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एमपीएस मामले में क्लर्क के परिवार से पुलिस ने की पूछताछ
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फरार क्लर्क के घर पहुंची पुलिस, बैंक खातों की डिटेल खंगाली-शीर्षक
मेरठ। मेरठ पब्लिक स्कूल (मेन विंग) के क्लर्क श्रुतिधर त्रिपाठी पर लगे 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोपों की पुलिस ने जांच शुरु कर दी है। सोमवार को सदर बाजार पुलिस श्रुतिधर त्रिपाठी के सदर बाजार स्थित घर पहुंची और उसके मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के बारे में जानकारी ली। करीब आधा घंटे पूछताछ के बाद पुलिस लौट गई। इस दौरान श्रुतिधर व पारितोष की कोई भी जानकारी होने से परिजनों ने इंकार कर दिया।
पुलिस ने श्रुतिधर त्रिपाठी की पत्नी और छोटे बेटे से पूछताछ की तो पता चला कि वह एक महीने से घर ही नहीं आया है। पत्नी ने आरोपों से भी अनभिज्ञता जताते हुए श्रुतिधर को निर्दोष भी बताया। पुलिस ने पूरे परिवार का आईडी प्रूफ भी लिया। करीब आधा घंटे पूछताछ करने के बाद पुलिस लौट गई। पुलिस धर्मपुरी स्थित कंप्यूटर इंस्टीट्यूट भी पहुंची लेकिन वह बंद पाया गया।
पुलिस मेरठ पब्लिक स्कूल के प्रबंध संचालक विक्रमजीत सिंह से भी मिली और साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए कहा। इंस्पेक्टर देव सिंह रावत ने बताया कि श्रुतिधर और पारितोष फरार है, जिनके बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिली है। एमपीएस के प्रबंध संचालक से आरोपी के अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी मिली है। पुलिस जल्द समस्त साक्ष्य जुटाकर कार्रवाई करेगी। इसके लिए साइबर सेल से भी संपर्क किया गया है।
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अभिभावक न हों परेशान, प्रबंधन उनके साथ - विक्रमजीत
मेरठ। एमपीएस में अभिभावकों-विद्यार्थियों से झूठ बोलकर 50 लाख रुपये हड़पने वाले क्लर्क के खिलाफ जहां रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है वहीं, एमपीएस ग्रुप के निदेशक विक्रमजीत शास्त्री ने कहा है कि जिन्होंने फीस क्लर्क को दी थी, उन अभिभावकों-विद्यार्थियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। स्कूल प्रबंधन पूरी तरह से उनके साथ है। उनसे हम दोबारा फीस नहीं लेंगे। एक व्यक्ति पर हम लोगों ने जितना भरोसा किया, वो इतना बड़ा धोखा देगा, इसके बारे में सोच भी नहीं सकते थे।
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मेरठ। मेरठ पब्लिक स्कूल (मेन विंग) के क्लर्क श्रुतिधर त्रिपाठी पर लगे 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी के आरोपों की पुलिस ने जांच शुरु कर दी है। सोमवार को सदर बाजार पुलिस श्रुतिधर त्रिपाठी के सदर बाजार स्थित घर पहुंची और उसके मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के बारे में जानकारी ली। करीब आधा घंटे पूछताछ के बाद पुलिस लौट गई। इस दौरान श्रुतिधर व पारितोष की कोई भी जानकारी होने से परिजनों ने इंकार कर दिया।
पुलिस ने श्रुतिधर त्रिपाठी की पत्नी और छोटे बेटे से पूछताछ की तो पता चला कि वह एक महीने से घर ही नहीं आया है। पत्नी ने आरोपों से भी अनभिज्ञता जताते हुए श्रुतिधर को निर्दोष भी बताया। पुलिस ने पूरे परिवार का आईडी प्रूफ भी लिया। करीब आधा घंटे पूछताछ करने के बाद पुलिस लौट गई। पुलिस धर्मपुरी स्थित कंप्यूटर इंस्टीट्यूट भी पहुंची लेकिन वह बंद पाया गया।
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पुलिस मेरठ पब्लिक स्कूल के प्रबंध संचालक विक्रमजीत सिंह से भी मिली और साक्ष्य उपलब्ध कराने के लिए कहा। इंस्पेक्टर देव सिंह रावत ने बताया कि श्रुतिधर और पारितोष फरार है, जिनके बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिली है। एमपीएस के प्रबंध संचालक से आरोपी के अलग-अलग बैंक खातों की जानकारी मिली है। पुलिस जल्द समस्त साक्ष्य जुटाकर कार्रवाई करेगी। इसके लिए साइबर सेल से भी संपर्क किया गया है।
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अभिभावक न हों परेशान, प्रबंधन उनके साथ - विक्रमजीत
मेरठ। एमपीएस में अभिभावकों-विद्यार्थियों से झूठ बोलकर 50 लाख रुपये हड़पने वाले क्लर्क के खिलाफ जहां रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है वहीं, एमपीएस ग्रुप के निदेशक विक्रमजीत शास्त्री ने कहा है कि जिन्होंने फीस क्लर्क को दी थी, उन अभिभावकों-विद्यार्थियों को परेशान होने की जरूरत नहीं है। स्कूल प्रबंधन पूरी तरह से उनके साथ है। उनसे हम दोबारा फीस नहीं लेंगे। एक व्यक्ति पर हम लोगों ने जितना भरोसा किया, वो इतना बड़ा धोखा देगा, इसके बारे में सोच भी नहीं सकते थे।