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पुलिस ने रोकी मुकुट महल में शादी की तैयारियां
Tue, 02 Apr 2019 03:45 AM IST
Gaurav sharma
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
Published by: Gaurav sharma
Updated Tue, 02 Apr 2019 03:45 AM IST
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मेरठ
- फोटो : अमर उजाला
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ब्रह्मपुरी पुलिस सोमवार शाम होटल मुकुट महल सील करने पहुंच गई। उस समय होटल में शादी की तैयारियां चल रही थी। लड़की के पिता ने काफी मान मनौव्वल की, जिसके बाद शादी समारोह की अनुमति दी गई।
कुख्यात बदन सिंह बद्दो बीती 28 मार्च को पुलिस कस्टडी से इसी होटल से फरार हुआ था। जिस पर शासन से 2.50 लाख का इनाम घोषित है। इस फरारी प्रकरण में होटल मुकुट महल की भूमिका भी संदिग्ध रही है। पुलिस ने होटल मालिक मुकेश गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर शिकंजा कसना शुरू किया। इसी बीच मुकेश गुप्ता भी फरार हो गया।
सोमवार शाम करीब 6.30 बजे माधवपुरम चौकी इंचार्ज अंकित कुमार फोर्स लेकर होटल पहुंचे। जहां शादी की तैयारियां चल रही थीं। बताया गया कि कोटला निवासी एक व्यक्ति की बेटी की सिंकदराबाद से बारात आनी है। जिस पर चौकी इंचार्ज ने होटल के स्टाफ और लड़की के परिवार वालों से कह दिया कि होटल पर सील लगानी है, इसलिए यहां शादी नहीं हो सकती। जिस पर लड़की के पिता ने चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिसकर्मियों के सामने हाथ जोड़ते हुए कहा कि चार माह पहले उन्होंने बेटी की शादी के लिए यह होटल 1.2 लाख में बुक कराया था। 10 हजार रुपये एडवांस दिए थे। अब बारात आनी है तो पुलिस शादी रुकवाने आ गई। मंडप की लाइट भी काट दी। उन्होंने बेटी के भविष्य का हवाला देते हुए कुछ समय देने का आग्रह किया। काफी जद्दोजहद के बाद चौकी इंचार्ज ने अधिकारियों से बात की। रात 12 बजे तक कार्यक्रम खत्म करने का भरोसा दिलाने पर पुलिस टीम लौट गई। तब जाकर लड़की पक्ष के लोगों ने राहत की सांस ली और जेनरेटर शुरू कराया।
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बद्दो की फरारी में मेरठ के फाइनेंसर की भूमिका
उम्र कैद की सजा पा चुके शातिर बदन सिंह बद्दो को पुलिस कस्टडी से फरार कराने में मेरठ के एक फाइनेंसर समेत दो लोगों की भूमिका रही है। होटल मुकुट महल से काले रंग की सेंट्रो में बद्दो भागा था और कुछ दूरी पर उसे दूसरी गाड़ी में बैठाया गया था। दूसरी लग्जरी गाड़ी में पंजाब के बदमाश थे। पुलिस की जांच में यह सामने आया है। पुलिस ने फाइनेंसर की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार होटल मुकुट महल में बद्दो से मुलाकात करने में पपीत बढ़ला, लल्लू मक्कड़, सोनू सहगल, एहतेशाम, जवाहरलाल, शिशुपाल समेत एक दर्जन से अधिक लोग थे। करीब आधे घंटे मीटिंग चली। शराब पी और खाना भी खाया गया। पुलिसकर्मियों के नशे में होते ही बद्दो एहतेशाम के मोबाइल से बात करते होटल से बाहर आया। जहां काले रंग की सेंट्रो में मेरठ का एक फाइनेंसर समेत दो लोग पहले से बैठे थे।
दोनों लोग बद्दो को लेकर वहां से निकले। कुछ दूरी पर एक लग्जरी गाड़ी थी, जिसमें पंजाब के बदमाशों के होने की बात सामने आई। इसको खुलासा मौके से पकड़े आरोपियों ने पूछताछ में किया है। बद्दो को भगाने में इन लोगों की भूमिका है या नहीं, इसका खुलासा गिरफ्तारी के बाद होगा। पुलिस कहती है कि बद्दो को भागना है, इसकी जानकारी सबको थी। होटल मालिक ने सीसीटीवी कैमरे तक बंद करा दिए थे।
फाइनेंसर मुकदमे में नहीं
बद्दो की फरारी के बाद से फाइनेंसर भी फरार है। उसका नाम अभी पुलिस ने मुकदमे में नहीं लिया है। पुलिस ने बताया कि जांच में फाइनेंसर समेत दो लोगों के नाम आए हैं। जिसकी तलाश में दबिश जारी है, लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ा।
गैंगवार भी हो सकती
बद्दो के भागने और सुशील मूंछ का तुरंत सरेंडर होना एक ही प्लानिंग के तहत बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दोनों की प्लानिंग के पीछे वेस्ट यूपी में बड़ी गैंगवार के संकेत है। पुलिस ने सुशील मूंछ से जेल में जाकर पूछताछ की, लेकिन वह कुछ बताने को तैयार नहीं।
हवा में पुलिस के तीर
बद्दो कहां भागा है, इसकी कोई जानकारी अभी पुलिस को नहीं लगी है। पुलिस अधिकारी दावा कर रहे हैं कि एसटीएफ, क्राइम ब्रांच समेत कई पुलिस टीमें बद्दो की तलाश में लगी है। लेकिन कहीं से कोई सुराग पुलिस को नहीं मिल रहा। पुलिस अभी हवा में तीर चला रही है। कोई मोबाइल भी संदिग्ध नहीं मिला, जिस पर कोई काम पुलिस कर सके।
बद्दो की फरारी के बाद कई परिवार खौफ में
मेरठ। बदन सिंह बद्दो के फरार होने की जानकारी लगते ही मेरठ में कई परिवारों में खौफ पैदा हो गया। दहशत में आए इन परिवारों के लोगों ने टीपीनगर थाने पहुंचकर पुलिस की भूमिका पर नाराजगी जताई कि इतना बड़ा शातिर अपराधी कैसे भगा दिया। बोले कि बद्दो को भगाने में उसका बेटा सिकंदर है, जिसने प्लानिंग बनाई। अधिकारियों ने कहा कि पीड़ित परिवारों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
पुलिस कस्टडी से बद्दो के फरार होने की जानकारी शहर में तेजी से फैली। बद्दो पर रविंद्र गुर्जर और संजय गुर्जर की हत्या करने, रंगदारी मांगने और लूटपाट के कई केस दर्ज हैं। बद्दो को साल 2017 में रविंद्र की हत्या में उम्रकैद हुई, तब से वह जेल में बंद था। उसका बेटा सिकंदर पढ़ाई के साथ साथ अपने पिता की पैरवी में जुटा था। बद्दो से कई परिवारों ने जान का खतरा बताया हुआ है, जिनमें कई को पुलिस सुरक्षा दी गई है।
भागा नहीं भगाया गया है
बद्दो के फरार होने की जानकारी पर रविंद्र का भाई देवेंद्र गुर्जर व संजय गुर्जर का भाई अजय गुर्जर समेत दर्जनों लोग टीपीनगर थाने पहुंचे। पीड़ित लोगों ने कहा कि बद्दो भागा नहीं, भगाया गया है। बद्दो को भागने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। हवालात में बंद आरोपियों को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। उनकी भूमिका को लेकर पीड़ित परिवारों में जबरदस्त आक्रोश था।
हमारी जान खतरे में
पीड़ित परिवार के लोगों ने खुद की जान का खतरा जताकर एसएसपी से सुरक्षा मांगी है। एसएसपी ने उनको आश्वासन दिया कि उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। बद्दो को पुलिस जल्द गिरफ्तार करेगी। पीड़ित परिवार के लोगों ने आक्रोश जताते कहा कि वह शातिर अपराधी है। उसने हमको मारने के लिए यह प्लानिंग बनाई है। कोर्ट भी उसको सजा सुना चुका है।
बद्दो का पता बेटा बताएगा
पीड़ित परिवार का कहना कि बद्दो कहां भागा व उसको कहां संरक्षण मिलेगा, इसकी जानकारी सिर्फ बद्दो के बेटे सिकंदर को होगी। इसके अलावा किसी को अतापता नहीं होगा। पुलिस ने जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। सर्विलांस सेल टीम भी सिकंदर की लोकेशन पता करने में जुटी है। पकड़े गए लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
पुलिस के लिए चुनौती, बद्दो की तलाश
बीत चुके हैं 36 घंटे, तलाश में लगी हैं 11 पुलिस टीमें
मेरठ। बदन सिंह बद्दो को तलाशना पुलिस के लिए चुनौती बना है। 36 घंटे बीत चुके हैं, पुलिस की 11 टीमें उसको ढूंढ रही हैं, लेकिन नतीजा शून्य है। पुलिस का दावा कि बद्दो और उसके साथियों ने मोबाइल से दूरी बना रखी है। बद्दो बुधवार से सपा कार्यकर्ता एहतेशाम इलाही का मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहा था। एहतेशाम को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया था। उसका मोबाइल भी बरामद किया था। मोबाइल से पुलिस को ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली, जिससे बद्दो की प्लानिंग का पता चल सके। दूसरी ओर वह सभी पीड़ित परिवार डरे हुए हैं, जिनको बद्दो से जान का खतरा है। एसएसपी नितिन तिवारी का कहना कि पुलिस की 11 टीमें बद्दो की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं।
पुलिस का खेल, आरोपियों को मिली बेल
कुख्यात बद्दो के फरार होने के मामले में मेरठ पुलिस ने खेल किया। इसके चलते भगाने वाले पुलिसकर्मियों को बेल मिल गई। सीनियर अधिवक्ता अमित दीक्षित का कहना है कि बद्दो को आजीवन कारावास की सजा हुई है। सजा होने वाले मुल्जिम को भगाने के मामले में पुलिस ने जमानत मिलने वाली धारा (221, 224, 120 बी) लगाई है। जबकि इस मामले में पुलिस को धारा 216 और 222 लगानी चाहिए थी, जो कि गैर जमानती है। पुलिस की लापरवाही के चलते आरोपियों की जमानत हुई है। बता दें कि पुलिसकर्मियों समेत नौ लोगों को स्पेशल सीजेएम रामलाल की कोर्ट में पेश किया गया था। आरोपी जवाहर लाल उर्फ पिंकू, एहतेशाम इलाही और शिशुपाल की जमानत अर्जी सीनियर अधिवक्ता संजीव कुमार ने लगाई। कोर्ट ने सभी को जमानत दे दी। दो-दो जमानती प्रस्तुत करने का आदेश दिया। आरोपी जवाहरलाल उर्फ पिंकू जमानती पेश कर पाया, जिसके बाद वह रिहा हुआ। अन्य आठ आरोपियों को जमानती न मिलने के चलते कोर्ट ने जेल भेजा।
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कुख्यात बदन सिंह बद्दो बीती 28 मार्च को पुलिस कस्टडी से इसी होटल से फरार हुआ था। जिस पर शासन से 2.50 लाख का इनाम घोषित है। इस फरारी प्रकरण में होटल मुकुट महल की भूमिका भी संदिग्ध रही है। पुलिस ने होटल मालिक मुकेश गुप्ता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर शिकंजा कसना शुरू किया। इसी बीच मुकेश गुप्ता भी फरार हो गया।
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सोमवार शाम करीब 6.30 बजे माधवपुरम चौकी इंचार्ज अंकित कुमार फोर्स लेकर होटल पहुंचे। जहां शादी की तैयारियां चल रही थीं। बताया गया कि कोटला निवासी एक व्यक्ति की बेटी की सिंकदराबाद से बारात आनी है। जिस पर चौकी इंचार्ज ने होटल के स्टाफ और लड़की के परिवार वालों से कह दिया कि होटल पर सील लगानी है, इसलिए यहां शादी नहीं हो सकती। जिस पर लड़की के पिता ने चौकी इंचार्ज और अन्य पुलिसकर्मियों के सामने हाथ जोड़ते हुए कहा कि चार माह पहले उन्होंने बेटी की शादी के लिए यह होटल 1.2 लाख में बुक कराया था। 10 हजार रुपये एडवांस दिए थे। अब बारात आनी है तो पुलिस शादी रुकवाने आ गई। मंडप की लाइट भी काट दी। उन्होंने बेटी के भविष्य का हवाला देते हुए कुछ समय देने का आग्रह किया। काफी जद्दोजहद के बाद चौकी इंचार्ज ने अधिकारियों से बात की। रात 12 बजे तक कार्यक्रम खत्म करने का भरोसा दिलाने पर पुलिस टीम लौट गई। तब जाकर लड़की पक्ष के लोगों ने राहत की सांस ली और जेनरेटर शुरू कराया।
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बद्दो की फरारी में मेरठ के फाइनेंसर की भूमिका
उम्र कैद की सजा पा चुके शातिर बदन सिंह बद्दो को पुलिस कस्टडी से फरार कराने में मेरठ के एक फाइनेंसर समेत दो लोगों की भूमिका रही है। होटल मुकुट महल से काले रंग की सेंट्रो में बद्दो भागा था और कुछ दूरी पर उसे दूसरी गाड़ी में बैठाया गया था। दूसरी लग्जरी गाड़ी में पंजाब के बदमाश थे। पुलिस की जांच में यह सामने आया है। पुलिस ने फाइनेंसर की तलाश शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार होटल मुकुट महल में बद्दो से मुलाकात करने में पपीत बढ़ला, लल्लू मक्कड़, सोनू सहगल, एहतेशाम, जवाहरलाल, शिशुपाल समेत एक दर्जन से अधिक लोग थे। करीब आधे घंटे मीटिंग चली। शराब पी और खाना भी खाया गया। पुलिसकर्मियों के नशे में होते ही बद्दो एहतेशाम के मोबाइल से बात करते होटल से बाहर आया। जहां काले रंग की सेंट्रो में मेरठ का एक फाइनेंसर समेत दो लोग पहले से बैठे थे।
दोनों लोग बद्दो को लेकर वहां से निकले। कुछ दूरी पर एक लग्जरी गाड़ी थी, जिसमें पंजाब के बदमाशों के होने की बात सामने आई। इसको खुलासा मौके से पकड़े आरोपियों ने पूछताछ में किया है। बद्दो को भगाने में इन लोगों की भूमिका है या नहीं, इसका खुलासा गिरफ्तारी के बाद होगा। पुलिस कहती है कि बद्दो को भागना है, इसकी जानकारी सबको थी। होटल मालिक ने सीसीटीवी कैमरे तक बंद करा दिए थे।
फाइनेंसर मुकदमे में नहीं
बद्दो की फरारी के बाद से फाइनेंसर भी फरार है। उसका नाम अभी पुलिस ने मुकदमे में नहीं लिया है। पुलिस ने बताया कि जांच में फाइनेंसर समेत दो लोगों के नाम आए हैं। जिसकी तलाश में दबिश जारी है, लेकिन कोई हत्थे नहीं चढ़ा।
गैंगवार भी हो सकती
बद्दो के भागने और सुशील मूंछ का तुरंत सरेंडर होना एक ही प्लानिंग के तहत बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि दोनों की प्लानिंग के पीछे वेस्ट यूपी में बड़ी गैंगवार के संकेत है। पुलिस ने सुशील मूंछ से जेल में जाकर पूछताछ की, लेकिन वह कुछ बताने को तैयार नहीं।
हवा में पुलिस के तीर
बद्दो कहां भागा है, इसकी कोई जानकारी अभी पुलिस को नहीं लगी है। पुलिस अधिकारी दावा कर रहे हैं कि एसटीएफ, क्राइम ब्रांच समेत कई पुलिस टीमें बद्दो की तलाश में लगी है। लेकिन कहीं से कोई सुराग पुलिस को नहीं मिल रहा। पुलिस अभी हवा में तीर चला रही है। कोई मोबाइल भी संदिग्ध नहीं मिला, जिस पर कोई काम पुलिस कर सके।
बद्दो की फरारी के बाद कई परिवार खौफ में
मेरठ। बदन सिंह बद्दो के फरार होने की जानकारी लगते ही मेरठ में कई परिवारों में खौफ पैदा हो गया। दहशत में आए इन परिवारों के लोगों ने टीपीनगर थाने पहुंचकर पुलिस की भूमिका पर नाराजगी जताई कि इतना बड़ा शातिर अपराधी कैसे भगा दिया। बोले कि बद्दो को भगाने में उसका बेटा सिकंदर है, जिसने प्लानिंग बनाई। अधिकारियों ने कहा कि पीड़ित परिवारों की सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।
पुलिस कस्टडी से बद्दो के फरार होने की जानकारी शहर में तेजी से फैली। बद्दो पर रविंद्र गुर्जर और संजय गुर्जर की हत्या करने, रंगदारी मांगने और लूटपाट के कई केस दर्ज हैं। बद्दो को साल 2017 में रविंद्र की हत्या में उम्रकैद हुई, तब से वह जेल में बंद था। उसका बेटा सिकंदर पढ़ाई के साथ साथ अपने पिता की पैरवी में जुटा था। बद्दो से कई परिवारों ने जान का खतरा बताया हुआ है, जिनमें कई को पुलिस सुरक्षा दी गई है।
भागा नहीं भगाया गया है
बद्दो के फरार होने की जानकारी पर रविंद्र का भाई देवेंद्र गुर्जर व संजय गुर्जर का भाई अजय गुर्जर समेत दर्जनों लोग टीपीनगर थाने पहुंचे। पीड़ित लोगों ने कहा कि बद्दो भागा नहीं, भगाया गया है। बद्दो को भागने में पुलिस की महत्वपूर्ण भूमिका है। हवालात में बंद आरोपियों को देखने के लिए लोगों की भीड़ लग गई। उनकी भूमिका को लेकर पीड़ित परिवारों में जबरदस्त आक्रोश था।
हमारी जान खतरे में
पीड़ित परिवार के लोगों ने खुद की जान का खतरा जताकर एसएसपी से सुरक्षा मांगी है। एसएसपी ने उनको आश्वासन दिया कि उनकी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। बद्दो को पुलिस जल्द गिरफ्तार करेगी। पीड़ित परिवार के लोगों ने आक्रोश जताते कहा कि वह शातिर अपराधी है। उसने हमको मारने के लिए यह प्लानिंग बनाई है। कोर्ट भी उसको सजा सुना चुका है।
बद्दो का पता बेटा बताएगा
पीड़ित परिवार का कहना कि बद्दो कहां भागा व उसको कहां संरक्षण मिलेगा, इसकी जानकारी सिर्फ बद्दो के बेटे सिकंदर को होगी। इसके अलावा किसी को अतापता नहीं होगा। पुलिस ने जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। सर्विलांस सेल टीम भी सिकंदर की लोकेशन पता करने में जुटी है। पकड़े गए लोगों से पुलिस पूछताछ कर रही है।
पुलिस के लिए चुनौती, बद्दो की तलाश
बीत चुके हैं 36 घंटे, तलाश में लगी हैं 11 पुलिस टीमें
मेरठ। बदन सिंह बद्दो को तलाशना पुलिस के लिए चुनौती बना है। 36 घंटे बीत चुके हैं, पुलिस की 11 टीमें उसको ढूंढ रही हैं, लेकिन नतीजा शून्य है। पुलिस का दावा कि बद्दो और उसके साथियों ने मोबाइल से दूरी बना रखी है। बद्दो बुधवार से सपा कार्यकर्ता एहतेशाम इलाही का मोबाइल फोन इस्तेमाल कर रहा था। एहतेशाम को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार किया था। उसका मोबाइल भी बरामद किया था। मोबाइल से पुलिस को ऐसी कोई जानकारी नहीं मिली, जिससे बद्दो की प्लानिंग का पता चल सके। दूसरी ओर वह सभी पीड़ित परिवार डरे हुए हैं, जिनको बद्दो से जान का खतरा है। एसएसपी नितिन तिवारी का कहना कि पुलिस की 11 टीमें बद्दो की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं।
पुलिस का खेल, आरोपियों को मिली बेल
कुख्यात बद्दो के फरार होने के मामले में मेरठ पुलिस ने खेल किया। इसके चलते भगाने वाले पुलिसकर्मियों को बेल मिल गई। सीनियर अधिवक्ता अमित दीक्षित का कहना है कि बद्दो को आजीवन कारावास की सजा हुई है। सजा होने वाले मुल्जिम को भगाने के मामले में पुलिस ने जमानत मिलने वाली धारा (221, 224, 120 बी) लगाई है। जबकि इस मामले में पुलिस को धारा 216 और 222 लगानी चाहिए थी, जो कि गैर जमानती है। पुलिस की लापरवाही के चलते आरोपियों की जमानत हुई है। बता दें कि पुलिसकर्मियों समेत नौ लोगों को स्पेशल सीजेएम रामलाल की कोर्ट में पेश किया गया था। आरोपी जवाहर लाल उर्फ पिंकू, एहतेशाम इलाही और शिशुपाल की जमानत अर्जी सीनियर अधिवक्ता संजीव कुमार ने लगाई। कोर्ट ने सभी को जमानत दे दी। दो-दो जमानती प्रस्तुत करने का आदेश दिया। आरोपी जवाहरलाल उर्फ पिंकू जमानती पेश कर पाया, जिसके बाद वह रिहा हुआ। अन्य आठ आरोपियों को जमानती न मिलने के चलते कोर्ट ने जेल भेजा।