प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना: लक्ष्य सात हजार, बागपत में अब तक कर्ज सिर्फ 39 वेंडरो को मिला
- - प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना में रजिस्ट्रेशन का लक्ष्य भी नहीं हो रहा पूरा
- - तीन पालिका और पांच नगर पंचायत में 2443 वेंडरों ने कराया पंजीकरण
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लक्ष्य के सापेक्ष अब तक जिले में सिर्फ 2443 पंजीकरण हुए हैं। इनमें भी कुल 316 वेंडरों का दस हजार रुपये का ऋण स्वीकृत किया गया, जबकि 39 वेंडरों तक ही योजना का लाभ पहुंचा है। जाहिर है जिस मकसद के साथ योजना शुरू की गई थी, उसका लाभ लॉकडाउन से प्रभावित वेंडरों को नहीं हुआ। बैंक और संबंधित सहकारी संस्थाएं भी ऋण देने में रुचि नहीं ले रही हैं।
ये हैं योजना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक जून को स्वनिधि योजना को शुरूआत की थी। रेहड़ी और पटरी वेंडरों को खुद का काम नए सिरे से शुरू करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से दस हजार रुपये दिए जाने का प्रावधान किया गया था।
इन्हें माना गया योजना का पात्र
योजना में सैलून संचालक, जूता गांठने वाले, पनवाड़ी, कपड़े धोने वाले, सब्जियां-फल बेचने वाले, रेडी-टू-ईट स्ट्रीट फूड, चाय का ठेला या खोखा लगाने वाले, ब्रेड, पकौड़े व अंडे बेचने वाले, फेरीवाले जो वस्त्र बेचते हैं, किताबें/स्टेशनरी वाले और कारीगर को शामिल किया गया था।
आवेदन के लिए सामान्य शर्तें
ईओ बागपत ललित आर्य ने बताया कि आवेदक स्थानीय निवासी होना चाहिए। इस योजना के तहत देश के केवल छोटे सड़क विक्रेताओं को ही पात्र माना जाएगा। आधार कार्ड, वोटर आईडी कार्ड, बैंक अकाउंट पासबुक, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता पड़ती है।
जिले में स्वनिधि योजना की स्थिति
निकाय पंजीकृत स्वीकृत ऋण
बागपत 389 109 12
बड़ौत 1520 105 06
खेकड़ा 100 08 00
टटीरी 111 60 21
अमीनगर 182 12 00
छपरौली 44 15 00
दोघट 81 03 00
टीकरी 16 04 00
यह भी है दिक्कत
बड़ौत नगरपालिका परिषद पहुंचे कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि रजिस्ट्रेशन के नाम पर कुछ लोग रुपये मांग रहे हैं। इस पर रेवेन्यू इंस्पेक्टर अविनाश का कहना है कि आवेदन आ रहे हैं। दो दिन से सर्वर डाउन चल रहा था। जिस वजह से फार्म का रजिस्ट्रेशन करने में दिक्कत आ रही है।
केस-एक
मुन्ना पुत्र मनव्वर निवासी बड़ौत का कहना है कि रजिस्ट्रेशन कराने नगरपालिका गए थे, लेकिन वहां पर फार्म भरने के 100 रुपये लेते है, इसलिए फार्म नहीं भरा जा सका है।
केस-दो
रिजवान पुत्र सलीम का कहना था कि फार्म भरने के लिए पिछले 15 दिनों से नगरपालिका के चक्कर काट रहे है, लेकिन पंजीकरण नहीं हुआ। उन्हें परेशानी उठानी पड़ रही है।
केस-तीन
शिव कुमार पुत्र चंद्र का कहना था कि 25 दिन पहले फार्म भरा था, लेकिन अभी तक ऋण नहीं मिला। पूछने पर कोई सहीं जवाब नहीं देता।
केस-चार
बड़ौत के कुलदीप पुत्र राज सिंह का कहना था कि पंजीकरण कराने गए थे, लेकिन न तो मेरे पास बैंक खाता है और न ही पैन कार्ड व पहचान पत्र। इस कारण फार्म नहीं भरा जा सका।
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