सीसीएसयू अपडेट: अब CCSU से यूजी में नहीं कर पाएंगे प्राइवेट पढ़ाई, बैठक में निर्णय पर लगी मुहर
सीसीएसयू से अब छात्र-छात्राएं यूजी में प्राइवेट पढ़ाई नहीं कर पाएंगे। परीक्षा समिति की बैठक में इस निर्णय पर मुहर लगा दी गई है।
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राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू होने के कारण अब यूजी में व्यक्तिगत (प्राइवेट) प्रवेश नहीं होंगे। सीसीएसयू में हुई परीक्षा समिति की बैठक में इस निर्णय पर मुहर लगा दी गई है। प्रदेश के दूसरे विश्वविद्यालयों में भी व्यक्तिगत प्रवेश बंद किए जा चुके हैं। इसके साथ ही सीसीएसयू ने यूजी में फिर से 18 अक्तूबर तक रजिस्ट्रेशन खोल दिए हैं।
बीए-बीकॉम प्राइवेट में हर साल एक लाख से अधिक छात्र-छात्राएं प्रवेश लेते थे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू होने के बाद से ही व्यक्तिगत में प्रवेश के जारी रहने की संभावना खत्म हो गई थी। दरअसल, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत सिलेबस में बड़ा बदलाव हुआ है, ऐसे में प्राइवेट कोर्स चला पाना संभव नहीं था। गुरुवार को कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला की अध्यक्षता में आयोजित परीक्षा समिति की बैठक में स्नातक स्तर की व्यक्तिगत परीक्षाएं बंद करने का निर्णय लिया गया। स्नातकोत्तर स्तर पर अभी व्यक्तिगत परीक्षाएं जारी रहेंगी। बैठक में 18 अक्तूबर तक फिर से यूजी में रजिस्ट्रेशन खोल दिए गए हैं।
सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों की डिग्री भी कॉलेजों में जाएगी
विश्वविद्यालय से संबद्ध एडेड और राजकीय कॉलेजों के छात्र-छात्राओं की डिग्री पूर्व से ही उनके कॉलेजों में भेजी जाती रही है। परीक्षा समिति द्वारा यह निर्णय लिया गया कि सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के संस्थागत विद्यार्थियों की डिग्री भी अब संबंधित कॉलेजों को भेजी जाएंगी।
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बीए, बीकॉम अंतिम वर्ष एवं एमए एमकॉम द्वितीय वर्ष की परीक्षाओं का मूल्यांकन ओएमआर सीट के माध्यम से होता रहा है, जिसमें नए एवं पुराने पाठ्यक्रमों की उत्तर कुंजी के माध्यम से रिजल्ट तैयार किया गया है। जिस भी उत्तर कुंजी से विद्यार्थियों के प्राप्तांक अधिक हैं उसे मानते हुए परीक्षा परिणाम घोषित करने का निर्णय लिया गया।
अतिरिक्त परीक्षा केंद्र अधीक्षक एवं सहायक केंद्र अधीक्षक विश्वविद्यालय के परीक्षा नियमों के अनुसार महाविद्यालयों के प्राचार्य द्वारा नियुक्त किए जाने का निर्णय लिया गया।
एक साथ होंगे बैक और विषम सेमेस्टर के पेपर
बैठक में निर्णय लिया गया कि वार्षिक प्रणाली के बैक पेपर, स्पेशल बैक एवं विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं एक साथ कराने का निर्णय लिया गया। इन परीक्षाओं को आयोजित करने की संभावित तिथि 15 दिसंबर 2022 है। विश्वविद्यालय की मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुदृढ़ बनाने के लिए विभिन्न परीक्षाओं के मूल्यांकन में परीक्षकों का शिक्षण अनुभव न्यूनतम तीन वर्ष किए जाने का निर्णय लिया गया।
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ये रहे बैठक में शामिल
बैठक में कुलपति प्रो. संगीता शुक्ला, कुलसचिव धीरेंद्र कुमार, परीक्षा नियंत्रक डॉ. अश्वनी शर्मा, प्रो. नवीन चंद्र लोहनी, प्रो. विजय जायसवाल, डॉ. आरसी गुप्ता, डॉ. मुकेश कुमार जैन, डॉ. दिव्यानाथ, डॉ. अंजलि मित्तल, सहायक कुलसचिव सत्यप्रकाश, विकास कुमार एवं प्रेस प्रवक्ता प्रो. प्रशांत कुमार आदि मौजूद रहे।