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जिला अस्पताल की काउंसिलिंग में कुत्ते की सलामती की दुआ  

Tue, 16 May 2017 02:28 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 16 May 2017 02:28 AM IST
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prayer for dog protection in jila hospital
फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
तापमान बढ़ने के साथ ही कुत्ते और खूंखार हो गए हैं। पिछले एक सप्ताह में जिला अस्पताल की ओपीडी में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने वाले मरीजों की संख्या फिर 150 के पार हो गई है। खास बात यह है कि अस्पताल में इंजेक्शनों की कमी से जूझ रहे डॉक्टर प्रत्येक मरीज की काउंसिलिंग करके तय कर रहे हैं कि उसे वैक्सीन की जरूरत अभी है या नहीं। मरीजों से कहा जा रहा है कि दुआ करो कि 3-4 दिन कुत्ता सलामत रहे। यदि कुत्ते में कोई परिवर्तन नहीं होता है तो उसके बाद देखेंगे कि इंजेक्शन लगाया जाएगा या नहीं
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अप्रैल में था यह हाल
15 से 25 अप्रैल के बीच जिला अस्पताल की ओपीडी में एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने वाले मरीजों की संख्या 150 से ज्यादा पहुंच गई थी। हालांकि उसके बाद ओपीडी में कुुछ गिरावट आई थी। 100 से 125 मरीज आ रहे थे। जिनमें भी काउंसिलिंग के बाद 50-60 मरीजों को ही एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए जा रहे थे। 
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गर्मी के साथ बढ़े मरीज
जिला अस्पताल के डॉक्टरों का कहना है कि एक सप्ताह में गर्मी बढ़ने के चलते ऐसे मरीजों की संख्या भी बढ़ गई है। ओपीडी 150 के पार जाने से अब फिर से 60-70 इंजेक्शन लगाने पड़ रहे हैं। भीड़ बढ़ने से लोगों को लाइन में लगवाने के लिए होमगार्ड का सहारा लिया जा रहा है। साथ ही एंटी रेबीज वैक्सीन रूम (एआरवी) के बाहर नोटिस लगाकर कह दिया गया है कि ग्रामीण क्षेत्र के मरीज जिला अस्पताल के बजाय अपने क्षेत्र के चिकित्सा केंद्र पर ही वैक्सीन लगवाएं।
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वैक्सीन की है कमी
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. पीकेबंसल का कहना है कि वैक्सीन की कमी है। लेकिन कोशिश रहती है कि अधिकांश लोगों को इंजेक्शन लगा दिए जाएं। काउंसिलिंग में मरीज को कहा जाता है कि जिस कुत्ते ने काटा है, उसकी 3-4 दिन निगरानी करो। इस अवधि में कुत्ता यदि पागल हो जाता है या मर जाता है तो वास्तव में मरीज को एंटी रेबीज इंजेक्शन की जरूरत है। सोमवार को 77 एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं।  

कैसा होता है रेबीज
कुत्ता, बंदर, लंगूर आदि के काटने से जो लार व्यक्ति के खून में मिल जाती है, उससे रेबीज नामक बीमारी होने का खतरा रहता है। रेबीज रोग सीधे रोगी के मानसिक संतुुलन को खराब कर देता है।


रेबीज रोग से उपचार
रेबीज रोग की रोकथाम के लिए एंटी रेबीज वैक्सीन है। नियमानुसार पहला इंजेक्शन 72 घंटे के अंदर, दूसरा तीन दिन बाद, तीसरा सात दिन बाद, चौथा 14 दिन बाद और पांचवां 28 दिन के बाद लगाया जाता है। हालांकि एहतियात के तौर पर ऐसे मरीज को पहला इंजेक्शन तुरंत लगवा लेना चाहिए।
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