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Meerut News: मुख्यमंत्री के मेरठ आगमन पर धरनारत किसानों को किया नजरबंद
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खरखौदा में धरनारत किसानों को धरना स्थल पर ही नजर बंद करते पुलिसकर्मी(स्वयं)
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संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। मुख्यमंत्री के मेरठ आगमन पर गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे उद्योगीकरण के विरोध को लेकर पिछले 15 महीने से धरने पर बैठे किसानों को पुलिस ने धरनास्थल पर ही नजरबंद कर लिया। हालांकि किसानों ने मुख्यमंत्री से मिलने की योजना बना रखी थी।
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे उद्योगीकरण के लिए दूसरे चरण की भूमि अधिग्रहण योजना के विरोध में खरखौदा, छतरी, खड़खड़ी व गोविंदपुर के किसान करीब डेढ़ साल से खरखौदा में छतरी मोड़ पर धरने पर बैठे हैं। प्रशासन ने किसानों से सीधे आज तक कोई बात नहीं की। किसान जिद पर अड़े हैं कि इस योजना के लिए वह अपनी कृषि भूमि नहीं देंगे। उधर प्रशासन धीरे-धीरे अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।
किसानों के पक्ष में क्षेत्र के ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, खरखौदा नगर पंचायत अध्यक्ष, किसान यूनियन सहित अन्य कई संस्थाएं भी अपना समर्थन दें चुकी हैं। 15 महीने से लगातार धरने पर बैठे किसान इस अधिग्रहण के विरोध में कई बड़ी पंचायत भी कर चुके हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सलावा में जैसे ही कार्यक्रम तय हुआ तो पीड़ित किसानों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात करने का विचार बनाया, लेकिन प्रशासन की ओर से बृहस्पतिवार सुबह से ही खरखौदा पुलिस ने धरनारत किसानों को धरना स्थल पर ही नजरबंद कर दिया।
किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं को मुख्यमंत्री तक क्यों नहीं पहुंचने दे रहा। किसानों ने चेतावनी दी कि वह अपनी समस्या को मुख्यमंत्री दरबार तक जरूर पहुंचाएंगे चाहे इसके लिए उन्हें लखनऊ ही क्यों न जाना पड़े।
इस मौके पर किसान नेता मामचंद नागर, राजकुमार नागर, सुबोध कुमार, शौपाल बाबूजी, तेजपाल, परवीन, मांगेराम, नरेश त्यागी, सुनील त्यागी, दयाचंद, परमेंद्र प्रधान, लीलू, जगबीर मुखिया सहित कई लोग मौजूद रहे।
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खरखौदा। मुख्यमंत्री के मेरठ आगमन पर गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे उद्योगीकरण के विरोध को लेकर पिछले 15 महीने से धरने पर बैठे किसानों को पुलिस ने धरनास्थल पर ही नजरबंद कर लिया। हालांकि किसानों ने मुख्यमंत्री से मिलने की योजना बना रखी थी।
गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे उद्योगीकरण के लिए दूसरे चरण की भूमि अधिग्रहण योजना के विरोध में खरखौदा, छतरी, खड़खड़ी व गोविंदपुर के किसान करीब डेढ़ साल से खरखौदा में छतरी मोड़ पर धरने पर बैठे हैं। प्रशासन ने किसानों से सीधे आज तक कोई बात नहीं की। किसान जिद पर अड़े हैं कि इस योजना के लिए वह अपनी कृषि भूमि नहीं देंगे। उधर प्रशासन धीरे-धीरे अधिग्रहण की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहा है।
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किसानों के पक्ष में क्षेत्र के ग्राम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य, खरखौदा नगर पंचायत अध्यक्ष, किसान यूनियन सहित अन्य कई संस्थाएं भी अपना समर्थन दें चुकी हैं। 15 महीने से लगातार धरने पर बैठे किसान इस अधिग्रहण के विरोध में कई बड़ी पंचायत भी कर चुके हैं।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सलावा में जैसे ही कार्यक्रम तय हुआ तो पीड़ित किसानों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात करने का विचार बनाया, लेकिन प्रशासन की ओर से बृहस्पतिवार सुबह से ही खरखौदा पुलिस ने धरनारत किसानों को धरना स्थल पर ही नजरबंद कर दिया।
किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी समस्याओं को मुख्यमंत्री तक क्यों नहीं पहुंचने दे रहा। किसानों ने चेतावनी दी कि वह अपनी समस्या को मुख्यमंत्री दरबार तक जरूर पहुंचाएंगे चाहे इसके लिए उन्हें लखनऊ ही क्यों न जाना पड़े।
इस मौके पर किसान नेता मामचंद नागर, राजकुमार नागर, सुबोध कुमार, शौपाल बाबूजी, तेजपाल, परवीन, मांगेराम, नरेश त्यागी, सुनील त्यागी, दयाचंद, परमेंद्र प्रधान, लीलू, जगबीर मुखिया सहित कई लोग मौजूद रहे।