फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Meerut News ›   Power workers' cross-border fight against privatization

निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों का आर-पार की लड़ाई का एलान

Fri, 02 Oct 2020 01:57 AM IST
Meerut Bureau मेरठ ब्यूरो
Updated Fri, 02 Oct 2020 01:57 AM IST
विज्ञापन
Power workers' cross-border fight against privatization
निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों का आर-पार की लड़ाई का एलान
विज्ञापन

मेरठ। निजीकरण के खिलाफ बिजली कर्मचारियों ने आरपार की लड़ाई का एलान कर दिया। उन्होंने पांच अक्तूबर से हड़ताल पर जाने का निर्णय किया है। सरकार की सख्ती के खिलाफ कर्मचारियों ने जेलभरो आंदोलन की भी तैयारी कर ली है। इसके लिए बृहस्पतिवार को 500 कर्मचारियों ने फार्म भरकर एकजुटता का परिचय दिया। वहीं, सरकार ने विद्युत सुरक्षा निदेशालय को वैकल्पिक व्यवस्था कर आपूर्ति सुचारू रखने के निर्देश दिए हैं।

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड वाराणसी डिस्कॉम के तीन चरणों में निजीकरण के प्रस्ताव के खिलाफ प्रदेश के बिजलीकर्मियों ने ताल ठोक रखी है। जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देने के बाद पिछले कई दिन से दोपहर दो से शाम पांच बजे तक कार्य बहिष्कार कर ऊर्जा भवन पर धरना दिया जा रहा है। वहीं, अब कर्मचारियों की केंद्रीय समिति ने आरपार की लड़ाई के लिए तैयार रहने का निर्णय कर पांच अक्तूबर से हड़ताल का एलान कर दिया है। वहीं, सरकार ने भी हड़ताल से निपटने की तैयारी शुरू कर दी है। सरकार ने विद्युत सुरक्षा निदेशालय को विभाग में पंजीकृत ठेकेदारों से बिजली आपूर्ति और अनुरक्षण कार्य के लिए वैकल्पिक व्यवस्था के साथ जिला प्रशासन को इसकी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। विद्युत सुरक्षा निदेशालय उत्तर प्रदेश के निदेशक भवानी सिंह खंगारौत ने इस आशय के निर्देश जारी कर दिए हैं। इसके अतिरिक्त प्रदेश के मुख्य सचिव ने भी हालात से निपटने की समीक्षा की है। यूपीपीसीएल चेयरमैन और प्रमुख सचिव ऊर्जा अरविंद कुमार ने भी प्रदेश की सभी डिस्कॉम के एमडी के साथ शाम को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए हालात का जायजा लिया। दूसरी तरफ बृहस्पतिवार को भी बिजली कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मियों ने रोजाना की तरह दोपहर दो से शाम पांच बजे तक कार्य बहिष्कार कर ऊर्जा भवन पर धरना दिया। यहां दिलमणी प्रसाद थपलियाल ने बताया कि करीब 500 कर्मचारियों ने जेल भरो आंदोलन के लिए फार्म भरे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने अधिकार के लिए कुछ भी करने को तैयार हैं। सरकार की तानाशाही बर्दाश्त नहीं करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed