सर्विलांस सिस्टम और सीसीटीवी कैमरों के भरोसे पुलिसिंग, 'चमत्कार' का होता इंतजार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में बीते महीनों में 10 से ज्यादा लूट की वारदात हो चुकी हैं। जिनके खुलासे में पुलिस फेल साबित हुई है। शुक्रवार को सराफ के घर में पड़ी डकैती के बाद जब पुलिस को पता चला कि व्यापारी के घर से बदमाश तीन मोबाइल ले गए हैं तो उसे कुछ उम्मीद जगी। बाद में पता चला कि मोबाइल घर में ही मिल गए हैं तो पुलिस को निराशा हाथ आई। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में भी कोई संदिग्ध नजर नहीं आया।
अब पुलिस परेशान है कि बदमाश को कैसे तलाश करे। वारदात के संबंध में किसी सुराग के इंतजार में पुलिस बैठी है। शहर में एक दर्जन से ज्यादा लूट की वारदात चर्चा में रहीं। इनको खोलने में लेटलतीफी हुई या छुटभैया बदमाश पर घटना खोलकर पुलिस ने पल्ला झाड़ लिया। कई घटनाओं में आज भी शंका बरकरार है। पीड़ित परिवार भी संतुष्ट नहीं हैं। पुलिस आरोपियों के खिलाफ सबूत भी नहीं तलाश पाई।
जागृति विहार सेक्टर-2 में लूट के विरोध में 8 सितंबर 2020 को बदमाशों ने सराफ अमन जैन की गोली मारकर हत्या कर दी। मामले में तरुण ठाकुर, अजय, राहुल समेत चार आरोपी 20 दिन बाद पुलिस ने जेल भेजे। बरामदगी को लेकर पुलिस में अलग-अलग चर्चाएं हैं। खुलासा करने वाले थानेदार को भी हटा दिया गया। खुलासे को लेकर परिवार में आज भी शंका है। सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरे भी फेल हुए।
दौराला थाना क्षेत्र में 9 सितंबर 2020 को जिम ट्रेनर परविंदर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आनन-फानन में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। वारदात में प्रयुक्त हथियार भी नहीं बरामद हुआ। घटना के खुलासे को लेकर पीड़ित परिवार और जनप्रतिनिधियों ने पुलिस पर सवाल उठाएं। अभी भी इसके खुलासे पर असमंजस की स्थिति बनी है।
मेवला फ्लाईओवर के नीचे पंजाब नेशनल बैंक में 28 नवंबर को बदमाशों ने लूट की। बैंक के सीसीटीवी कैमरों में बदमाश दिखाई दिए थे। इसके अलावा कहीं भी नहीं नजर आए। पुलिस ने प्रतापगढ़ जिले के बदमाश बताकर घटना खोल दी। इन बदमाशों के खिलाफ पुलिस को कोई सबूत नहीं मिले। आज भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि बदमाश वही थे या दूसरे।
शास्त्रीनगर एल ब्लॉक में सराफ तेजपाल सिंह के घर शुक्रवार रात हुई 40 लाख की डकैती की वारदात में 36 घंटे बाद भी पुलिस खाली हाथ रही। लुटेरों को पकड़ने के लिए एसएसपी ने सर्विलांस और क्राइम ब्रांच समेत पुलिस की चार टीमें लगाई हैं। सीओ एसटीएफ बृजेश सिंह ने रविवार को सराफ के घर पहुंच कर वारदात की जानकारी ली।
वारदात शुक्रवार की है। रात दो बजे के बाद करीब छह बदमाश ऊपरी मंजिल से सीढ़ियों के दरवाजे का लॉक तोड़कर अंदर घुसे। बदमाशों ने सराफ तेजपाल वर्मा, पत्नी शशि और बेटे कपिल को गन प्वाइंट पर बंधक बना लिया। चार बदमाश अंदर और दो बाहर खड़े रहे।
बदमाश खुद को कभी पुलिस तो कभी क्राइम ब्रांच का बताते रहे। बदमाशों ने 11 लाख रुपये की नकदी और 29 लाख रुपये का सोना-चांदी लूटा। मामले में नौचंदी पुलिस ने डकैती की जगह लूट की धारा में मुकदमा दर्ज किया।
वारदात के आक्रोश में रविवार को व्यापारी और राजनीतिक संगठनों के नेता सराफ के घर पहुंचे। घटना के जल्द खुलासे की मांग को लेकर उनकी पुलिस अफसरों से नोकझोंक भी हुई। पुलिस अभी तक इस बात का भी अंदाजा नहीं लगा पाई है कि बदमाश किस रास्ते से आए और किधर से फरार हुए। सीओ एसटीएफ ने आश्वासन दिया कि उनकी टीम जांच में लगी है। जल्द ही घटना का खुलासा किया जाएगा।
घर मे मिले तीनों मोबाइल
वारदात के बाद सराफ, उनकी पत्नी और बेटे का मोबाइल मौके पर नहीं मिला था। पुलिस उसकी जांच में लगी थी। रविवार तड़के तीनों मोबाइल घर में ही बेड में कपड़ों में लिपटे मिले। पुलिस ने तीनों मोबाइल को कब्जे में लिया है।
सराफ को सुरक्षा न देने पर पुलिस को लगाई फटकार
दक्षिण विधायक डॉॅ. सोमेंद्र तोमर रविवार को पीड़ित सराफ तेजपाल सिंह से मिलने पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से घटना की जानकारी ली। विधायक ने इंस्पेक्टर नौचंदी को मौके पर बुलाया। एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह से फोन पर बातकर पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा और घटना का जल्द खुलासा करने की मांग की। उन्होंने पीड़ित परिवार को सुरक्षा न दिए जाने पर नौचंदी पुलिस को फटकार भी लगाई।
वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधिमंडल भी सराफ से मिला। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू से फोन पर बात कराई। हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। प्रदेश अध्यक्ष ने कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। रोहित गुर्जर ने पुलिस से घटना का जल्द खुलासा करने की मांग की। इस दौरान उत्तर कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव मोनिंदर सूद, महानगर उपाध्यक्ष रोहताश, एसके शाहरुख आदि मौजूद रहे।