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CCSU : बीए, बीएससी-बीकॉम में परीक्षा से पहले प्रैक्टिकल कराने की तैयारी
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मेरठ। बीए, बीएससी और बीकॉम में इस बार विश्वविद्यालय परीक्षा से पहले प्रैक्टिकल कराने की तैयारी कर रहा है। अभी तक प्रैक्टिकल-मौखिक परीक्षा की वजह से हर बार रिजल्ट में देरी हो जाती है। ऐसे में विवि ने इस बार से व्यवस्था में बदलाव करने की तैयारी की है।
मेरठ और सहारनपुर मंडल के कॉलेजों में बीए, बीएससी और बीकॉम की मुख्य परीक्षाएं विवि फरवरी के आखिरी सप्ताह से शुरू करा देता है। इनके प्रैक्टिकल अप्रैल और मई तक होते हैं। विवि कई साल से परीक्षा शुरू कराने के साथ ही मूल्यांकन भी शुरू करा देता है। ऐसे में परीक्षाएं खत्म होने के कुछ दिनों बाद ही सारी कॉपियों का मूल्यांकन पूरा करा दिया जाता है। लेकिन इसके बाद कॉलेजों में प्रैक्टिकल-मौखिक परीक्षा के चलते रहने के कारण रिजल्ट जारी करने में देरी होती है। विवि ने इस बार सभी कॉलेजों को जनवरी-फरवरी में ही प्रैक्टिकल-मौखिक परीक्षा कराने को कहा है। अगर कॉलेजों ने इस दौरान मौखिक परीक्षाएं करा दी तो विवि और जल्दी रिजल्ट जारी कर सकेगा। इससे पढ़ाई को और समय मिल जाएगा। विवि में वैसे भी अब प्रैक्टिकल और मौखिक परीक्षाओं के नंबर ऑनलाइन भेजे जा रहे हैं। यह व्यवस्था लागू हो गई तो सबकुछ व्यवस्थित हो जाएगा। बता दें कि विवि से संबद्घ कॉलेजों में हर बीए, बीकॉम और बीएससी फाइनल में एक लाख के करीब छात्र-छात्राओं की मौखिक-प्रैक्टिकल परीक्षाएं होती हैं।
कॉलेजों से हो रही लापरवाही
विवि लगातार मूल्यांकन में तेजी ला रहा है। जिन कॉलेजों के रिजल्ट में देरी हो रही है उसकी वजह वहां से प्रैक्टिकल के अंक देरी से भेजा जाना रहा है। ऐसे में विवि यह भी स्पष्ट करने जा रहा है कि जिनके ऑनलाइन अंक सबसे पहले मिलेंगे उनका रिजल्ट जारी करते हुए बाकी का रोक लिया जाएगा। विवि ने स्पष्ट कर दिया है कि कॉलेजों में लापरवाही अब नहीं चलेगी।
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मेरठ और सहारनपुर मंडल के कॉलेजों में बीए, बीएससी और बीकॉम की मुख्य परीक्षाएं विवि फरवरी के आखिरी सप्ताह से शुरू करा देता है। इनके प्रैक्टिकल अप्रैल और मई तक होते हैं। विवि कई साल से परीक्षा शुरू कराने के साथ ही मूल्यांकन भी शुरू करा देता है। ऐसे में परीक्षाएं खत्म होने के कुछ दिनों बाद ही सारी कॉपियों का मूल्यांकन पूरा करा दिया जाता है। लेकिन इसके बाद कॉलेजों में प्रैक्टिकल-मौखिक परीक्षा के चलते रहने के कारण रिजल्ट जारी करने में देरी होती है। विवि ने इस बार सभी कॉलेजों को जनवरी-फरवरी में ही प्रैक्टिकल-मौखिक परीक्षा कराने को कहा है। अगर कॉलेजों ने इस दौरान मौखिक परीक्षाएं करा दी तो विवि और जल्दी रिजल्ट जारी कर सकेगा। इससे पढ़ाई को और समय मिल जाएगा। विवि में वैसे भी अब प्रैक्टिकल और मौखिक परीक्षाओं के नंबर ऑनलाइन भेजे जा रहे हैं। यह व्यवस्था लागू हो गई तो सबकुछ व्यवस्थित हो जाएगा। बता दें कि विवि से संबद्घ कॉलेजों में हर बीए, बीकॉम और बीएससी फाइनल में एक लाख के करीब छात्र-छात्राओं की मौखिक-प्रैक्टिकल परीक्षाएं होती हैं।
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कॉलेजों से हो रही लापरवाही
विवि लगातार मूल्यांकन में तेजी ला रहा है। जिन कॉलेजों के रिजल्ट में देरी हो रही है उसकी वजह वहां से प्रैक्टिकल के अंक देरी से भेजा जाना रहा है। ऐसे में विवि यह भी स्पष्ट करने जा रहा है कि जिनके ऑनलाइन अंक सबसे पहले मिलेंगे उनका रिजल्ट जारी करते हुए बाकी का रोक लिया जाएगा। विवि ने स्पष्ट कर दिया है कि कॉलेजों में लापरवाही अब नहीं चलेगी।
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