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प्रदूषण ने बिगाड़ा मौसम का चक्र, बदल रहा है मौसम
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मेरठ-स्मॉग की चादर के बीच उगता सूरज।
- फोटो : MODIPURAM
मेरठ/मोदीपुरम।
लगातार पेड़ों की कटान और बढ़ते प्रदूषण के कारण पश्चिमी यूपी में मौसम का चक्र गड़बड़ा रहा है। नवंबर का महीना शुरू हो गया है और ठंड ना के बराबर है। तापमान भी सामान्य से ऊपर है। इसका सबसे बड़ा कारण प्रदूषण को ही माना जा रहा है।
मैदानी क्षेत्रों से लेकर पहाड़ों तक प्रदूषण का असर बीते सालों की तुलना में लगातार बढ़ रहा है। इसका असर मौसम पर भी साफ-साफ दिखाई दे रहा है। ज्यादा गर्मी, देर से मानसून आना और लगातार कम हो रही ठंड इसको प्रदर्शित कर रही हैं। इसके चलते आमजन परेशान हैं। वैज्ञानिक भी चिंतित हैं। मेरठ में पिछले एक सप्ताह की बात करें तो एक्यूआई की बढ़ोतरी के साथ वातावरण धूल कणों से भरा है। वायुमंडल में सल्फर डाई ऑक्साइड (एसओटू) और नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड (एनओटू) का स्तर भी बढ़ा है।
गुजरात और राजस्थान से चली हवा
गुजरात और राजस्थान की ओर से चली हवाओं के कारण एनसीआर में स्मॉग बढ़ गया है। पिछले दस दिन से यहां स्थिति बहुत खराब है। हरियाणा और पंजाब में जलाई जा रही परीली के असर ने हालात और खराब कर दिए हैं। हवा गति कम होने के कारण स्मॉग का असर कम नहीं हो रहा है।
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वर्जन-
प्रदूषण के कारण मौसम चक्र गड़बड़ा रहा है। अरब सागर से उठे चक्रवाती तूफान के कारण पंजाब और हरियाणा में फैला स्मॉग दिल्ली के आसपास आ गया है। हवा में नमी के कारण यह और गहरा गया है। अभी दो दिन ऐसे ही रहेगा। 6 व 7 को जम्मू, हिमाचल में बारिश होने से थोड़ी धुंध छंट सकती है। -डॉ. यूपी शाही, मौसम वैज्ञानिक कृषि विवि
वर्जन=
वातावरण में एसओटू और एनओटू का लेवल भी बढ़ रहा है। इससे मानव और फसलों की सेहत पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। नवंबर में ऐसा मौसम बहुत कम देखने को मिलता है। तापमान भी सामान्य से ऊपर है। बिगड़े मौसम चक्र का असर फसलों पर भी दिखाई देगा।
-डॉ. एन सुभाष, मौसम वैज्ञानिक आईआईएफएसआर
बीते छह दिन में यह रही स्थिति
पल्लवपुरम
दिनांक एनओटू एसओटू
29 अक्तूबर 161 44
30 अक्तूबर 177 16
31 अक्तूबर 160 30
1 नवंबर 147 22
2 नवंबर शून्य 24
3 नवंबर शून्य 23
गंगानगर
दिनांक एनओटू एसओटू
29 अक्तूबर 114 30
30 अक्तूबर 103 36
31 अक्तूबर 158 30
1 नवंबर 114 29
2 नवंबर 132 28
3 नवंबर 62 24
जयभीमनगर
दिनांक एनओटू एसओटू
29 अक्तूबर 163 115
30 अक्तूबर 155 34
31 अक्तूबर 125 39
1 नवंबर 131 32
2 नवंबर 127 28
3 नवंबर 83 24
नोट: पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार 24 घंटे में एसओटू और एनओटू का स्टैंडर्ड लेवल 80 है।
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लगातार पेड़ों की कटान और बढ़ते प्रदूषण के कारण पश्चिमी यूपी में मौसम का चक्र गड़बड़ा रहा है। नवंबर का महीना शुरू हो गया है और ठंड ना के बराबर है। तापमान भी सामान्य से ऊपर है। इसका सबसे बड़ा कारण प्रदूषण को ही माना जा रहा है।
मैदानी क्षेत्रों से लेकर पहाड़ों तक प्रदूषण का असर बीते सालों की तुलना में लगातार बढ़ रहा है। इसका असर मौसम पर भी साफ-साफ दिखाई दे रहा है। ज्यादा गर्मी, देर से मानसून आना और लगातार कम हो रही ठंड इसको प्रदर्शित कर रही हैं। इसके चलते आमजन परेशान हैं। वैज्ञानिक भी चिंतित हैं। मेरठ में पिछले एक सप्ताह की बात करें तो एक्यूआई की बढ़ोतरी के साथ वातावरण धूल कणों से भरा है। वायुमंडल में सल्फर डाई ऑक्साइड (एसओटू) और नाइट्रोजन डाई ऑक्साइड (एनओटू) का स्तर भी बढ़ा है।
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गुजरात और राजस्थान से चली हवा
गुजरात और राजस्थान की ओर से चली हवाओं के कारण एनसीआर में स्मॉग बढ़ गया है। पिछले दस दिन से यहां स्थिति बहुत खराब है। हरियाणा और पंजाब में जलाई जा रही परीली के असर ने हालात और खराब कर दिए हैं। हवा गति कम होने के कारण स्मॉग का असर कम नहीं हो रहा है।
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वर्जन-
प्रदूषण के कारण मौसम चक्र गड़बड़ा रहा है। अरब सागर से उठे चक्रवाती तूफान के कारण पंजाब और हरियाणा में फैला स्मॉग दिल्ली के आसपास आ गया है। हवा में नमी के कारण यह और गहरा गया है। अभी दो दिन ऐसे ही रहेगा। 6 व 7 को जम्मू, हिमाचल में बारिश होने से थोड़ी धुंध छंट सकती है। -डॉ. यूपी शाही, मौसम वैज्ञानिक कृषि विवि
वर्जन=
वातावरण में एसओटू और एनओटू का लेवल भी बढ़ रहा है। इससे मानव और फसलों की सेहत पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। नवंबर में ऐसा मौसम बहुत कम देखने को मिलता है। तापमान भी सामान्य से ऊपर है। बिगड़े मौसम चक्र का असर फसलों पर भी दिखाई देगा।
-डॉ. एन सुभाष, मौसम वैज्ञानिक आईआईएफएसआर
बीते छह दिन में यह रही स्थिति
पल्लवपुरम
दिनांक एनओटू एसओटू
29 अक्तूबर 161 44
30 अक्तूबर 177 16
31 अक्तूबर 160 30
1 नवंबर 147 22
2 नवंबर शून्य 24
3 नवंबर शून्य 23
गंगानगर
दिनांक एनओटू एसओटू
29 अक्तूबर 114 30
30 अक्तूबर 103 36
31 अक्तूबर 158 30
1 नवंबर 114 29
2 नवंबर 132 28
3 नवंबर 62 24
जयभीमनगर
दिनांक एनओटू एसओटू
29 अक्तूबर 163 115
30 अक्तूबर 155 34
31 अक्तूबर 125 39
1 नवंबर 131 32
2 नवंबर 127 28
3 नवंबर 83 24
नोट: पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के अनुसार 24 घंटे में एसओटू और एनओटू का स्टैंडर्ड लेवल 80 है।