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पुलिस की नौकरी के लिए दौड़ीं बीटेक-एमबीए की टॉपर
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
Updated Sat, 09 Apr 2016 02:20 AM IST
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यूपी पुलिस की महिला सिपाही।
- फोटो : फाइल फोटो
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इसे बेरोजगारी कहें या फिर सरकारी नौकरी क ा क्रेज। बीटेक और एमबीए की टॉपर छात्राएं भी यूपी पुलिस में सिपाही की भर्ती के लिए दौड़ लगा रही हैं। इतनी पढ़ी लिखी छात्राओं को दौड़ते देखकर खुद पुलिस के उच्च अधिकारी भी हैरान हैं। अधिकांश युवतियां दिल्ली, चंडीगढ़, गुड़गांव और नोएडा में जॉब करने वाली हैं।
एसएसपी दिनेश चंद दूबे ने बताया कि रुड़की रोड स्थित आरआरएफ के मैदान पर महिला अभ्यर्थियों की दौड़ चल रही है। एसएसपी उस समय हैरत में पड़ गए जब उन्हें पता चला कि दौड़ लगाने वाली अधिकांश युवतियों के दसवीं या 12 वीं में 70 प्रतिशत से अंक अधिक हैं। जिनमें कई अभ्यर्थी एमबीए, बीटेक में टॉपर भी रहीं है।
एसएसपी ने लड़कियों से पूछा कि इतना पढ़ लिखकर क्या आप पुलिस की नौकरी कर पाएंगी, तो जवाब साफ था कि वर्दी पहना उनकी इच्छा है। वे अपने मां-बाप के सपने पूरे करने आई हैं। एसएसपी ने बताया कि जो लड़कियां भर्ती में शामिल होने आई हैं वे बड़े-बड़े शहरों में आठ से दस हजार की प्राइवेट नौकरी भी कर रही हैं। एसपी ट्रैफिक जिले की नोडल अधिकारी हैं।
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200 अभ्यर्थी रहीं अनुपस्थित
शुक्रवार को 800 लड़कियों ने दौड़ में हिस्सा लिया। एक हजार लड़कियों को बुलाया गया था, लेकिन 200 अनुपस्थित रहीं। भर्ती के लिए रुड़की रोड को एक ओर से बंद कर दिया गया था। वाहिनी के बाहर ही लड़कियां का जमावड़ा लगा रहा। भारी गर्मी के बीच शाम पांच बजे तक दौड़ चलती रही। सेंटर पर पानी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, जिस कारण प्रतिभागियों को परेशानी हुई। फुटपाथ पर ही लड़कियां अपने परिवार वालों के साथ चादर बिछाकर बैठी रहीं।
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एसएसपी दिनेश चंद दूबे ने बताया कि रुड़की रोड स्थित आरआरएफ के मैदान पर महिला अभ्यर्थियों की दौड़ चल रही है। एसएसपी उस समय हैरत में पड़ गए जब उन्हें पता चला कि दौड़ लगाने वाली अधिकांश युवतियों के दसवीं या 12 वीं में 70 प्रतिशत से अंक अधिक हैं। जिनमें कई अभ्यर्थी एमबीए, बीटेक में टॉपर भी रहीं है।
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एसएसपी ने लड़कियों से पूछा कि इतना पढ़ लिखकर क्या आप पुलिस की नौकरी कर पाएंगी, तो जवाब साफ था कि वर्दी पहना उनकी इच्छा है। वे अपने मां-बाप के सपने पूरे करने आई हैं। एसएसपी ने बताया कि जो लड़कियां भर्ती में शामिल होने आई हैं वे बड़े-बड़े शहरों में आठ से दस हजार की प्राइवेट नौकरी भी कर रही हैं। एसपी ट्रैफिक जिले की नोडल अधिकारी हैं।
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200 अभ्यर्थी रहीं अनुपस्थित
शुक्रवार को 800 लड़कियों ने दौड़ में हिस्सा लिया। एक हजार लड़कियों को बुलाया गया था, लेकिन 200 अनुपस्थित रहीं। भर्ती के लिए रुड़की रोड को एक ओर से बंद कर दिया गया था। वाहिनी के बाहर ही लड़कियां का जमावड़ा लगा रहा। भारी गर्मी के बीच शाम पांच बजे तक दौड़ चलती रही। सेंटर पर पानी की उचित व्यवस्था नहीं की गई, जिस कारण प्रतिभागियों को परेशानी हुई। फुटपाथ पर ही लड़कियां अपने परिवार वालों के साथ चादर बिछाकर बैठी रहीं।