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प्रार्थना ईश्वर और इंसान के मिलन का प्रतीक है : मार्टिन रावत

Sun, 30 Nov 2025 07:58 PM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Sun, 30 Nov 2025 07:58 PM IST
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Prayer is a symbol of the union of God and man: Martin Rawat
सरधना। ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में नवंबर माह के अंतिम रविवार को विशेष प्रार्थना सभा में दूर-
संवाद न्यूज एजेंसी
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सरधना। नगर में ऐतिहासिक रोमन कैथोलिक चर्च में नवंबर माह के अंतिम रविवार को आयोजित विशेष प्रार्थना सभा में दूरदराज के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं ने भाग लिया। सुबह होते ही भक्तों का आना शुरू हो गया। कुछ ही देर में चर्च प्रांगण भक्ति, शांति और आध्यात्मिक संगीत से भर उठा। श्रद्धालुओं ने पवित्र मिस्सा बलिदान में शामिल होकर प्रभु यीशु के 14 मुकामों के समक्ष घुटनों के बल बैठकर प्रार्थना की और अपनी मनोकामनाएं व्यक्त कीं।
कृपाओं की माता के महोत्सव के चलते नवंबर के अंतिम रविवार को आयोजित मिस्सा बलिदान में फादर वेलेरियन पिंटो ने माता मरियम की कृपा और प्रभु यीशु के प्रेम का संदेश सुनाया। उन्होंने कहा कि इंसान जब अपनी पारिवारिक, सामाजिक या आर्थिक समस्याएं मां मरियम के चरणों में रख देता है तो प्रभु यीशु उन परेशानियों को दूर कर जीवन में नई राह दिखाते हैं। उन्होंने कहा कि ईश्वर की कृपा जल की तरह है जो हर उस व्यक्ति को राहत देती है जो विश्वास के साथ प्रभु की शरण में आता है। इस दौरान चर्च में भक्ति गीतों की गूंज गूंजती रही। श्रद्धालु हाथ जोड़कर और मोमबत्तियां जलाकर प्रभु से अपने परिवार और समाज के लिए मंगलकामनाएं करते रहे।
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फादर मार्टिन रावत ने कहा कि परमेश्वर ने मानव जाति को पापों से मुक्त करने के लिए अपने इकलौते पुत्र यीशु को धरती पर भेजा। जो लोग प्रभु को अपने भीतर बसाते हैं वह अहंकार, द्वेष और पापों से स्वतः मुक्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रभु यीशु ने अपने बलिदान से सिखाया कि प्रेम और शांति ही मानवता का सच्चा मार्ग है। उन्होंने यह भी कहा कि क्रूस ही मुक्ति का मार्ग है, इसलिए हमें उसकी श्रद्धापूर्वक आराधना करनी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान देश और समाज में अमन, शांति और सद्भाव की विशेष प्रार्थना की गई।
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फादर पिंटो ने कहा कि आज के समय में सबसे अधिक जरूरत है भाईचारे, आपसी सम्मान और एकता की। उन्होंने कहा कि विभिन्न धर्मों, संस्कृतियों और विचारधाराओं वाले लोगों के बीच परस्पर सम्मान का भाव ही सच्ची इंसानियत और प्रार्थना की सार्थकता है। प्रार्थना ईश्वर और इंसान के मिलन का प्रतीक है।
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