Pollution: दिल्ली-NCR में ग्रेप -4 लागू होने के बाद मेरठ में अलर्ट, AQI पहुंचा 346, बरतें एहतियात
वायु प्रदूषण से सांसों पर संकट गहराने लगा है। मेरठ का एक्यूआई 346 के स्तर पर पहुंच गया है वहीं स्मॉग से राहत नहीं मिली है। इस कारण लोगों को सांस लेने में दिक्कत व आंखों में जलन की समस्या का सामना करना पड़ रहा है।
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तापमान गिरने के साथ-साथ वायु गुणवत्ता सूचकांक बढ़ता जा रहा है। दिल्ली में हवा जहरीली होने के बाद मेरठ में भी धुंध, धुआं, धूल, स्मॉग के चलते मेरठ का प्रदूषण खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। एक्यूआई का स्तर 346 रिकार्ड किया गया। प्रदूषित हवा बढ़ने से सांस के मरीजों के लिए तकलीफ बढ़ गई है।
हरियाणा और पंजाब में पराली जलने के कारण प्रदूषण में इजाफा हुआ है। राजधानी दिल्ली में रविवार को बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए ग्रेप का चौथा चरण लागू कर दिया गया है। इसके बाद सोमवार सुबह मेरठ भी स्मॉग की चादर से लिपटा नजर आया। क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी भवन प्रकाश यादव ने जिलाधिकारी को पत्र लिखा है। जयभीमनगर में 369, गंगानगर में 335 पल्लवपुरम में 333 एक्यूआई दर्ज किया।
खुले में बेची रोड़ी, रेत तो एक लाख रुपये जुर्माना
दिल्ली-एनसीआर में ग्रेप स्टेज-4 प्रभावी होने के बाद मेरठ में अलर्ट जारी कर दिया है। निगम ने वायु दूषित करने वाले रोड़ी, रेत, डस्ट जैसे सामान को खुले में बिक्री करने पर प्रतिबंध लगाया है। निगम के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर किसी भी दुकानदार ने अपनी दुकान के बाहर खुले में सामान बेचा तो उस पर 1 लाख का जुर्माना लगा दिया जाएगा।
अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार ने बताया कि दिल्ली एनसीआर में ग्रेप स्टेज-4 प्रभावी है। वायु की गुणवत्ता लगातार खराब होती जा रही है। सोमवार को निगम के अधिशासी अभियंता, सहायक अभियंता और अवर अभियंताओं की बैठक की गई। जिसमें निर्णय हुआ कि वायु को दूषित करने वाले समान जैसे रोड़ी, रेत, डस्ट आदि अन्य सामग्री को खुले में बिकने पर प्रतिबंध लगाया जाए।
खुले में उक्त सामान की बिक्री से हवा दूषित हो रही है और वायु की गुणवत्ता खराब होती जा रही है. इसको रोकने के लिए खुले में सामान की बिक्री पर तुरंत प्रतिबंध लगाना सुनिश्चित किया गया है। इसके लिए एक कमेटी भी बनाई गई है, जो वीडियोग्रॉफी करेगी।
डीएम की अपील-अपने घर के बाहर करें पानी का छिड़काव
भवन का निर्माण रोक दिया जाए। सी एंड वेस्ट एवं रेत या निर्माण से संबंधित सामग्री सड़क पर न हो।
पराली, कूड़ा या अन्य कोई भी सामान ना जलाएं, अगर कोई सामान जलता दिखाई दे तो तुरंत पुलिस प्रशासन को सूचित करें।
मेरठ में एक्यूआई बढ़ रहा है। इसके चलते जनपद में चल रहे निर्माण को रोकने के निर्देश दिए गए हैं। पराली जलाने वालों को सख्त हिदायत दी गई है। नगर निगम सहित अन्य विभागों को भी निर्देश दिए गए हैं कि हवा दूषित करने वाले खुले में बिक रहे सामानों की बिक्री पर रोक लगाई जाए। -दीपक मीणा, जिलाधिकारी