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Meerut News: प्रतिष्ठा महोत्सव शुरू, धूमधाम से निकाली शोभायात्रा
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तीर्थ धाम चिदायतन के पंचकल्याणक के अवसर पर शोभायात्रा निकालते श्रद्धालु स्रोत संवाद
हस्तिनापुर। तीर्थधाम चिदायतन द्वारा हस्तिनापुर की पुण्यधरा पर रविवार से छह दिवसीय श्री 1008 शांतिनाथ दिगंबर पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महा महोत्सव शुरु हुआ। शांति जाप विधिविधान पूर्वक प्रारंभ हुआ। तेरापंथी दिगंबर जैन बड़ा मंदिर से शोभायात्रा निकाली गई। श्रद्धालु भगवान को पालकी में बैठाकर मुख्य पंडाल तक पहुंचे। महिलाओं ने कलश व जिनवाणी मां को मस्तक पर विराजमान कर शोभायात्रा में भाग लिया।
भगवान के माता-पिता के रूप में मंजू जैन एवं संजय जैन हाथी पर विराजमान हुए। उनके साथ सौधर्म इंद्र बने स्वप्निल जैन एवं सचि, इंद्राणि प्रिया जैन, अन्य इंद्र-इंद्राणि व राजा-रानी आदि श्रद्धालुओं के साथ धर्मध्वजा लेकर शोभायात्रा में शामिल हुए।
पंडाल के मुख्य गेट के सामने भगवान का अभिषेक व पूजन हुआ। मीनाक्षी, भानु जैन, मंगलार्थी सौम्य चैतन्यार्थी, सम्यक जैन परिवार द्वारा स्वास्तिक बनाकर ध्वजारोहण किया गया। डीपीएस सिविल लाइंस के विद्यार्थियों ने गीत पर स्वागत नृत्य किया। प्रतिष्ठा मंडप का उद्घाटन यूएसए से आए किरीट भाई गोसालिया परिवार द्वारा किया गया। मंच, चल जिनवाणी मंदिर व जिन मंदिर का उद्घाटन भी हुआ और नंदी कलश की स्थापना हुई।
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इस मौके पर तीर्थधाम मंगलायतन के मंगलार्थी छात्रों द्वारा भगवान के गर्भकल्याणाक, जन्मकल्याणक, तपकल्याणक, ज्ञानकल्याणक व मोक्षकल्याणक की झांकी प्रस्तुत करते हुए अद्भुत नृत्य प्रस्तुत किया गया। इससे सारा पंडाल भक्तिमय हो गया। प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी अभिनंदन जैन ने बताया कि जैनधर्म के अनुसार मंदिर बनाने के दौरान भगवान को विराजमान करने से पूर्व पंचकल्याणक महोत्सव आयोजित किया जाता है। महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ इंद्र सभाएं एवं राज्य सभाओं का अनूठा मंचन होता है और भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा की विधि संपन्न की जाती है।
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भगवान के माता-पिता के रूप में मंजू जैन एवं संजय जैन हाथी पर विराजमान हुए। उनके साथ सौधर्म इंद्र बने स्वप्निल जैन एवं सचि, इंद्राणि प्रिया जैन, अन्य इंद्र-इंद्राणि व राजा-रानी आदि श्रद्धालुओं के साथ धर्मध्वजा लेकर शोभायात्रा में शामिल हुए।
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पंडाल के मुख्य गेट के सामने भगवान का अभिषेक व पूजन हुआ। मीनाक्षी, भानु जैन, मंगलार्थी सौम्य चैतन्यार्थी, सम्यक जैन परिवार द्वारा स्वास्तिक बनाकर ध्वजारोहण किया गया। डीपीएस सिविल लाइंस के विद्यार्थियों ने गीत पर स्वागत नृत्य किया। प्रतिष्ठा मंडप का उद्घाटन यूएसए से आए किरीट भाई गोसालिया परिवार द्वारा किया गया। मंच, चल जिनवाणी मंदिर व जिन मंदिर का उद्घाटन भी हुआ और नंदी कलश की स्थापना हुई।
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इस मौके पर तीर्थधाम मंगलायतन के मंगलार्थी छात्रों द्वारा भगवान के गर्भकल्याणाक, जन्मकल्याणक, तपकल्याणक, ज्ञानकल्याणक व मोक्षकल्याणक की झांकी प्रस्तुत करते हुए अद्भुत नृत्य प्रस्तुत किया गया। इससे सारा पंडाल भक्तिमय हो गया। प्रतिष्ठाचार्य बाल ब्रह्मचारी अभिनंदन जैन ने बताया कि जैनधर्म के अनुसार मंदिर बनाने के दौरान भगवान को विराजमान करने से पूर्व पंचकल्याणक महोत्सव आयोजित किया जाता है। महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ-साथ इंद्र सभाएं एवं राज्य सभाओं का अनूठा मंचन होता है और भगवान की प्राण-प्रतिष्ठा की विधि संपन्न की जाती है।

तीर्थ धाम चिदायतन के पंचकल्याणक के अवसर पर शोभायात्रा निकालते श्रद्धालु स्रोत संवाद