प्रदूषण से सांस लेना दूभर: सेहत के दुश्मन घोल रहे हवा में जहर, ग्रैप की उड़ रही धज्जियां
एनसीआर क्षेत्र में भी राहत नहीं मिल पा रही है। एक्यूआई का स्तर 400 पार चल रहा है। शुक्रवार की रात सीजन में सबसे सर्द रात दर्ज की गई।
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एनसीआर क्षेत्र में भी राहत नहीं मिल पा रही है। एक्यूआई का स्तर 400 पार चल रहा है। शुक्रवार की रात सीजन में सबसे सर्द रात दर्ज की गई। मौसम विशेषज्ञ डॉ. यूपी शाही का कहना है कि मौसम शुष्क बना रहेगा। अधिकतम तापमान 28.0 डिग्री सेल्सियस व न्यूनतम 08.4 सेल्सियस दर्ज किया गया।
मेरठ में भी दिल्ली जैसे हालात
दिल्ली में लगातार एक्यूआई का स्तर बढ़ रहा है। दीपावली के बाद से ही मेरठ शहर में सुबह व शाम के समय में स्मॉग की चादर शहर को अपनी चपेट में ले लेती है। परंतु, अभी तक प्रशासन की ओर से कोई कदम नहीं उठाया है।
नहीं चलने दी जाएंगी फैक्टरी
धुआं उगल रही पांच फैक्ट्रियों को सील किया है। जुर्माने व सख्त कार्रवाई करने को लेकर बोर्ड मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है। नियम तोड़ने वाली फैक्टरी नहीं चलने दी जाएंगी। - डॉ. योगेंद्र कुमार, क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी
मेरठ ब्लॉक के गेट पर जला दिया कूड़ा
दिल्ली रोड मेरठ ब्लाक कार्यालय के गेट पर कूड़े के ढेर में आग लगा दी गई, जिससे गेट पर धुआं चारों ओर फैल गया। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई। बीडीओ मेरठ ब्लाक दीपक तेवतिया ने बताया कि कुछ असामाजिक तत्वों ने कूड़ा डालकर आग लगाई थी। जानकारी लगते ही आग बुझा दी गई थी।
नवंबर में एक्यूआई का स्तर
3 नवंबर : 296
4 नवंबर : 490
5 नवंबर : 440
6 नवंबर : 427
7 नवंबर : 421
8 नवंबर : 410
9 नवंबर : 425
10 नवंबर : 331
11 नवंबर : 325
12 नवंबर : 404
13 नवंबर : 322
अस्थमा और दिल के मरीज हैं तो सजग रहें
मेरठ। फिजिशियन डॉ. विश्वजीत बैंबी का कहना है कि सामान्य वयस्क जहां साल में तीन से चार बार सर्दी-जुकाम का शिकार होते हैं, वहीं गर्भवती महिलाओं, बुजुर्ग और कमजोर इम्युनिटी वालों के लिए परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है। बुजुर्गों और बच्चों पर ऐसे मौसम और प्रदूषण का गहरा असर होता है, क्योंकि इनकी प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। प्रदूषण में सावधानी न बरतना सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है। सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. वीरोत्तम तोमर का कहना है कि प्रदूषण से लोगों को सांस की समस्याएं अधिक होती हैं।
बच्चों को बचाएं
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अंजुम का कहना है कि बच्चों की प्रतिरोधी क्षमता कमजोर होती है, इस कारण उनके लिए सर्दी-जुकाम, बुखार के अलावा निमोनिया का खतरा बढ़ जाता है। घर की खिडकी-दरवाजे बंद रखें।
-घर से बाहर निकलते समय मुंह, नाक और कान पर कपड़ा बांधें या मास्क लगाएं
-मरीज, बच्चे और बुजुर्ग घर में ही रहें
-पुराने दमा के रोगियों की परेशानी बढ़ जाती है। ऐसे मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है
-सफाई का ध्यान रखें, ठंड के कारण सफाई में लापरवाही न बरतें
-बच्चे मॉस्क लगाकर ही स्कूल जाएं