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Meerut News: मां कात्यायनी की पूजा कर मांगी घर की खुशहाली
Fri, 16 Oct 2026 07:04 PM IST
मेरठ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
Updated Fri, 16 Oct 2026 07:04 PM IST
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नवरात्र के छठे दिन जयंती माता मंदिर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के पांडव टीले पर स्थित प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में शुक्रवार को शारदीय नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की।
प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ के संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि मां कात्यायनी को रोग, शोक और संताप दूर करने वाली देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सच्चे मन से मां की आराधना करने से भक्तों को कष्टों से मुक्ति और जीवन में सुख-शांति प्राप्त होती है। मां कात्यायनी की पूजा विशेष रूप से वैवाहिक जीवन में सुख और विवाह संबंधी बाधाओं से मुक्ति की कामना के लिए भी की जाती है।
उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार, महर्षि कात्यायन ने मां दुर्गा को पुत्री रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर मां ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया, इसलिए उनका नाम कात्यायनी पड़ा।
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आचार्य मुकेश शांडिल्य ने बताया कि नवरात्र में मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व है। श्रद्धालु माता की आराधना कर सुखी दांपत्य जीवन और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं।
इस मौके पर, पंडित सुरेश शर्मा, पंडित चंद्रप्रकाश शुक्ला, पंडित रोहित शर्मा, पंडित चेतन शर्मा, पंडित शिवम शर्मा, पंडित मोहित शर्मा, ज्योति शर्मा, कृष्णा सैनी और सीमा गुर्जर सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। कस्बे के पांडव टीले पर स्थित प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ मंदिर में शुक्रवार को शारदीय नवरात्र के छठे दिन मां कात्यायनी की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। श्रद्धालुओं ने पूजा अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि व खुशहाली की कामना की।
प्राचीन जयंती माता शक्तिपीठ के संस्थापक अध्यक्ष सुदेश कुमार ने बताया कि मां कात्यायनी को रोग, शोक और संताप दूर करने वाली देवी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सच्चे मन से मां की आराधना करने से भक्तों को कष्टों से मुक्ति और जीवन में सुख-शांति प्राप्त होती है। मां कात्यायनी की पूजा विशेष रूप से वैवाहिक जीवन में सुख और विवाह संबंधी बाधाओं से मुक्ति की कामना के लिए भी की जाती है।
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उन्होंने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार, महर्षि कात्यायन ने मां दुर्गा को पुत्री रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर मां ने उनके घर पुत्री के रूप में जन्म लिया, इसलिए उनका नाम कात्यायनी पड़ा।
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आचार्य मुकेश शांडिल्य ने बताया कि नवरात्र में मां कात्यायनी की पूजा का विशेष महत्व है। श्रद्धालु माता की आराधना कर सुखी दांपत्य जीवन और मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना करते हैं।
इस मौके पर, पंडित सुरेश शर्मा, पंडित चंद्रप्रकाश शुक्ला, पंडित रोहित शर्मा, पंडित चेतन शर्मा, पंडित शिवम शर्मा, पंडित मोहित शर्मा, ज्योति शर्मा, कृष्णा सैनी और सीमा गुर्जर सहित अन्य श्रद्धालु मौजूद रहे।