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Meerut News: पावरग्रिड ने अवैध निर्माण पर जताई चिंता, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
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संवाद न्यूज एजेंसी
दौराला। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने दौराला क्षेत्र में अति उच्च विद्युत (ईएचवी) लाइन के नीचे और सुरक्षा कॉरिडोर में हो रहे अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। कंपनी ने इसे जन सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है।
पावर ग्रिड के सहायक प्रबंधक ललित कुमार (पारेषण लाइन) की ओर से जिलाधिकारी, मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और सरधना एसडीएम को भेजे गए पत्र में कहा है कि मेरठ उपक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली विभिन्न उच्च क्षमता की ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे तथा राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण किए जा रहे हैं। पत्र में विशेष रूप से मवीमीरा गांव के पास शाकिर मलिक मेरठ-बरेली 400 केवी लाइन के टावर संख्या 134 और 135 के नीचे अवैध निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
कंपनी ने संबंधित निर्माण स्थल के निर्देशांक भी प्रशासन को उपलब्ध कराए हैं। स्पष्ट किया कि विद्युत अधिनियम 2003 और भारतीय विद्युत विनियमों के अनुसार उच्च क्षमता की ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे किसी भी प्रकार का पक्का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। इन लाइनों में 400 केवी का उच्च वोल्टेज प्रवाहित होता है, जिससे इंडक्शन और विद्युत दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
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चेतावनी दी कि इस प्रकार के निर्माण से न केवल मानकों का उल्लंघन हो रहा है बल्कि भविष्य में बड़े हादसे की आशंका भी बढ़ सकती है। पावर ग्रिड अधिकारियों ने प्रशासन से पुलिस बल और राजस्व टीम के माध्यम से तत्काल कार्रवाई कर निर्माण कार्य रुकवाने तथा नियमों के तहत आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
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दौराला। पावर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड ने दौराला क्षेत्र में अति उच्च विद्युत (ईएचवी) लाइन के नीचे और सुरक्षा कॉरिडोर में हो रहे अवैध निर्माण को लेकर प्रशासन को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। कंपनी ने इसे जन सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है।
पावर ग्रिड के सहायक प्रबंधक ललित कुमार (पारेषण लाइन) की ओर से जिलाधिकारी, मेरठ विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और सरधना एसडीएम को भेजे गए पत्र में कहा है कि मेरठ उपक्षेत्र के अंतर्गत आने वाली विभिन्न उच्च क्षमता की ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे तथा राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) क्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण किए जा रहे हैं। पत्र में विशेष रूप से मवीमीरा गांव के पास शाकिर मलिक मेरठ-बरेली 400 केवी लाइन के टावर संख्या 134 और 135 के नीचे अवैध निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
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कंपनी ने संबंधित निर्माण स्थल के निर्देशांक भी प्रशासन को उपलब्ध कराए हैं। स्पष्ट किया कि विद्युत अधिनियम 2003 और भारतीय विद्युत विनियमों के अनुसार उच्च क्षमता की ट्रांसमिशन लाइनों के नीचे किसी भी प्रकार का पक्का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है। इन लाइनों में 400 केवी का उच्च वोल्टेज प्रवाहित होता है, जिससे इंडक्शन और विद्युत दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
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चेतावनी दी कि इस प्रकार के निर्माण से न केवल मानकों का उल्लंघन हो रहा है बल्कि भविष्य में बड़े हादसे की आशंका भी बढ़ सकती है। पावर ग्रिड अधिकारियों ने प्रशासन से पुलिस बल और राजस्व टीम के माध्यम से तत्काल कार्रवाई कर निर्माण कार्य रुकवाने तथा नियमों के तहत आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।