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पुलिस पाठशाला: अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं को दिए ये टिप्स, कहा- ऐसे करें मनचलों का मुकाबला

Fri, 31 Aug 2018 09:25 PM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत
यूपी डेस्क, अमर उजाला, बागपत Updated Fri, 31 Aug 2018 09:25 PM IST
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Police ki pathshala on behalf of Amar Ujala in baghpat, and officials gave tips
पुलिस अधिकारी से सवाल करती छात्रा - फोटो : अमर उजाला

अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से यूपी के शामली और सहारनपुर जनपदों में शुक्रवार को पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें स्कूलों के छात्रों ने पुलिस अधिकारियों से खूब सवाल पूछे। शामली के एसपी दिनेश कुमार ने कहा कि मनचलों की ताकत डर है, क्योंकि उनकी हरकतों की वजह से छात्राएं और महिलाएं डर जाती हैं, लेकिन डरने की जरूरत नहीं है। अपने मन में घुसे डर को बाहर निकालें। खुलकर अपनी पीड़ा व्यक्त करें तथा परेशान करने वाले के बारे में शिकायत करें। पुलिस सुरक्षा प्रदान करेगी और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करेगी।

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वहीं सहारनपुर एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि आईपीएस का मतलब है इंडियन पुलिस सर्विस, यानी भारतीय पुलिस सेवा। भारत की पुलिस लोगों की सेवा के लिए है। किसी पर शासन करने के लिए नहीं। एक तरह से पुलिस जनता की नौकर है।
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शुक्रवार को मिल रोड स्थित हिंदू कन्या इंटर कॉलेज में पुलिस की पाठशाला का आयोजन किया गया। पाठशाला में पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार, सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह के अलावा एंटी रोमियो की पूरी टीम और अन्य पुलिसकर्मियों ने छात्राओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। एसपी ने कहा कि कॉलेज से आते जाते समय किसी भी छात्रा को कोई परेशानी हो तो तुरंत डायल 100 पर शिकायत करें। उन्होंने छात्राओं से अपनी स्वतंत्रता के साथ ही सरकार द्वारा चलाई जा रही महिला हेल्पलाइन का लाभ उठाने के लिए जागरूक किया। छात्राओं से कहा कि अगर किसी भी छात्रा को कोई रिश्तेदार, भाई का दोस्त, सगा संबंधी कोई भी परेशान करता है तो उसकी शिकायत केवल 1090 पर ही करें। सभी छात्राओं को सोशल साइट पर गलत मेसेज या वीडियो डालने से बचने के लिए कहा। कोई भी छात्रा व्हाट्सएप नंबर और फेसबुक पर अपना फोटो अपलोड न करें। उन्होंने छात्राओं को गुड टच तथा बेड टच के बारे में भी विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत करते वक्त घबराना नहीं चाहिए।

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फाइल फोटो

वहीं, सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह ने छात्राओं को बताया कि कभी भी घबराना नहीं चाहिए। पुलिस की एंटी रोमियो टीम हर समय साधे कपड़ों में स्कूल खुलने के वक्त और छुट्टी के समय आसपास रहती है। यदि कोई भी लड़का किसी छात्रा के साथ छेड़छाड़ करता है तो उसकी शिकायत स्कूल शिक्षिकाओं, परिवारजनों व महिला हेल्पलाइन और एंटी रोमियो की किसी भी सदस्य को बेहिचक बता सकती है। उन्होंने सभी छात्राओं को पुलिस में भर्ती होने की प्रक्रिया और योग्यता के बारे में बताते हुए भर्ती होकर महिलाओं की सुरक्षा करने के लिए प्रेरित किया। वहीं, प्रधानाचार्य मीना कुमारी ने अमर उजाला और पुलिस अधिकारियों को छात्राओं के जागरूक करने पर धन्यवाद दिया। इस दौरान योगेंद्र, लविक त्यागी, देशपाल सिंह, मोहित राणा, प्रीति, नीलम दहिया, कविता, देशपाल, पंकज शर्मा आदि मौजूद रहे।

शिकायत पर 10 मिनट में पहुंची डायल-100 पुलिस
एसपी दिनेश कुमार ने डायल 100 के प्रयोग के बारे में मौके पर ही ट्रायल कराया। विद्यालय की शिक्षिका नेहा के मोबाइल फोन से डायल 100 पर कॉल कराई और बताया कि विद्यालय के बाहर छात्राओं से कुछ युवक छेड़छाड़ कर रहे हैं। लखनऊ मुख्यालय पर कॉल रिसीव होने पर हेल्पलाइन में कार्यरत कर्मियों ने शिक्षिका से घटनास्थल पूछा और कुछ समय में कॉल रिसीव करने के लिए कहा गया। साथ ही शिक्षिका के मोबाइल फोन पर मेसेज भी आया। इसके बाद 10 मिनट के भीतर ही डायल 100 पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। जिसके बाद एसपी ने डायल 100 पुलिस को अंदर बुलवाकर उनसे पूछा कि क्या सूचना मिली थी और किस नाम तथा मोबाइल नंबर से कॉल आई थी। जिसके बाद पुलिस कर्मियों ने एमडीटी पर मेसेज दिखाया। जिससे सभी छात्राओं को शिकायत करने की पूरी प्रक्रिया ट्रायल के तौर पर समझाई गई।  

तुरंत दें टीम के सदस्यों को जानकारी : अनोखा सिंह 
एंटी रोमियो टीम की प्रभारी उपनिरीक्षक अनोखा सिंह ने छात्राओं को बताया कि हमारी टीम सुबह 6.30 पर कॉलेजों के आसपास घूमती है। एंटी रोमियो टीम सादे कपड़ों में होती है। अगर किसी भी छात्रा को कोई मनचला परेशान करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। उन्होंने सभी छात्राओं को अपना मोबाइल नंबर भी दिया। छात्राओं को बिना किसी हिचक के शिकायत करने की अपील की।

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पुलिस की पाठशाला - फोटो : अमर उजाला

एक बार हिम्मत करने पर कभी नहीं होगी परेशानी 
महिला हेल्पलाइन 1090 का प्रभारी बिजेंद्र सिंह यादव ने छात्राओं को कहा कि सबसे पहले अपनी हिचक दूर करनी होगी। एक बार आदत पड़ गई तो भविष्य में कोई कठिनाई नहीं होगी। सभी बातें परिवार से शेयर करें। पंपलेट पर लिखी सभी जानकारी का इस्तेमाल करें ओर परेशानी भगाएं। न बताने पर कोई भी बड़ी घटना हो सकती है। 
 
एक दिन की कोतवाल बनीं कोमल ने साझा किए अनुभव 
हिंदू कन्या इंटर कॉलेज की 12वीं की छात्रा कोमल को पूर्व में महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम के दौरान शामली कोतवाली में एक दिन का इंचार्ज बनाया गया था। कोमल ने कहा कि पुलिस हमेशा महिलाओं की सुरक्षा के लिए तैयार रहती है। कोतवाल बनने के बाद से उसके अंदर हिम्मत पैदा हुई है। अब कोई भी परेशानी आने पर शिकायत करने और उसका सामना करने से पीछे नहीं हटेगी। वहीं, छात्रा प्रीति और नीलम ने पुलिस द्वारा बताई गई महिला हेल्पलाइन तथा अन्य सुविधाओं के बारे में सभी छात्राओं को बताया।  

छात्राओं ने पूछे सवाल 
- छात्रा सलोनी और सपना ने पूछा कि अगर शहर के अलावा गांव या घर के आसपास कोई छेड़छाड़ करता है तो उसकी शिकायत कहां करनी होगी। इस पर एसपी ने कहा कि डायल 100 पर शिकायत की जा सकती है। यदि अपनी पहचान

 छिपाकर रखनी है, तो 1090 महिला हेल्पलाइन पर कॉल करें।  
- छात्रा नेहा कश्यप ने कहा कि 28 अगस्त को एक युवक फोन पर परेशान करता है। इसकी शिकायत 28 अगस्त को शामली कोतवाली पुलिस से की थी। अभी तक कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि जल्दी ही कार्रवाई कराई जाएगी।  

- बनत की छात्रा प्रियांशी ने कहा कि कस्बा बनत में बस स्टैंड के पास कुछ लड़के टेंपू पर पीछे लटकर आते हैं और कॉमेंट करते हैं। ऐसे युवकों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं होती। इस पर एसपी ने कहा कि निकट की चौकी पर शिकायत करें। यदि सुनवाई नहीं होती है, तो उनके पास शिकायत करें, कार्रवाई जरूर होगी।

जनता की नौकर है पुलिस : एसएसपी 

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अमर उजाला की ओर से पुलिस की पाठशाला - फोटो : अमर उजाला

सहारनपुर में अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित पुलिस की पाठशाला में एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि आईपीएस का मतलब है इंडियन पुलिस सर्विस, यानी भारतीय पुलिस सेवा। भारत की पुलिस लोगों की सेवा के लिए है। किसी पर शासन करने के लिए नहीं। एक तरह से पुलिस जनता की नौकर है। 

एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल ने शुक्रवार को एसएएम इंटर कॉलेज में अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्रों को यातायात सुरक्षा, साइबर क्राइम और सोशल मीडिया का प्रयोग करते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस में भर्ती होने वाले लोग विदेश से नहीं आते हैं। वे आप सबके बीच के ही लोग हैं। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक नियमों का पालन करके दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता है। अधिकांश सड़क दुर्घटनाएं ओवर स्पीड, नशे में वाहन चलाने, अधिक सवारी होने एवं नियमों की अनदेखी करने की वजह से हो रही है। ट्रैफिक पुलिस भी अपने स्तर से वाहन चालकों को जागरूक कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस नहीं होगी तो व्यवस्था बिगड़ जाएगी। अपराधी निरंकुश हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि गलत कार्य करने वाले ही पुलिस से डरते हैं। सही कार्य करने वाले पुलिस से नहीं डरते। 

पुलिस की पाठशाला का संचालन डा. सादाराम ने किया। कालेज के प्रधानाचार्य मनोज काकरान, एनएनसीसी अधिकारी बृजेश पुंडीर, रामवीर सिंह, कुलदीप कुमार, फरहत मियां, सुधीर शर्मा आदि रहे। 83 यूपी बटालियन के एनसीसी कैडेट्स ने व्यवस्था संभाली।

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अमर उजाला की ओर से पुलिस की पाठशाला - फोटो : अमर उजाला

- अच्छा नागरिक बनने के लिए शिक्षा जरूरी 
एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा प्रत्येक व्यक्ति का अधिकार है। सिर्फ नौकरी और व्यवसाय के लिए ही शिक्षा जरूरी नहीं। अच्छा नागरिक बनने के लिए शिक्षा जरूरी है। नागरिक शिक्षित और मेहनती होंगे तो समाज और देश का भविष्य उज्जवल रहेगा।  

- सुविधा से नहीं लगन और मेहनत से मिलती है सफलता 
एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल ने कहा कि सुविधाएं जरूरी हैं। लेकिन सिर्फ सुविधाओं से नहीं इच्छाशक्ति, लगन और मेहनत से ही सफलता हासिल होती है। उन्होंने बताया कि उन्होंने एक छोटे से गांव के सरकारी स्कूल से शिक्षा शुरू की। टाट-पट्टी लेकर स्कूल जाते थे। उनके पास न लाइब्रेरी थी और न ही बैठने के लिए सीट-बेंच थीं। 

- लापरवाही बन रही दुर्घटनाओं का कारण : एसपी ट्रैफिक 
युवा दोपहिया एवं चार पहिया वाहन चलाते समय नियमों का पालन करें। सिर्फ लापरवाही से दुर्घटनाएं हो रहीं हैं। गति पर नियंत्रण रखें, हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग करें। दुपहिया वाहनों पर दो से अधिक सवारी न बैठाएं। यातायात के नियमों का पालन पुलिस जबरन करा रही है। वाहन चालकों को समझना चाहिए कि उनका कोई घर पर इंतजार भी कर रहा है। जरा सी असावधानी, दुर्घटना बन सकती है। अपनी भी सुरक्षा करें, दूसरों को भी सुरक्षित रखें। - विनीत भटनागर, एसपी यातायात

- जुर्माना सिर्फ सीख देने के लिए 
यातायात के नियम किसी और की नहीं सिर्फ अपनी सुरक्षा के लिए पालन करें। छात्र अपने अभिभावकों, अपने परिचितों को जागरूक करें कि उनकी सुरक्षा कितनी जरूरी है। कोई भी नियम तोड़ता है तो उस पर जुर्माना लगाकर चालान काटा जाता है। गैर जिम्मेदराना तरीके से वाहन चलाने पर अथवा वाहन नियमित न होने पर सीज भी किया जाता है। लेकिन यह पुलिस किसी को परेशान करने के लिए नहीं बल्कि जागरूक करने के लिए और सीख देने के लिए ही करती है। - तेज प्रताप सिंह, यातायात उपनिरीक्षक 

- अनुशासन छात्रों के लिए जरूरी 
पुलिस ने छात्रों को नियमों और कानूनों की जानकारी दी है। स्कूलों द्वारा भी छात्रों को नियमों का पाठ पढ़ाया जाता है। अनुशासन सिखाया जाता है। अनुशासन ही नियम पालन करने की पहली सीढ़ी है।  - मनोज काकरान, प्रधानाचार्य, एसएएम इंटर कॉलेज 

- पुलिस की पाठशाला : छात्रों के सवाल, एसएसपी के जवाब 
अमर उजाला फाउंडेशन द्वारा एसएएम इंटर कॉलेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला में छात्रों ने बेबाक होकर एसएसपी उपेंद्र कुमार अग्रवाल से सवाल किए। एसएसपी ने छात्रों के सवालों के तब तक जवाब दिए, जब तक छात्र संतुष्ट नहीं हो गए। उनकी सुरक्षा से लेकर उनके करियर बनाने तक की जिज्ञासा को शांत किया। 

सवाल - पुलिस की न दोस्ती अच्छी, न दुश्मनी, लोग ऐसा क्यों बोलते हैं। 
जवाब - ऐसा लोग कहते हैं, लेकिन वास्तव में ऐसा नहीं है। जो पुलिस में भर्ती होने के लिए आते हैं, वे समाज के बीच से ही आते हैं। साथ पढ़े हुए होते हैं। सामाजिक रहने वाले व्यक्ति को वास्तविक स्थिति की जानकारी होती है। और गलत कार्य करने पर चाहे वह दोस्त हो या फिर अनजान हो, न्याय की बात की जाती है। इसलिए कई बार ऐसा लगता है कि दोस्त होते हुए भी पुलिस ने उसके साथ ऐसा कर दिया। कुछ लोग मानते हैं कि किसी पुलिसकर्मी से दुश्मनी हो गई तो जरा सी गलती पर वह बख्शेगा नहीं। लेकिन ऐसा होता नहीं है।  

सवाल - ट्रैफिक पुलिस के पकड़ने पर नेताओं के फोन पर क्यों छोड़ते हैं ? 
जवाब - सभी को अपने लिए हर संभव प्रयास करने का पूरा अधिकार है। किसी पुलिस अधिकारी से, किसी मिलने वाले से या फिर किसी नेता से सिफारिश कराकर बचने का प्रयास किया जाता है। यह प्रयास लोगों को नजर आता है। लेकिन छोड़ दिया जाए, यह बहुत कम ही होता है। नियम तोड़ने वाले को पुलिस छोड़ती नहीं है।

सवाल - पुलिस उप निरीक्षक कैसे बन सकते हैं।  
जवाब - इसके लिए कम से कम स्नातक की शिक्षा जरूरी है। भर्ती फार्म समय-समय पर निकलते हैं। प्रशिक्षण होता है और नियमों, कानूनों की जानकारी दी जाती है। कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी का संकल्प दिलाया जाता है। 

सवाल - पुलिस पर सबसे अधिक भ्रष्टता के आरोप क्यों लगते हैं ? 
जवाब - पुलिस सीधे तौर पर जनता से जुड़ी है, जबकि अन्य विभाग सीधे तौर पर जनता से सीधे संपर्क में नहीं है। किसी भी विभाग को कार्य कराने के लिए सरकार से धन मिलता है। जनता की जेब से पैसा नहीं जाता। जिस कारण जनता को भ्रष्टाचार का इतना अहसास नहीं होता, क्योंकि उसकी जेब से तो सीधे तौर पर कोई पैसा नहीं जाता है। दो पक्ष अपना विवाद लेकर पुलिस के पास आते हैं। पुलिस की जांच में जो भी गलत होता है, वही पुलिस पर भ्रष्ट होने का आरोप लगा देता है।  

वो तो बच्चों के बीच जाकर उन्हें जागरूक करना चाहते थे। अमर उजाला ने पुलिस पाठशाला के माध्यम से उन्हें बच्चों से जोड़ने का अवसर दिया। भविष्य में ट्रैफिक पुलिस के माध्यम से भी स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। - उपेंद्र अग्रवाल, एसएसपी।

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