमें से 12,250 पौधे जीवित हैं। सरधना क्षेत्र के टेहरकी गांव निवासी पृथ्वीराज चौहान ने यह जानकारी आरटीआई के तहत मांगी थी। उन्होंने 2021-22 से 2025-26 तक सरधना रेंज की संरक्षित वन भूमि पर हुए पौधरोपण का विवरण मांगा था। पृथ्वीराज का दावा है कि मौके पर निरीक्षण करने पर बहुत कम पौधे नजर आए। उन्होंने सरकारी धन के दुरुपयोग और अभिलेखों में गड़बड़ी की आशंका जताई है।
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शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से पौधरोपण की वास्तविक स्थिति और दर्ज आंकड़ों के मिलान की मांग की है। उनका कहना है कि अनियमितता मिलने पर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई हो। एसडीएम उदित नारायण सेंगर ने जांच कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने बताया कि एक टीम मौके पर जाकर स्थलों और उपलब्ध अभिलेखों का सत्यापन करेगी।
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