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तिलवाड़ा का तिलिस्म: खोदाई में मिले मृदभांड, नए पुरावशेषों का इंतजार, कुर्डी टीले पर भी उत्खनन की तैयारी

Tue, 14 Jan 2025 10:52 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत Published by: डिंपल सिरोही Updated Tue, 14 Jan 2025 10:52 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश के बड़ौत में तिलवाड़ा गांव के आला टीले पर खोदाई में मृदभांड निकलने का सिलसिला जारी है। इन्हें पाॅटरीयार्ड में सुरक्षित रखा जा रहा है। वहीं पुरातत्व विभाग कुर्डी टीले पर भी खोदाई की तैयारी कर रहा है।

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Pottery found during excavation in Tilwada Baghpat, preparation for excavation at Kurdi m
तिलवाड़ा में उत्खनन कार्य - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के बड़ौत में तिलवाड़ा गांव के आला टीले पर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के उत्खनन कराए जाने पर मंगलवार को भी मृदभांडों का निकलना जारी रहा। पॉटरी यार्ड में पुरा सम्पदा का खजाना भरता जा रहा है, जिन पर शोध भी चल रहा है।

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तिलवाड़ा गांव के आला टीले पर 11 दिसंबर से एएसआई द्वारा प्रथम चरण का उत्खनन कार्य शुरू कराया गया था। वहां भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीक्षण पुरातत्वविद विनोद सिंह रावत, सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद भूपेंद्र सिंह फोनिया उत्खनन कार्य करा रहे हैं।
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अभी तक मिल चुकी हैं ये चीजें
टीले के एक छोर पर बनाए गए पॉटरी यार्ड में मृदभांड समेत खोदाई से मिलने वाली पुरा सम्पदा को सुरक्षित किया जा रहा है। अभी तक टीम को मृदभांड, हड्डियाें के अलावा चबूतरानुमा आकृति मिली है। वहीं मंगलवार को हुई खोदाई में टीम को कुछ मृदभांड मिले हैं। अब पुरातत्वविदों की टीम नए पुरावशेषों के इंतजार में है।

देखना होगा कि खोदाई में क्या कुछ नया मिलता है, जिस पर सभी की नजर हैं। वहीं कुर्डी टीले पर उत्खनन करने से पूर्व तैयारी की जा रही है। टीम अपने निर्देशन में साफ-सफाई करा रही है। यह टीला भी इतिहास की दृष्टि से खास बना हुआ है।

Pottery found during excavation in Tilwada Baghpat, preparation for excavation at Kurdi m
कुर्डी टीले पर कराई गई सफाई - फोटो : अमर उजाला

प्रथम दृष्टया कुषाणकालीन व माैर्यकालीन प्रतीत हो रहे मृदभांड
तिलवाड़ा के जंगल में चल रही खोदाई से कुछ ऐतिहासिक प्रमाण मिले हैं। अभी तक निकले खंडित मृदभांड पुरातत्वविदों की टीम को प्रथम दृष्टया कुषाणकालीन व मौर्य कालीन प्रतीत हुए हैं। इन मृदभांड व हड्डियों की जांच के लिए कुछ नमूने भेज दिए गए थे। मगर अभी तक जांच नहीं हो पाई है, इसके बाद ही तस्वीर साफ होगी।

संभावना जताई जा रही है कि फरवरी के पहले सप्ताह तक पुरातत्वविदों को रिपोर्ट मिल जाएगी। इसके बाद इतिहास पता चलने पर खोदाई को उसके अनुसार ही तेज किया जाएगा। वहीं, सोमवार को हुई खोदाई में अधिक संख्या में खंडित मृदभांड मिले हैं, जिनसे यह उम्मीद जताई जा रही है कि वहां मानव बस्ती हो सकती है।

वहीं सहायक अधीक्षण पुरातत्वविद भूपेंद्र सिंह फोनिया का कहना है कि खोदाई में मृदभांड व हड्डियां ही सामने आ रही हैं। फरवरी में हम उस स्थिति में होंगे कि किस दिशा में उत्खनन चल रहा है।

तिलवाड़ा में लगा हुआ है शोधार्थियों का आना
विभिन्न विश्वविद्यालयों के इतिहास विभाग के छात्र और शोधार्थियों का तिलवाड़ा साइट पर आना शुरू हो गया है। दिल्ली विवि, अशोका यूनिवर्सिटी के शोधार्थियों का दौरा अब बागपत के लिए शुरू हो गया है। वहीं कुर्डी के विशाल टीले पर राष्ट्रीय संग्रहालय द्वारा जल्द प्रारंभिक सर्वेक्षण और उत्खनन कार्य शुरू किया जाएगा। जहां नेशनल म्यूजियम और दूसरी यूनिवर्सिटी के शोधार्थी आएंगे।

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