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सिपाही गोलीकांड में पुलिस ने साधी चुप्पी, रिपोर्ट तक नहीं लिखी
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सिपाही गोलीकांड में पुलिस ने साधी चुप्पी
मेरठ। नए साल की पार्टी में सिपाही को गोली लगने के मामले में पुलिस ने तीसरे दिन भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। 31 दिसंबर की रात एनएच-58 पर स्थित होटल में पार्टी के दौरान क्राइम ब्रांच में तैनात सिपाही सौरभ यादव के पैर में गोली लगी थी। पुलिस का दावा कि गोली उसके दोस्त ने ही मारी है। लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सवाल है कि पुलिस वालों के लिए नियम कानून नहीं है। बगैर अनुमति के होटल में पार्टी, तमंचे पर डिस्को और फिर सिपाही को गोली लगना पुलिस की नजर में कोई अपराध नहीं है। इंस्पेक्टर जानी ऋषिपाल सिंह का कहना कि किसी ने कोई शिकायत पत्र नहीं दिया। एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह सिपाही के ठीक होने के बाद केस दर्ज कराने की बात कह रहे हैं।
कानून व्यवस्था का मजाक
सिपाही को गोली लगने के मामले में तीन दिन तक रिपोर्ट दर्ज नहीं होना कानून व्यवस्था के साथ मजाक है। जब रिपोर्ट ही दर्ज नहीं तो जांच कैसे होगी। पुलिस अधिकारियों ने भी इस मामले में संज्ञान लेना उचित नहीं समझा।
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मेरठ। नए साल की पार्टी में सिपाही को गोली लगने के मामले में पुलिस ने तीसरे दिन भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की। 31 दिसंबर की रात एनएच-58 पर स्थित होटल में पार्टी के दौरान क्राइम ब्रांच में तैनात सिपाही सौरभ यादव के पैर में गोली लगी थी। पुलिस का दावा कि गोली उसके दोस्त ने ही मारी है। लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई है। सवाल है कि पुलिस वालों के लिए नियम कानून नहीं है। बगैर अनुमति के होटल में पार्टी, तमंचे पर डिस्को और फिर सिपाही को गोली लगना पुलिस की नजर में कोई अपराध नहीं है। इंस्पेक्टर जानी ऋषिपाल सिंह का कहना कि किसी ने कोई शिकायत पत्र नहीं दिया। एसपी सिटी डॉ. एएन सिंह सिपाही के ठीक होने के बाद केस दर्ज कराने की बात कह रहे हैं।
कानून व्यवस्था का मजाक
सिपाही को गोली लगने के मामले में तीन दिन तक रिपोर्ट दर्ज नहीं होना कानून व्यवस्था के साथ मजाक है। जब रिपोर्ट ही दर्ज नहीं तो जांच कैसे होगी। पुलिस अधिकारियों ने भी इस मामले में संज्ञान लेना उचित नहीं समझा।
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