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Meerut: ‘वारदात करो, हम बचा लेंगे’, दो सिपाहियों और हिस्ट्रीशीटर ने बनाया गिराह, 37 कागज की गड्डियां बरामद

Wed, 07 Oct 2026 12:01 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ Published by: Dimple Sirohi Updated Wed, 07 Oct 2026 12:01 PM IST
सार

मेरठ में भावनपुर थाने के दो सिपाहियों पर हिस्ट्रीशीटर और उसके साथियों के साथ मिलकर लूट-ठगी कराने और आरोपियों को बचाने का आरोप लगा है। पुलिस ने दोनों सिपाही समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। आरोपियों के कब्जे से 25 हजार रुपये, असली नोट लगीं 37 कागज की गड्डियां, तमंचा, मोबाइल और बाइक बरामद की गई है।

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Police-Criminal Nexus Exposed in Meerut: Two Constables Among Five Arrested in Robbery and Fraud Case
पुलिस गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेरठ के भावनपुर थाने में तैनात दो सिपाहियों और ज्ञानपुर के हिस्ट्रीशीटर साजिद उर्फ पिस्टल के कथित गठजोड़ से लूट और ठगी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह कागज की गड्डियों के ऊपर और नीचे असली नोट लगाकर लोगों को नकली नोट देने का झांसा देकर ठगी करता था।

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आरोप है कि दोनों सिपाही गिरोह के सदस्यों से कहते थे कि वे वारदात करें, उन्हें बचा लिया जाएगा। मवाना निवासी इरशाद से लूट की शिकायत के बाद जांच में सिपाहियों की कथित संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने दोनों सिपाही, हिस्ट्रीशीटर और उसके दो साथियों समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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लूट की शिकायत के बाद खुला सिपाहियों की मिलीभगत का राज
मवाना निवासी इरशाद ने भावनपुर थाने में शिकायत दी थी कि सोमवार को वह अपनी बहन के घर भावनपुर जा रहा था। रास्ते में कुछ युवकों ने उसे रोक लिया और आरोप है कि उससे 50 हजार रुपये लूट लिए। इरशाद ने सिपाही आशीष और प्रसन्नजीत की भी आरोपियों से मिलीभगत का शक जताया था।
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वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच के दौरान सिपाहियों की कथित संलिप्तता सामने आई। पुलिस ने ज्ञानपुर में ट्यूबवैल पर लूटे गए नोटों का बंटवारा करते हुए हिस्ट्रीशीटर साजिद और उसके दो साथियों को हिरासत में लिया।

एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति के निर्देश पर सोमवार रात पांचों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। दोनों सिपाहियों को निलंबित भी कर दिया गया है।

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25 हजार रुपये और 37 कागज की गड्डियां बरामद
पुलिस के अनुसार, आरोपियों के कब्जे से 25 हजार रुपये और 100, 200 व 500 रुपये के असली नोट ऊपर-नीचे लगे 37 कागज की गड्डियां बरामद हुई हैं। इसके अलावा एक तमंचा, दो मोबाइल और एक बाइक भी मिली है। आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि लूट के दौरान कई नोट सड़क पर गिर गए थे।

एसपी देहात अभिजीत कुमार के अनुसार, गिरोह का नेटवर्क मेरठ के अलावा आसपास के जिलों और एनसीआर तक फैला हुआ है। गिरोह के सदस्यों द्वारा मुजफ्फरनगर और गौतमबुद्ध नगर समेत अन्य स्थानों पर भी ठगी की वारदात किए जाने की जानकारी मिली है।

नकली नोट के नाम पर कागज की गड्डियों से करते थे ठगी
पुलिस के अनुसार, हिस्ट्रीशीटर साजिद और उसके साथी राहगीरों और अनजान लोगों से संपर्क करते थे। उन्हें बताया जाता था कि उनके पास उच्च गुणवत्ता वाले नकली नोट हैं। भरोसा दिलाने के लिए आरोपी असली नोट देकर कहते थे कि इसे कहीं भी चलाकर देखा जा सकता है।

इसके बाद कागज की गड्डियां दिखाकर उन्हें नकली नोटों के नाम पर बेच दिया जाता था। इन गड्डियों के ऊपर और नीचे एक-एक असली नोट लगा होता था, जबकि बीच में कागज होते थे। पुलिस के अनुसार, शिकायत होने पर दोनों सिपाही आरोपियों की मदद करते और उन्हें कार्रवाई से बचाने का प्रयास करते थे।

जांच में यह बात भी सामने आई है कि नकली नोट के नाम पर कागज की गड्डियां खरीदने वालों को सिपाहियों द्वारा मौके पर पकड़कर वसूली किए जाने का आरोप है। अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की भी गोपनीय जांच की जा रही है।

वारदात वाले दिन सिपाहियों से कई बार हुई बातचीत
पुलिस जांच में वारदात वाले दिन गिरोह के सदस्य फैजान और सिपाहियों के बीच कई बार बातचीत की जानकारी सामने आई है।

सुबह 10 बजे फैजान ने सिपाही को व्हाट्सएप कॉल और मैसेज किया। 10:08 बजे सिपाही प्रसन्नजीत ने मैसेज का जवाब दिया। इसके बाद 10:23 और 10:28 बजे सिपाही ने फैजान को वॉइस नोट और कॉल की। दोपहर 12:14 बजे करीब दो मिनट तक वॉइस कॉल हुई। इसके बाद दोपहर 2:02 और 2:04 बजे भी दोनों के बीच वॉइस कॉल पर बातचीत हुई।

पांच महीने पहले ही मिली थी दोनों सिपाहियों को पहली तैनाती
हाथरस के टीकरी कलां गांव निवासी प्रसन्नजीत आनंद और नगला मेवा गांव निवासी आशीष वर्ष 2025 बैच के सिपाही हैं। दोनों पहले से एक-दूसरे के परिचित बताए गए हैं। करीब पांच महीने पहले ही दोनों को भावनपुर थाने में पहली तैनाती मिली थी।

आशीष हसनपुर पुलिस चौकी पर तैनात था। इसी दौरान उसके किनानगर निवासी फैजान और उसके माध्यम से हिस्ट्रीशीटर साजिद के संपर्क में आने की बात सामने आई। प्रसन्नजीत उस समय बीट सिपाही था। पुलिस के अनुसार, आशीष ने उसे भी गिरोह में शामिल कर लिया।

एसएसपी ने बताया कि वारदात में किसी अन्य पुलिसकर्मी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पूछताछ में सामने आए नए नामों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई किए जाने की बात भी कही है।

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