{"_id":"58ea8a784f1c1bd0355b5998","slug":"protest-for-shifting-wine-shop","type":"story","status":"publish","title_hn":"शराब के ठेकों की शिफ्टिंग में जनाक्रोश का पेच ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शराब के ठेकों की शिफ्टिंग में जनाक्रोश का पेच
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 10 Apr 2017 02:16 AM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर शराब के ठेकों की शिफ्टिंग में जन आक्रोश का पेच फंस गया है। नये ठेके तो दूर अब पुराने ठेकों को लेकर भी लोगों में गुस्सा है। जिससे जहां सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है, वहीं कानून व्यवस्था की स्थिति भी लगातार बिगड़ रही है। इन सबके बीच शासन से जो नया आदेश आया है, वह आबकारी विभाग के साथ शराब विक्रेताओं के लिए मुसीबत बन सकता है।
राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग के किनारे आधा किमी की दूरी में शराब ठेके हटा दिए गए हैैं। जिले में 99 दुकानों के शिफ्टिंग आवेदन को शासन से स्वीकृति मिल गई है। लेकिन हाईवे से अलग होकर दूसरी जगह जाने वाली इन दुकानों को लेकर जनता ने बवाल खड़ा कर दिया है। जगह-जगह महिलाएं शराब ठेकों के विरोध में लगातार सड़कों पर उतर रही हैं। जिससे आबकारी, प्रशासन और पुलिस विभाग तीनों जूझ रहे हैं। बड़ी मुसीबत ये हो रही है कि जो पुरानी दुकानें आबादी में चल रही थीं, इस बढ़ते आक्रोश का निशाना अब वो दुकानें भी बनने लगी हैं।
यह है पूरा मामला
सुप्रीम कोर्ट का हाईवे पर होने वाले हादसों के मद्देनजर आदेश था कि सभी नेशनल और स्टेट हाईवे की आधा किमी की परिधि में कोई शराब की दुकान नहीं होगी। 1 अप्रैल से आबकारी विभाग ने इस पर कार्रवाई शुरू कर दी है। जिले में अंग्रेजी शराब की 105, देशी शराब की 180 और बीयर की 98 दुकानें, 14 मॉडल शॉप और 15 बार हैं। इस आदेश से अंग्रेजी शराब की 58, देशी शराब की 66, बीयर की 59 और 10 मॉडल शॉप प्रभावित हो रही हैं। इन सभी को विभाग ने नोटिस जारी किया। जिसके बाद 99 दुकानों के स्थानांतरण की शासन ने स्वीकृति दे दी। इनमें देशी 25, विदेशी 37, बीयर 36 और एक मॉडल शाप शामिल हैं। लेकिन इनकी शिफ्टिंग मुसीबत बन गई है। हाईवे की भौगोलिक स्थिति
विज्ञापन
जिले में तीन नेशनल और चार स्टेट हाईवे आते हैं। जिनमें एनएच-58 दिल्ली से मेरठ होते हुए हरिद्वार तक जाता है। दूसरा एनएच-235 बेगमपुल से हापुड़ होते हुए बांदा तक जाता है। तीसरा नेशनल हाईवे 119 मेरठ से मवाना होते हुए पौड़ी तक जाता है। जबकि स्टेट हाईवे 14 बागपत से मेरठ होते हुए गढ़मुक्तेश्वर जाता है। स्टेट हाईवे 82 मेरठ-करनाल मार्ग है। इसके अलावा दो स्टेट हाईवे नेशनल हाईवे की अधिसूचना बदलने के बाद बने हैं। इनमें स्टेट हाईवे 45 परतापुर फ्लाईओवर से एचआरएस चौक तक है। चौथा स्टेट हाईवे 47 मवाना रोड पर छोटा मवाना से बहसूमा तक जाने वाला बाईपास है।
दो मार्ग की दुकानें नहीं आएंगी जद में
यदि मेरठ के तमाम रास्तों पर गौर करें तो सिर्फ मेरठ-परीक्षितगढ़, किठौर-परीक्षितगढ़-मवाना, मेरठ-रोहटा मार्ग और सरधना कस्बे में ही शराब की दुकानें बचती हैं। शहर के भीतर भी तमाम दुकानें इस हाईवे की जद में आने से बाहर हो रही हैं।
आबादी से बाहर होंगे मयखाने
जनता के बीच बढ़ते आक्रोश को देख अब प्रदेश सरकार की तरफ से नया आदेश जारी हुआ है। जिसमें आबादी के बीच से मयखाने बाहर करने की बात कही जा रही है। हालांकि जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप दूबे ने अभी कोई ऐसा आदेश आने से इंकार किया है। लेकिन सवाल ये है कि यदि ऐसा होता है तो आबकारी विभाग के साथ ही शराब विक्रेताओं के सामने बड़ी मुसीबत बन जाएगी। क्योंकि आबादी के बीच से शराब की दुकानें बाहर जाने का मतलब सीधे-सीधे अधिकांश दुकानें बंद होना है।
विज्ञापन
राष्ट्रीय और राज्य राजमार्ग के किनारे आधा किमी की दूरी में शराब ठेके हटा दिए गए हैैं। जिले में 99 दुकानों के शिफ्टिंग आवेदन को शासन से स्वीकृति मिल गई है। लेकिन हाईवे से अलग होकर दूसरी जगह जाने वाली इन दुकानों को लेकर जनता ने बवाल खड़ा कर दिया है। जगह-जगह महिलाएं शराब ठेकों के विरोध में लगातार सड़कों पर उतर रही हैं। जिससे आबकारी, प्रशासन और पुलिस विभाग तीनों जूझ रहे हैं। बड़ी मुसीबत ये हो रही है कि जो पुरानी दुकानें आबादी में चल रही थीं, इस बढ़ते आक्रोश का निशाना अब वो दुकानें भी बनने लगी हैं।
विज्ञापन
यह है पूरा मामला
सुप्रीम कोर्ट का हाईवे पर होने वाले हादसों के मद्देनजर आदेश था कि सभी नेशनल और स्टेट हाईवे की आधा किमी की परिधि में कोई शराब की दुकान नहीं होगी। 1 अप्रैल से आबकारी विभाग ने इस पर कार्रवाई शुरू कर दी है। जिले में अंग्रेजी शराब की 105, देशी शराब की 180 और बीयर की 98 दुकानें, 14 मॉडल शॉप और 15 बार हैं। इस आदेश से अंग्रेजी शराब की 58, देशी शराब की 66, बीयर की 59 और 10 मॉडल शॉप प्रभावित हो रही हैं। इन सभी को विभाग ने नोटिस जारी किया। जिसके बाद 99 दुकानों के स्थानांतरण की शासन ने स्वीकृति दे दी। इनमें देशी 25, विदेशी 37, बीयर 36 और एक मॉडल शाप शामिल हैं। लेकिन इनकी शिफ्टिंग मुसीबत बन गई है। हाईवे की भौगोलिक स्थिति
विज्ञापन
जिले में तीन नेशनल और चार स्टेट हाईवे आते हैं। जिनमें एनएच-58 दिल्ली से मेरठ होते हुए हरिद्वार तक जाता है। दूसरा एनएच-235 बेगमपुल से हापुड़ होते हुए बांदा तक जाता है। तीसरा नेशनल हाईवे 119 मेरठ से मवाना होते हुए पौड़ी तक जाता है। जबकि स्टेट हाईवे 14 बागपत से मेरठ होते हुए गढ़मुक्तेश्वर जाता है। स्टेट हाईवे 82 मेरठ-करनाल मार्ग है। इसके अलावा दो स्टेट हाईवे नेशनल हाईवे की अधिसूचना बदलने के बाद बने हैं। इनमें स्टेट हाईवे 45 परतापुर फ्लाईओवर से एचआरएस चौक तक है। चौथा स्टेट हाईवे 47 मवाना रोड पर छोटा मवाना से बहसूमा तक जाने वाला बाईपास है।
दो मार्ग की दुकानें नहीं आएंगी जद में
यदि मेरठ के तमाम रास्तों पर गौर करें तो सिर्फ मेरठ-परीक्षितगढ़, किठौर-परीक्षितगढ़-मवाना, मेरठ-रोहटा मार्ग और सरधना कस्बे में ही शराब की दुकानें बचती हैं। शहर के भीतर भी तमाम दुकानें इस हाईवे की जद में आने से बाहर हो रही हैं।
आबादी से बाहर होंगे मयखाने
जनता के बीच बढ़ते आक्रोश को देख अब प्रदेश सरकार की तरफ से नया आदेश जारी हुआ है। जिसमें आबादी के बीच से मयखाने बाहर करने की बात कही जा रही है। हालांकि जिला आबकारी अधिकारी प्रदीप दूबे ने अभी कोई ऐसा आदेश आने से इंकार किया है। लेकिन सवाल ये है कि यदि ऐसा होता है तो आबकारी विभाग के साथ ही शराब विक्रेताओं के सामने बड़ी मुसीबत बन जाएगी। क्योंकि आबादी के बीच से शराब की दुकानें बाहर जाने का मतलब सीधे-सीधे अधिकांश दुकानें बंद होना है।